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यात्रियों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा
Updated Tue, 13 Jun 2017 09:15 PM IST
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रोडवेज बसों का चक्का जाम, प्राइवेट वाहन चालकों ने कूटी चांदी
समालखा। रोडवेज बसों के चक्का जाम के कारण दिनभर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं प्राइवेट मैक्सी कैब और अन्य वाहन चालकों ने इसका फायदा उठाते हुए जमकर चांदी कूटी। रोडवेज के चक्का जाम होने के कारण आमजन अड्डे पर अपने गंतव्य को जाने के लिए इधर-उधर दौड़ता नजर आया।
उल्लेखनीय है कि रोडवेज यूनियन द्वारा निजी बसों को स्टेज कैरिज के तहत परमिट दिए जाने का विरोध किया जा रहा है। इसको लेकर मंगलवार को रोडवेज यूनियनों ने प्रदेश स्तरीय चक्काजाम कर दिया। दो महीने में दो बार चक्काजाम यूनियनों द्वारा किया गया है। मंगलवार सुबह पुराने बस अड्डे पर अपने गंतव्यों को जाने को लेकर विद्यार्थी, नौकरीपेशा और अन्य सवारियां काफी देर तक खड़ी रही। लेकिन बसों के नहीं आनेे के कारण उन्हें प्राईवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा। महिलाओं, बच्चों को काफी दिक्कत हुई। प्राईवेट वाहन चालकों ने भी सारे नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए क्षमता से ज्यादा सवारियों को भरा और गंतव्य तक छोड़ा। लोगों का कहना था कि रोडवेज यूनियन के चक्का जाम को देखते हुए सरकार द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
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समालखा। रोडवेज बसों के चक्का जाम के कारण दिनभर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं प्राइवेट मैक्सी कैब और अन्य वाहन चालकों ने इसका फायदा उठाते हुए जमकर चांदी कूटी। रोडवेज के चक्का जाम होने के कारण आमजन अड्डे पर अपने गंतव्य को जाने के लिए इधर-उधर दौड़ता नजर आया।
उल्लेखनीय है कि रोडवेज यूनियन द्वारा निजी बसों को स्टेज कैरिज के तहत परमिट दिए जाने का विरोध किया जा रहा है। इसको लेकर मंगलवार को रोडवेज यूनियनों ने प्रदेश स्तरीय चक्काजाम कर दिया। दो महीने में दो बार चक्काजाम यूनियनों द्वारा किया गया है। मंगलवार सुबह पुराने बस अड्डे पर अपने गंतव्यों को जाने को लेकर विद्यार्थी, नौकरीपेशा और अन्य सवारियां काफी देर तक खड़ी रही। लेकिन बसों के नहीं आनेे के कारण उन्हें प्राईवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा। महिलाओं, बच्चों को काफी दिक्कत हुई। प्राईवेट वाहन चालकों ने भी सारे नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए क्षमता से ज्यादा सवारियों को भरा और गंतव्य तक छोड़ा। लोगों का कहना था कि रोडवेज यूनियन के चक्का जाम को देखते हुए सरकार द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
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