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हाईकोर्ट के आदेशों को मानने व डीसी को जानकारी नहीं देने वाले तहसीलदार, डीडीपीओ व बीडीपीओ की चार्जसीट की भेजी सिफारिश, अस्सीसटेंट
Updated Mon, 22 Oct 2018 11:35 PM IST
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सरपंच ने किया था जमीन पर कब्जा, नहीं हुई कार्रवाई तो तहसीलदार, डीडीपीओ व बीडीपीओ की चार्जशीट की भेजी सिफारिश, असिस्टेंट सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। डीसी सुमेधा कटारिया ने मतलौडा के तहसीलदार रमेंद्र हुड्डा, डीडीपीओ रूपेंद्र मलिक व बीडीपीओ अशोक छिक्कारा को चार्जशीट की सिफारिश की है। वहीं काम में लापरवाही बरतने व डीसी को गुमराह करने पर असिसटेंट को सस्पेंड कर रिपोर्ट पंचकूला मुख्यालय भेज दी गई है। ये पूरी कार्रवाई मतलौडा के दरियापुर गांव में सरपंच की ओर से पंचायती जमीन पर कब्जा करने के बाद उन पर कार्रवाई न करने पर की गई है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में डीसी को तलब किया था।
हाईकोर्ट ने आठ जनवरी 2018 को भूप सिंह की शिकायत द्वारा याचिका पर सुनवाई करते हुए आठ जनवरी को जमीन की निशानदेही करने के आदेश दिए थे। लेकिन 10 माह बाद भी निशानदेही नहीं की गई। इस बात पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने डीसी सुमेधा कटारिया को तलब किया था। इसके बाद पानीपत की डीसी सुमेधा कटारिया पांच अक्तूबर को हाईकोर्ट में पेश हुईं। उन्होंने हाईकोर्ट को बताया कि अधिकारियों ने उनको इस मामले की जानकारी नहीं दी थी। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी और आदेश जारी किए थे कि 22 अक्तूबर को इस मामले में डीसी कार्रवाई करें और हाईकोर्ट में पूर्ण रिपोर्ट दाखिल करें। हाईकोर्ट के आदेशों को मानते हुए डीसी ने मामले की जांच की और लापरवाही पाए जाने पर डीडीपीओ कार्यालय में तैनात असिसटेंट विरन पोपली को सस्पेंड कर दिया। वहीं उन्होंने इस संबंध में 12 अक्तूबर को डीडीपीओ, बीडीपीओ मतलौडा, तहसीलदार मतलौडा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। 19 अक्तूबर तक इन्होंने जो जवाब मांगा वो संतोषजनक नहीं था। मामले में संबधित अधिकारियों के जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर डीसी ने डीडीपीओ रूपेंद्र मलिक, बीडीपीओ मतलौडा अशोक छिक्कारा, तहसीलदार मतलौडा रविंद्र हुड्डा के खिलाफ हरियाणा सर्विस रूल्स के नियम 7 के तहत चार्जशीट करने की सिफारिश सरकार को कर दी है। संबंधित अधिकारियों की लापरवाही की विस्तृत रिपोर्ट सोमवार को हाईकोर्ट में भी दाखिल कर दी है।
क्या थी याचिका : दरियापुर निवासी भूप सिंह ने गांव के सरपंच रामफल सैनी के खिलाफ शिकायत दाखिल की थी कि उसने पंचायती भूमि पर अवैध कब्जा किया हुआ है। इस मामले में उन्होंने व्यक्तिगत निशानदेही करवाकर कब्जा साबित भी कर दिया था। इसके बावजूद फैसला सरपंच के हक में कर दिया गया था। इस बात से नाराज होकर शिकायतकर्ता ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
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अधिकारियों को चार्जशीट की सिफारिश व असिसटेंट को किया सस्पेंड : डीसी
ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले तीन अधिकारियों के खिलाफ रूल 7 में चार्जशीट की सिफारिश कर दी गई है। वहीं एक असिसटेंट को सस्पेंड कर दिया गया है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोर्ट में मामलों की पैरवी करने के लिए सेकेंड क्लास के अधिकारी जाएंगे। कर्मचारी कोर्ट में मामलों की पैरवी नहीं करेंगे।
-सुमेधा कटारिया, डीसी पानीपत।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। डीसी सुमेधा कटारिया ने मतलौडा के तहसीलदार रमेंद्र हुड्डा, डीडीपीओ रूपेंद्र मलिक व बीडीपीओ अशोक छिक्कारा को चार्जशीट की सिफारिश की है। वहीं काम में लापरवाही बरतने व डीसी को गुमराह करने पर असिसटेंट को सस्पेंड कर रिपोर्ट पंचकूला मुख्यालय भेज दी गई है। ये पूरी कार्रवाई मतलौडा के दरियापुर गांव में सरपंच की ओर से पंचायती जमीन पर कब्जा करने के बाद उन पर कार्रवाई न करने पर की गई है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में डीसी को तलब किया था।
हाईकोर्ट ने आठ जनवरी 2018 को भूप सिंह की शिकायत द्वारा याचिका पर सुनवाई करते हुए आठ जनवरी को जमीन की निशानदेही करने के आदेश दिए थे। लेकिन 10 माह बाद भी निशानदेही नहीं की गई। इस बात पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने डीसी सुमेधा कटारिया को तलब किया था। इसके बाद पानीपत की डीसी सुमेधा कटारिया पांच अक्तूबर को हाईकोर्ट में पेश हुईं। उन्होंने हाईकोर्ट को बताया कि अधिकारियों ने उनको इस मामले की जानकारी नहीं दी थी। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी और आदेश जारी किए थे कि 22 अक्तूबर को इस मामले में डीसी कार्रवाई करें और हाईकोर्ट में पूर्ण रिपोर्ट दाखिल करें। हाईकोर्ट के आदेशों को मानते हुए डीसी ने मामले की जांच की और लापरवाही पाए जाने पर डीडीपीओ कार्यालय में तैनात असिसटेंट विरन पोपली को सस्पेंड कर दिया। वहीं उन्होंने इस संबंध में 12 अक्तूबर को डीडीपीओ, बीडीपीओ मतलौडा, तहसीलदार मतलौडा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। 19 अक्तूबर तक इन्होंने जो जवाब मांगा वो संतोषजनक नहीं था। मामले में संबधित अधिकारियों के जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर डीसी ने डीडीपीओ रूपेंद्र मलिक, बीडीपीओ मतलौडा अशोक छिक्कारा, तहसीलदार मतलौडा रविंद्र हुड्डा के खिलाफ हरियाणा सर्विस रूल्स के नियम 7 के तहत चार्जशीट करने की सिफारिश सरकार को कर दी है। संबंधित अधिकारियों की लापरवाही की विस्तृत रिपोर्ट सोमवार को हाईकोर्ट में भी दाखिल कर दी है।
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क्या थी याचिका : दरियापुर निवासी भूप सिंह ने गांव के सरपंच रामफल सैनी के खिलाफ शिकायत दाखिल की थी कि उसने पंचायती भूमि पर अवैध कब्जा किया हुआ है। इस मामले में उन्होंने व्यक्तिगत निशानदेही करवाकर कब्जा साबित भी कर दिया था। इसके बावजूद फैसला सरपंच के हक में कर दिया गया था। इस बात से नाराज होकर शिकायतकर्ता ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
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अधिकारियों को चार्जशीट की सिफारिश व असिसटेंट को किया सस्पेंड : डीसी
ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले तीन अधिकारियों के खिलाफ रूल 7 में चार्जशीट की सिफारिश कर दी गई है। वहीं एक असिसटेंट को सस्पेंड कर दिया गया है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोर्ट में मामलों की पैरवी करने के लिए सेकेंड क्लास के अधिकारी जाएंगे। कर्मचारी कोर्ट में मामलों की पैरवी नहीं करेंगे।
-सुमेधा कटारिया, डीसी पानीपत।