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रिसोर्स मैनेजमेंट एंड फूड सिक्योरिटी विषय पर राजकीय विद्यालय जाटल ने हासिल किया प्रथम स्थान
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:26 AM IST
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45वीं जवाहरलाल नेहरू नेशनल साइंस, मैथमेटिक्स एंड एनवायरमेंट एग्जीबिशन-2018 में 35 स्कूल ने 50 मॉडल किए प्रदर्शित
पेज चार-लीड
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। बाल वैज्ञानिकों ने जिला स्तर पर 45वीं जवाहरलाल नेहरू नेशनल साइंस, मैथमेटिक्स एंड एनवायरमेंट एग्जीबिशन-2018 में अपने मॉडल की प्रस्तुतियों से समस्याओं का समाधान दिखाया। विद्यार्थी इसको लेकर काफी उत्साहित नजर आए। यहीं नहीं विद्यार्थियों ने मॉडलों की कार्यप्रणाली व आज के जीवन में उसकी विशेषता के बारे में भी बतलाया।
45वीं जवाहरलाल नेहरू नेशनल साइंस, मैथमेटिक्स एंड एनवायरमेंट एग्जीबिशन-2018 (जेएनएनएसएमईई) का आयोजन जीटी रोड स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में किया गया। जिसमें इनोवेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट थीम पर विद्यार्थियों द्वारा मॉडलों की प्रदर्शनी लगाई गई। जिसके अंतर्गत सब थीम हेल्थ एंड वेल बिंग, रिसोर्स मैनेजमेंट एंड फूड सिक्योरिटी, वेस्ट मैनेजमेंट एंड वाटर बॉडी कंजर्वेशन, ट्रांसपोर्ट एंड कम्युनिकेशन, डिजिटल एंड टैक्नोलॉजी सोल्यूशन, मैथमेटिक्स मॉडलिंग व अन्य विषयों पर प्रदर्शनी प्रस्तुत की। प्रदर्शनी में जिले भर के सरकारी व गैर सरकारी 35 विद्यालयों के 100 विद्यार्थियों ने अपने 50 मॉडलों को एग्जीबिशन में प्रदर्शित किया।
यह रहा परिणाम
हेल्थ एंड वेल बिंग थींम में राजकीय विद्यालय ऑटा ने प्रथम, राजकीय विद्यालय जाटल ने द्वितीय और राजकीय विद्यालय कालखा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रिसोर्स मैनेजमेंट एंड फूड सिक्योरिटी में राजकीय विद्यालय जाटल ने प्रथम, राजकीय विद्यालय मच्छरौली ने द्वितीय और आरोही मॉडल स्कूल छाजपुर कला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वेस्ट मैनेजमेंट एंड वाटर बॉडी कंजर्वेशन में राजकीय विद्यालय जाटल ने प्रथम, राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल समालखा ने द्वितीय और राजकीय विद्यालय सींक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। ट्रांसपोर्ट एंड कम्यूनिकेशन में आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल छाजपुर कलां ने प्रथम, राजकीय विद्यालय जौरासी ने द्वितीय और राजकीय विद्यालय जाटल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। डिजिटल एंड टेक्नोलॉजी सोल्यूशन राजकीय विद्यालय नौल्था ने प्रथम, राजकीय विद्यालय मतलौडा ने द्वितीय और राजकीय विद्यालय डाहर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मैथमेटिक्स मॉडलिंग में राजकीय विद्यालय इसराना ने प्रथम, राजकीय कन्या विद्यालय मतलौडा ने द्वितीय और राजकीय विद्यालय जाटल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
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कोट्स
राजकीय कन्या उच्च विद्यालय अहर की छात्रा तनु, शिवानी व सलोनी ने बताया कि उन्होंने प्रदर्शनी में एंटी स्मॉक गन का मॉडल प्रस्तुत की। एंटी स्मॉग गन का प्रयोग धुंध व अधिक कोहरे को दूर करने के लिए किया जा सकता है। जिससे धुंध व कोहरे में होने वाले सड़क हादसों को कम किया जा सकता है। वहीं इसकी प्रयोग दिवाली पर पटाखों के प्रदूषण को करने के लिए भी किया जा सकता है।
कोट्स
राजकीय कन्या सीसे स्कूल इसराना की पूजा ने प्रदूषण दूर करने का मॉडल प्रस्तुत किया। उसने बताया कि आजकल पेट्रोल व डीजल वाले वाहनों के कारण अधिक प्रदूषण होता है। जिससे अधिक प्रदूषण होता है। प्रदूषण से छूटकारा पाने के लिए सीएनजी वाहनों का अधिक प्रयोग करना चाहिए।
कोट्स
राजकीय सीसे स्कूल समालखा के छात्र कमलजीत ने सड़क पर लगी लाइटों को सेंसर से जोड़कर बिजली बचत करने का मॉडल तैयार किया। जिसमें सड़क पर जैसे ही वाहन जाएंगे, तभी ही सेंसर युक्त लाइट जलेगी। इससे सारा रात जलने वाली लाइटों से अधिक बिजली खप्त को कम किया जा सकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। बाल वैज्ञानिकों ने जिला स्तर पर 45वीं जवाहरलाल नेहरू नेशनल साइंस, मैथमेटिक्स एंड एनवायरमेंट एग्जीबिशन-2018 में अपने मॉडल की प्रस्तुतियों से समस्याओं का समाधान दिखाया। विद्यार्थी इसको लेकर काफी उत्साहित नजर आए। यहीं नहीं विद्यार्थियों ने मॉडलों की कार्यप्रणाली व आज के जीवन में उसकी विशेषता के बारे में भी बतलाया।
45वीं जवाहरलाल नेहरू नेशनल साइंस, मैथमेटिक्स एंड एनवायरमेंट एग्जीबिशन-2018 (जेएनएनएसएमईई) का आयोजन जीटी रोड स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में किया गया। जिसमें इनोवेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट थीम पर विद्यार्थियों द्वारा मॉडलों की प्रदर्शनी लगाई गई। जिसके अंतर्गत सब थीम हेल्थ एंड वेल बिंग, रिसोर्स मैनेजमेंट एंड फूड सिक्योरिटी, वेस्ट मैनेजमेंट एंड वाटर बॉडी कंजर्वेशन, ट्रांसपोर्ट एंड कम्युनिकेशन, डिजिटल एंड टैक्नोलॉजी सोल्यूशन, मैथमेटिक्स मॉडलिंग व अन्य विषयों पर प्रदर्शनी प्रस्तुत की। प्रदर्शनी में जिले भर के सरकारी व गैर सरकारी 35 विद्यालयों के 100 विद्यार्थियों ने अपने 50 मॉडलों को एग्जीबिशन में प्रदर्शित किया।
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हेल्थ एंड वेल बिंग थींम में राजकीय विद्यालय ऑटा ने प्रथम, राजकीय विद्यालय जाटल ने द्वितीय और राजकीय विद्यालय कालखा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रिसोर्स मैनेजमेंट एंड फूड सिक्योरिटी में राजकीय विद्यालय जाटल ने प्रथम, राजकीय विद्यालय मच्छरौली ने द्वितीय और आरोही मॉडल स्कूल छाजपुर कला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वेस्ट मैनेजमेंट एंड वाटर बॉडी कंजर्वेशन में राजकीय विद्यालय जाटल ने प्रथम, राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल समालखा ने द्वितीय और राजकीय विद्यालय सींक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। ट्रांसपोर्ट एंड कम्यूनिकेशन में आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल छाजपुर कलां ने प्रथम, राजकीय विद्यालय जौरासी ने द्वितीय और राजकीय विद्यालय जाटल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। डिजिटल एंड टेक्नोलॉजी सोल्यूशन राजकीय विद्यालय नौल्था ने प्रथम, राजकीय विद्यालय मतलौडा ने द्वितीय और राजकीय विद्यालय डाहर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मैथमेटिक्स मॉडलिंग में राजकीय विद्यालय इसराना ने प्रथम, राजकीय कन्या विद्यालय मतलौडा ने द्वितीय और राजकीय विद्यालय जाटल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
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राजकीय कन्या उच्च विद्यालय अहर की छात्रा तनु, शिवानी व सलोनी ने बताया कि उन्होंने प्रदर्शनी में एंटी स्मॉक गन का मॉडल प्रस्तुत की। एंटी स्मॉग गन का प्रयोग धुंध व अधिक कोहरे को दूर करने के लिए किया जा सकता है। जिससे धुंध व कोहरे में होने वाले सड़क हादसों को कम किया जा सकता है। वहीं इसकी प्रयोग दिवाली पर पटाखों के प्रदूषण को करने के लिए भी किया जा सकता है।
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राजकीय कन्या सीसे स्कूल इसराना की पूजा ने प्रदूषण दूर करने का मॉडल प्रस्तुत किया। उसने बताया कि आजकल पेट्रोल व डीजल वाले वाहनों के कारण अधिक प्रदूषण होता है। जिससे अधिक प्रदूषण होता है। प्रदूषण से छूटकारा पाने के लिए सीएनजी वाहनों का अधिक प्रयोग करना चाहिए।
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राजकीय सीसे स्कूल समालखा के छात्र कमलजीत ने सड़क पर लगी लाइटों को सेंसर से जोड़कर बिजली बचत करने का मॉडल तैयार किया। जिसमें सड़क पर जैसे ही वाहन जाएंगे, तभी ही सेंसर युक्त लाइट जलेगी। इससे सारा रात जलने वाली लाइटों से अधिक बिजली खप्त को कम किया जा सकता है।