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Panipat News: नागरिक अस्पताल से बिना दवा लाैटे 250 मरीज
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पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के पूरा समय ओपीडी में न बैठने पर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अस्पताल में दोपहर बाद एक बजे ही कमरा नंबर 3, 12, 13 और 15 के चिकित्सक का पंजीकरण बंद कर दिया। अस्पताल से करीब 250 मरीजों को बिना दवा लौटना पड़ा। इससे मरीजों ने रोष प्रकट किया।जिला नागरिक अस्पताल में सुबह आठ बजे ही मरीजों ने आना शुरू कर दिया। अस्पताल में सुबह नौ बजे ही पंजीकरण शुरू कर दिया। खिड़कियों पर लंबी लाइन लग गई। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
लोगों को पंजीकरण के बाद चिकित्सक कक्ष के बाहर लाइन लग गई। दोपहर एक बजे ही चार चिकित्सकों का पंजीकरण बंद कर दिया गया। मरीजों को खिड़की से वापस आना पड़ा। जावा कॉलोनी के कृष्ण कुमार ने बताया कि उनके पैर में सूजन है। वे सुबह आठ बजे अस्पताल में आ गए थे। उनको तीन नंबर की पर्ची बनाकर दी। उनकी बजाय 11 साल के बच्चे के नाम का पंजीकरण करा दिया। चिकित्सक ने इस पंजीकरण पर जांच करने से इन्कार कर दिया। उनको बिना दवा लौटना पड़ा। बापौली के विजय ने बताया कि अस्पताल में सुबह ही आ गए थे। उनको पूरा दिन लाइन में लगने के बाद भी इलाज नहीं मिला।
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अस्पताल में दोपहर बाद एक बजे ही कमरा नंबर 3, 12, 13 और 15 के चिकित्सक का पंजीकरण बंद कर दिया। अस्पताल से करीब 250 मरीजों को बिना दवा लौटना पड़ा। इससे मरीजों ने रोष प्रकट किया।जिला नागरिक अस्पताल में सुबह आठ बजे ही मरीजों ने आना शुरू कर दिया। अस्पताल में सुबह नौ बजे ही पंजीकरण शुरू कर दिया। खिड़कियों पर लंबी लाइन लग गई। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
लोगों को पंजीकरण के बाद चिकित्सक कक्ष के बाहर लाइन लग गई। दोपहर एक बजे ही चार चिकित्सकों का पंजीकरण बंद कर दिया गया। मरीजों को खिड़की से वापस आना पड़ा। जावा कॉलोनी के कृष्ण कुमार ने बताया कि उनके पैर में सूजन है। वे सुबह आठ बजे अस्पताल में आ गए थे। उनको तीन नंबर की पर्ची बनाकर दी। उनकी बजाय 11 साल के बच्चे के नाम का पंजीकरण करा दिया। चिकित्सक ने इस पंजीकरण पर जांच करने से इन्कार कर दिया। उनको बिना दवा लौटना पड़ा। बापौली के विजय ने बताया कि अस्पताल में सुबह ही आ गए थे। उनको पूरा दिन लाइन में लगने के बाद भी इलाज नहीं मिला।
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