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पानीपत: बिजली निगम की लेटलतीफी से रुका नगर निगम का 25 एमएलडी एसटीपी प्रोजेक्ट
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पानीपत। नगर निगम का बरसत रोड स्थित 25 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रोजेक्ट रुक गया है। इस प्रोजेक्ट के ऊपर से गुजरने वाली 33 केवी की हाईटेंशन तार बिजली निगम आठ माह बाद भी नहीं हटा सका जबकि नगर निगम इसे हटाने के लिए बिजली निगम को करीब 41 लाख रुपये का भुगतान तक कर चुका है। अब अधिकारियों का कहना है कि जब तक बिजली निगम इस तार को नहीं हटाता तब तक काम शुरू नहीं किया जा सकता है। ऐसे में शहर की करीब 20 कॉलोनियों का गंदा पानी ड्रेन के जरिए यमुना में जाने से नहीं रोका जा सकता है।
इस प्रोजेक्ट का खुद सीएम मनोहर लाल दौरा कर चुके हैं। एनजीटी पदाधिकारी भी यहां दौरा कर इसे जल्द से जल्द बनाने के निर्देश दे चुुके हैं। इसके अलावा मंत्रालय की टीम भी इस प्रोजेक्ट का दौरा कर इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दे चुकी है लेकिन समय रहते तार शिफ्ट नहीं किया जा सका।
- जनवरी 2023 तक नगर निगम को पूरा करना है प्रोजेक्ट
नगर निगम को इस प्रोजेक्ट को जनवरी 2023 में पूरा करना था। अब बिजली निगम की लापरवाही से ये प्रोजेक्ट देरी से पूरा होगा। तब तक शहर की इन कॉलोनियों का गंदा पानी यमुना को दूषित करता रहेगा साथ ही हाईटेंशन तार शिफ्ट न होने की वजह से प्रोजेक्ट पर काम करने वाले मजदूरों पर हर समय हादसे का खतरा भी मंडराता रहेगा।
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- नगर निगम कई बार कर चुका है पत्राचार
33 केवी हाईटेंशन तार हटाने के लिए नगर निगम ने बिजली निगम से दिसंबर 2021 में पत्राचार किया। करीब 5 माह बाद 31 मई को बिजली निगम ने नगर निगम से लाइन शिफ्टिंग का फंड मांगा। इसकी एवज मेें नगर निगम 24 जून को करीब 41 लाख रुपये का भुगतान बिजली निगम को कर दिया लेकिन इसके दो माह बाद भी तार शिफ्ट नहीं की सकी।
वर्जन-
बजट देने के बाद भी नहीं शिफ्ट हुई लाइन- निगम
एसटीपी से लाइन शिफ्ट कराने के लिए बिजली निगम को करीब 41 लाख रुपये का बजट भी दिया जा चुका है। कई बार पत्राचार भी किया गया लेकिन अभी तक लाइन शिफ्ट नहीं की गई। इससे एसटीपी के प्रोजेक्ट को पूरा करने में बाधाएं आ रही हैं।
प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम
वर्जन-
इस माह तक करवा देंगे काम- एक्सईएन
33 केवी लाइन को शिफ्ट करना आसान नहीं है। इसलिए इस काम के लिए चार माह का वर्कऑर्डर हुआ है। इसके लिए एजेंसी से लगातार बातचीत भी चल रही है। प्रयास रहेगा कि इस माह में इस लाइन को शिफ्ट करवा दिया जाए।
विनोद गोयल, एक्सईएन सिटी, बिजली निगम।
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इस प्रोजेक्ट का खुद सीएम मनोहर लाल दौरा कर चुके हैं। एनजीटी पदाधिकारी भी यहां दौरा कर इसे जल्द से जल्द बनाने के निर्देश दे चुुके हैं। इसके अलावा मंत्रालय की टीम भी इस प्रोजेक्ट का दौरा कर इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दे चुकी है लेकिन समय रहते तार शिफ्ट नहीं किया जा सका।
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- जनवरी 2023 तक नगर निगम को पूरा करना है प्रोजेक्ट
नगर निगम को इस प्रोजेक्ट को जनवरी 2023 में पूरा करना था। अब बिजली निगम की लापरवाही से ये प्रोजेक्ट देरी से पूरा होगा। तब तक शहर की इन कॉलोनियों का गंदा पानी यमुना को दूषित करता रहेगा साथ ही हाईटेंशन तार शिफ्ट न होने की वजह से प्रोजेक्ट पर काम करने वाले मजदूरों पर हर समय हादसे का खतरा भी मंडराता रहेगा।
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- नगर निगम कई बार कर चुका है पत्राचार
33 केवी हाईटेंशन तार हटाने के लिए नगर निगम ने बिजली निगम से दिसंबर 2021 में पत्राचार किया। करीब 5 माह बाद 31 मई को बिजली निगम ने नगर निगम से लाइन शिफ्टिंग का फंड मांगा। इसकी एवज मेें नगर निगम 24 जून को करीब 41 लाख रुपये का भुगतान बिजली निगम को कर दिया लेकिन इसके दो माह बाद भी तार शिफ्ट नहीं की सकी।
वर्जन-
बजट देने के बाद भी नहीं शिफ्ट हुई लाइन- निगम
एसटीपी से लाइन शिफ्ट कराने के लिए बिजली निगम को करीब 41 लाख रुपये का बजट भी दिया जा चुका है। कई बार पत्राचार भी किया गया लेकिन अभी तक लाइन शिफ्ट नहीं की गई। इससे एसटीपी के प्रोजेक्ट को पूरा करने में बाधाएं आ रही हैं।
प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम
वर्जन-
इस माह तक करवा देंगे काम- एक्सईएन
33 केवी लाइन को शिफ्ट करना आसान नहीं है। इसलिए इस काम के लिए चार माह का वर्कऑर्डर हुआ है। इसके लिए एजेंसी से लगातार बातचीत भी चल रही है। प्रयास रहेगा कि इस माह में इस लाइन को शिफ्ट करवा दिया जाए।
विनोद गोयल, एक्सईएन सिटी, बिजली निगम।