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100 करोड़ रुपये की भूमि खरीद क्लस्टर बनाने पर उद्यमियों को 40 करोड़ की सहायता
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पानीपत। सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए वीरवार को उद्यमियों के साथ बैठक की गई। जहां उन्हें बताया गया कि 100 करोड़ रुपये की भूमि खरीद क्लस्टर बनाने वाले उद्यमियों को 40 करोड़ रुपये की सहायता केंद्र सरकार देगी। सरकार चाहती है कि उद्यमी भूमि खरीदकर खुद क्लस्टर बनाए और उद्योग स्थापित करें। शहर में चल रहीं फैक्टरियां भी क्लस्टर में स्थापित होंगी।
एमएसएमई के डायरेक्टर संजीव चावला वीरवार को पानीपत पहुंचे और सेक्टर-29 में डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा के कार्यालय में उद्यमियों के साथ बैठक की। उन्होंने उद्यमियों को सरकार की योजनाओं से अवगत कराया। उद्यमियों ने डायरेक्टर से मांग की है कि पानीपत को कॉमन बॉयलर की सौगात मिले ताकि पानीपत से उद्योगों का पलायन रुक सके। डायरेक्टर ने इस संबंध में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग एवं एमएसएमई के प्रमुख के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया है।
एमएसएमई डायरेक्टर ने कहा कि सरकार की सोच है कि उद्यमियों को कुशल श्रम दिया जाए। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उद्योग में लगाई जाने वाली थ्री मोटर से ऊर्जा की बचत होगी। इसके लिए सरकार सब्सिडी दी जा रही है। सरकार इंडस्ट्री के लिए क्लस्टर बनाने पर जोर दे रही है।
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डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने कहा कि उद्यमियों को सबसे अधिक जरूरत कॉमन बॉयलर की है। एक्यूसीएम ने 30 सितंबर 2022 तक सभी उद्यमियों को पीएनजी का कनेक्शन लेने को कहा है। जिस उद्यमी के पास पीएनजी का कनेक्शन नहीं होगा, उस उद्योग पर ताला लगा दिया जाएगा। उद्यमियों को बायोमास का इस्तेमाल करना होगा।
कोयले के इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध होगा। ऐसे में उद्यमियों के सामने पलायन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। उद्यमी पंजाब व उत्तराखंड की ओर पलायन करने को देख रहे हैं। उनकी सरकार से मांग है कि या तो पीएनजी कनेक्शन के लिए सब्सिडी दे या फिर कॉमन बॉयलर लगाए। इस मौके पर ईश कुमार राणा, प्रवीण मित्तल, संयुक्त सचिव पंकज चुघ, ऋषभ नारंग व नितिन अरोरा मौजूद रहे।
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एमएसएमई के डायरेक्टर संजीव चावला वीरवार को पानीपत पहुंचे और सेक्टर-29 में डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा के कार्यालय में उद्यमियों के साथ बैठक की। उन्होंने उद्यमियों को सरकार की योजनाओं से अवगत कराया। उद्यमियों ने डायरेक्टर से मांग की है कि पानीपत को कॉमन बॉयलर की सौगात मिले ताकि पानीपत से उद्योगों का पलायन रुक सके। डायरेक्टर ने इस संबंध में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग एवं एमएसएमई के प्रमुख के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया है।
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एमएसएमई डायरेक्टर ने कहा कि सरकार की सोच है कि उद्यमियों को कुशल श्रम दिया जाए। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उद्योग में लगाई जाने वाली थ्री मोटर से ऊर्जा की बचत होगी। इसके लिए सरकार सब्सिडी दी जा रही है। सरकार इंडस्ट्री के लिए क्लस्टर बनाने पर जोर दे रही है।
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डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने कहा कि उद्यमियों को सबसे अधिक जरूरत कॉमन बॉयलर की है। एक्यूसीएम ने 30 सितंबर 2022 तक सभी उद्यमियों को पीएनजी का कनेक्शन लेने को कहा है। जिस उद्यमी के पास पीएनजी का कनेक्शन नहीं होगा, उस उद्योग पर ताला लगा दिया जाएगा। उद्यमियों को बायोमास का इस्तेमाल करना होगा।
कोयले के इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध होगा। ऐसे में उद्यमियों के सामने पलायन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। उद्यमी पंजाब व उत्तराखंड की ओर पलायन करने को देख रहे हैं। उनकी सरकार से मांग है कि या तो पीएनजी कनेक्शन के लिए सब्सिडी दे या फिर कॉमन बॉयलर लगाए। इस मौके पर ईश कुमार राणा, प्रवीण मित्तल, संयुक्त सचिव पंकज चुघ, ऋषभ नारंग व नितिन अरोरा मौजूद रहे।