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Panipat News: 24 मकान जर्जर, कार्रवाई नोटिस तक सीमित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 02:53 AM IST
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24 houses dilapidated; action limited to notices.
जीटी रोड सड़क किनारे जर्जर इमारत। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। दिल्ली में जर्जर भवन गिरने से हुए हादसे के बाद भी पानीपत में नगर निगम प्रशासन की ओर से खतरनाक इमारतों को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में करीब 24 मकान और व्यावसायिक भवन जर्जर हालत में हैं। इनमें सबसे ज्यादा जर्जर भवन जैन मोहल्ला और अमर भवन चौक क्षेत्र में बताए जा रहे हैं। ये इमारतें कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
नगर निगम की ओर से भवन मालिकों को कई बार नोटिस जारी करने का दावा किया जाता है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस है। न तो अधिकांश भवन मालिकों ने खुद इन खतरनाक ढांचों को हटाया है और न ही निगम की ओर से इन्हें गिराने की कार्रवाई की गई है।
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दिल्ली हादसे के बाद सोमवार को अमर उजाला ने शहर में जर्जर भवनों की स्थिति का जायजा लिया। जीटी रोड लालबत्ती के आसपास दो और रेलवे रोड पर एक भवन बेहद जर्जर हालत में मिला। इन भवनों के आसपास से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दौरान जर्जर दीवारों और छज्जों से प्लास्टर व ईंटें गिरने का खतरा और बढ़ जाता है।
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ज्यादातर जर्जर मकान खाली पड़े हैं और उनके मालिक दूसरी जगह रह रहे हैं। इनमें कुछ पुश्तैनी मकान हैं, जबकि कई संपत्तियों को लेकर अदालत में मामले भी चल रहे हैं। ऐसे में इन भवनों की मरम्मत या उन्हें गिराने का मामला लंबे समय से अटका हुआ है।
समाजसेवी विकास अग्रवाल ने कहा कि शहर की तंग गलियों में खड़ी ये जर्जर इमारतें किसी टाइम बम से कम नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि
निगम को केवल नोटिस की औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। खतरनाक ढांचों को नियमानुसार हटाकर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
जर्जर भवनों का डर, स्थानीय लोगों की जुबानी- केवल नोटिस दिए गए
राजेश जैन ने बताया कि लोगों को जर्जर मकानों के आसपास से गुजरते समय हमेशा हादसे का डर बना रहता है। जैन मोहल्ले में कई इतने पुराने हो चुके हैं कि उनकी ईंटें और प्लास्टर आए दिन नीचे गिरते रहते हैं। कई बार निगम अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन केवल नोटिस दिए गए।
अमर भवन चौक के दुकानदार रमेश कुमार ने बताया कि उनके प्रतिष्ठान के ठीक पास एक बहुमंजिला जर्जर इमारत खड़ी है। ग्राहकों और राहगीरों को हमेशा इसके गिरने का डर बना रहता है। दिल्ली हादसे के बाद तो लोगों में खौफ और बढ़ गया है। प्रशासन को इस इमारत के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
राहगीर अमित शर्मा ने बताया कि नगर निगम केवल हादसे का इंतजार करता नजर आ रहा है। जब कोई बड़ा नुकसान हो जाता है, तब अधिकारी जागते हैं। जर्जर इमारतों के पास से गुजरते समय हमेशा अनहोनी का डर सताता रहता है।


शहर के जर्जर और खतरनाक भवनों को चिह्नित कर उनके मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिन मकान मालिकों ने नोटिस के बाद भी इमारतों को नहीं हटाया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही निगम की टीम विशेष अभियान चलाकर इन जर्जर ढांचों को ढहाने की कार्रवाई करेगी। - डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम

जीटी रोड सड़क किनारे जर्जर इमारत। संवाद

जीटी रोड सड़क किनारे जर्जर इमारत। संवाद

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