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बैंक से पेमेंट ना होने के कारण कंपनी ने हाइवे का काम रोका, अब तक 40 प्रतिशत काम ही हुआ पूरा, एचएचएआई कंपनी पर कर सकता है कार्रवा
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पेमेंट न होने पर कंपनी ने हाइवे का काम रोका
संदीप भौरिया, अशोक शर्मा
पानीपत। दिल्ली में मुकरबा चौक से पानीपत के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग - 44 पर 70 किलोमीटर तक चौड़ीकरण का काम चार महीनों से बंद है जिसके कारण यात्रियों को विशेष रूप से धुंध के मौसम में समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। 2128.72 करोड़ रुपये की 12- लेन की परियोजना का काम अब तक केवल 40 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। हाइवे का काम बंद होने का मुख्य कारण बैंकों द्वारा कंपनी को पेमेंट नहीं करना है। कंपनी ने इसी से परेशान होकर 70 किलोमीटर तक हो रहे हाइवे के निर्माण को रोक दिया है। इसी कारण रात को कई बार बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं। अब एनएचएआई जल्द कंपनी को नोटिस देकर कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
परियोजना के विवरण अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नवंबर 2015 में आधारशिला रखी गई थी। परियोजना पर काम अप्रैल 2019 तक पूरा किया जाना है और एस्सेल इंफ्रा परियोजना कंपनी बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर पर सड़क का निर्माण कर रही है। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि इस खंड में 29 छोटे पुल, 10 फ्लाईओवर, पांच वाहन अंडरपास, पांच यात्री अंडरपास, 11 फुट ओवर ब्रिज और 15 प्रमुख सड़क जंक्शन हैं। यातायात को प्रभावित किए बिना प्रमुख सड़क जंक्शनों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जाना है। इसके अलावा इस खंड में दोनों ओर 8 मुख्य कैरिज लेन और 4 सर्विस लेन होंगी। भूमि अधिग्रहण के कारण परियोजना को शुरू करने में देरी हुई थी। दिल्ली और हरियाणा क्षेत्र में अतिक्रमण और अतिक्रमणों को हटाया गया। सूत्रों ने कहा कि अब कंपनियों ने करीब चार महीने पहले फ्लाईओवर, अंडरपास, सर्विस लेन आदि सभी साइटों पर काम रोक दिया।
चार माह में अधूरे हाइवे के कारण हुए 44 हादसे
गन्नौर से पानीपत के बीच समालखा के पास हादवे का काम अधूरा पड़ा है। हाइवे को उखाड़ रखा है। समालखा में तीन जगहों पर रोड को डायवर्ट कर रखा है। चार माह में इन डायवर्सन पर 44 सड़क हादसे हो चुके हैं। इनमें पांच लोगों की जान गई।
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हाइवे से हर रोज गुजरते हैं लगभग 90 हजार वाहन
ये हाइवे दिल्ली को हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व जम्मू कश्मीर से जोड़ता है। दिल्ली की ओर आने व जाने वाले करीब 90 हजार वाहन यहीं से गुजरते हैं इसलिए अधूरे पड़े कार्यों से वाहन चालकों को परेशानियां होती है।
हाइवे का काम अधूरा फिर भी ले रहे टोल टैक्स
हाइवे का काम चार माह से रुका हुआ है। अब तक हाइवे के 12 लेन का होने वाला निर्माण कार्य मात्र 40 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। बावजूद इसके हादवे की सुविधा के नाम पर मुरथल के पास टोल प्लाजा लगाकर लोगों से टोल टैक्स लिया जा रहा है। हर रोज लगभग करीब 45 लाख रुपये लोगों से टोल टैक्स के रूप में लिए जाते हैं।
कंपनी को कई बार दिए नोटिस : एनएचएआई अधिकारी
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनियों द्वारा वित्तीय संकट के कारण काम बंद कर दिया था। काम बंद करने के कारण, यात्रियों को रातों में कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, विशेष रूप से धूमिल मौसम में, क्योंकि सेवा लेन, मुख्य राजमार्ग और सड़क के किनारों को परियोजना के चौड़ीकरण के लिए कई स्थानों पर खोदा गया था। यात्रियों को नियमित ट्रैफिक जाम, फ्लाइंग-डस्ट, अन-मार्क रोड कट्स सहित अन्य का सामना करने के लिए मजबूर हो रहे हैा। एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निर्माण कंपनी को कई नोटिस दिए जा चुके हैं। अनुबंध की शर्त के अनुसार कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। एनएचएआई ने आश्वासन दिया है कि इस महीने के अंत तक काम शुरू हो जाएगा।
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संदीप भौरिया, अशोक शर्मा
पानीपत। दिल्ली में मुकरबा चौक से पानीपत के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग - 44 पर 70 किलोमीटर तक चौड़ीकरण का काम चार महीनों से बंद है जिसके कारण यात्रियों को विशेष रूप से धुंध के मौसम में समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। 2128.72 करोड़ रुपये की 12- लेन की परियोजना का काम अब तक केवल 40 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। हाइवे का काम बंद होने का मुख्य कारण बैंकों द्वारा कंपनी को पेमेंट नहीं करना है। कंपनी ने इसी से परेशान होकर 70 किलोमीटर तक हो रहे हाइवे के निर्माण को रोक दिया है। इसी कारण रात को कई बार बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं। अब एनएचएआई जल्द कंपनी को नोटिस देकर कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
परियोजना के विवरण अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नवंबर 2015 में आधारशिला रखी गई थी। परियोजना पर काम अप्रैल 2019 तक पूरा किया जाना है और एस्सेल इंफ्रा परियोजना कंपनी बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर पर सड़क का निर्माण कर रही है। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि इस खंड में 29 छोटे पुल, 10 फ्लाईओवर, पांच वाहन अंडरपास, पांच यात्री अंडरपास, 11 फुट ओवर ब्रिज और 15 प्रमुख सड़क जंक्शन हैं। यातायात को प्रभावित किए बिना प्रमुख सड़क जंक्शनों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जाना है। इसके अलावा इस खंड में दोनों ओर 8 मुख्य कैरिज लेन और 4 सर्विस लेन होंगी। भूमि अधिग्रहण के कारण परियोजना को शुरू करने में देरी हुई थी। दिल्ली और हरियाणा क्षेत्र में अतिक्रमण और अतिक्रमणों को हटाया गया। सूत्रों ने कहा कि अब कंपनियों ने करीब चार महीने पहले फ्लाईओवर, अंडरपास, सर्विस लेन आदि सभी साइटों पर काम रोक दिया।
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चार माह में अधूरे हाइवे के कारण हुए 44 हादसे
गन्नौर से पानीपत के बीच समालखा के पास हादवे का काम अधूरा पड़ा है। हाइवे को उखाड़ रखा है। समालखा में तीन जगहों पर रोड को डायवर्ट कर रखा है। चार माह में इन डायवर्सन पर 44 सड़क हादसे हो चुके हैं। इनमें पांच लोगों की जान गई।
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हाइवे से हर रोज गुजरते हैं लगभग 90 हजार वाहन
ये हाइवे दिल्ली को हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व जम्मू कश्मीर से जोड़ता है। दिल्ली की ओर आने व जाने वाले करीब 90 हजार वाहन यहीं से गुजरते हैं इसलिए अधूरे पड़े कार्यों से वाहन चालकों को परेशानियां होती है।
हाइवे का काम अधूरा फिर भी ले रहे टोल टैक्स
हाइवे का काम चार माह से रुका हुआ है। अब तक हाइवे के 12 लेन का होने वाला निर्माण कार्य मात्र 40 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। बावजूद इसके हादवे की सुविधा के नाम पर मुरथल के पास टोल प्लाजा लगाकर लोगों से टोल टैक्स लिया जा रहा है। हर रोज लगभग करीब 45 लाख रुपये लोगों से टोल टैक्स के रूप में लिए जाते हैं।
कंपनी को कई बार दिए नोटिस : एनएचएआई अधिकारी
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनियों द्वारा वित्तीय संकट के कारण काम बंद कर दिया था। काम बंद करने के कारण, यात्रियों को रातों में कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, विशेष रूप से धूमिल मौसम में, क्योंकि सेवा लेन, मुख्य राजमार्ग और सड़क के किनारों को परियोजना के चौड़ीकरण के लिए कई स्थानों पर खोदा गया था। यात्रियों को नियमित ट्रैफिक जाम, फ्लाइंग-डस्ट, अन-मार्क रोड कट्स सहित अन्य का सामना करने के लिए मजबूर हो रहे हैा। एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निर्माण कंपनी को कई नोटिस दिए जा चुके हैं। अनुबंध की शर्त के अनुसार कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। एनएचएआई ने आश्वासन दिया है कि इस महीने के अंत तक काम शुरू हो जाएगा।