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2031 प्लान बनाम 201
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2031 प्लान बनाम 2018 में सेक्टरों की हालत
संदीप भौरिया
पानीपत। सरकार पानीपत के रिहायशी व औद्योगिक क्षेत्रों का 2031 का प्लान बनाने में जुटी है। 2031 तक शहर को कई नए सेक्टर मिलेंगे। लेकिन सरकार फिलहाल सेक्टर वासियों को मूलभूत सुविधाएं देने में पूरी तरह से विफल रही है। रिहायशी सेक्टर 6, 7, 11, 12, 13, 17 व 24 है, लेकिन लोग यहां पानी, सड़कें, पार्कों की देखभाल और सही स्ट्रीट लाइट के लिए आंदोलन करते रहते हैं। लोगों को आज तक यहां पर मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई है। वहीं दूसरी ओर सेक्टर 25 व सेक्टर 29 पार्ट वन व टू औद्योगिक क्षेत्र है, सरकार आज तक उद्योगपतियों को सही सड़कें नहीं दे पाई है। सेक्टर 24 में लोग पानी की समस्या को लेकर काफी परेशान है।
सेक्टरों की हालत:
सेक्टर 6: सेक्टर 6 में सबसे बड़ी समस्या सुरक्षा की है। हालांकि यहां पर पुलिस चौकी है, लेकिन इसके बाद भी आए दिन यहां पर स्नेचिंग की घटनाएं होती रहती है। सेक्टर में सड़कों की हालत भी खस्ता है। आवारा पशुओं के कारण भी यहां के लोग काफी परेशान है।
सेक्टर 7:
सेक्टर 7 में सड़कें, स्ट्रीट लाइट व पार्कों की मरम्मत की बड़ी समस्या है। कई बार लोग सड़कों की मांग को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट चुके हैं।
सेक्टर 13-17:
सेक्टर 13-17 रिहायशी सेक्टरों में से प्रमुख है। यहां पर करीबन 15 लोग रहते हैं। यहां पर प्रशासन अब तक ना तो सही प्रकार से सड़कें दे पाया है और ना ही सुरक्षा। पार्कों की हालत भी यहां पर काफी खस्ता है। स्ट्रीट लाइटों को लेकर लोग अकसर धरने प्रदर्शन करते रहते हैं।
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सेक्टर 11-12:
सेक्टर 11-12 में शहर के तीन विधायक रहते हैं। लगभग 20 हजार लोगों की यहां पर आबादी है। लेकिन सेक्टर 11-12 में स्ट्रीट लाइटें ना होने के कारण अकसर अपराधी घटनाएं होती रहती है। कई बार लोगों के आंदोलन करने के बाद यहां पर सड़कें बनी है।
सेक्टर 25-29
सेक्टर 25-29 में करीबन 7 हजार औद्योगिक ईकाइयां है। 8 किलोमीटर में फैले इन सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं की काफी कमी है। तीन साल पहले इन सेक्टरों में मात्र दो ही सड़कें बनी थी। अब ये भी गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। कई बार सड़कों में गड्ढे होने के कारण बड़े हादसे हो चुके हैं। यहां पर पार्कों, पार्किंग, स्ट्रीट लाइट व सड़कों की काफी समस्या है। औद्योगिक इकाइयों के मालिक आए दिन प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटते रहते हैं।
सेक्टर 24
सेक्टर 24 रिहायशी सेक्टर है। यहां पर पानी व सड़कों की बड़ी समस्या है। आए दिन लोग पानी की समस्या के लिए प्रशासन के दरबार में रहते हैं।
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संदीप भौरिया
पानीपत। सरकार पानीपत के रिहायशी व औद्योगिक क्षेत्रों का 2031 का प्लान बनाने में जुटी है। 2031 तक शहर को कई नए सेक्टर मिलेंगे। लेकिन सरकार फिलहाल सेक्टर वासियों को मूलभूत सुविधाएं देने में पूरी तरह से विफल रही है। रिहायशी सेक्टर 6, 7, 11, 12, 13, 17 व 24 है, लेकिन लोग यहां पानी, सड़कें, पार्कों की देखभाल और सही स्ट्रीट लाइट के लिए आंदोलन करते रहते हैं। लोगों को आज तक यहां पर मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई है। वहीं दूसरी ओर सेक्टर 25 व सेक्टर 29 पार्ट वन व टू औद्योगिक क्षेत्र है, सरकार आज तक उद्योगपतियों को सही सड़कें नहीं दे पाई है। सेक्टर 24 में लोग पानी की समस्या को लेकर काफी परेशान है।
सेक्टरों की हालत:
सेक्टर 6: सेक्टर 6 में सबसे बड़ी समस्या सुरक्षा की है। हालांकि यहां पर पुलिस चौकी है, लेकिन इसके बाद भी आए दिन यहां पर स्नेचिंग की घटनाएं होती रहती है। सेक्टर में सड़कों की हालत भी खस्ता है। आवारा पशुओं के कारण भी यहां के लोग काफी परेशान है।
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सेक्टर 7:
सेक्टर 7 में सड़कें, स्ट्रीट लाइट व पार्कों की मरम्मत की बड़ी समस्या है। कई बार लोग सड़कों की मांग को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट चुके हैं।
सेक्टर 13-17:
सेक्टर 13-17 रिहायशी सेक्टरों में से प्रमुख है। यहां पर करीबन 15 लोग रहते हैं। यहां पर प्रशासन अब तक ना तो सही प्रकार से सड़कें दे पाया है और ना ही सुरक्षा। पार्कों की हालत भी यहां पर काफी खस्ता है। स्ट्रीट लाइटों को लेकर लोग अकसर धरने प्रदर्शन करते रहते हैं।
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सेक्टर 11-12:
सेक्टर 11-12 में शहर के तीन विधायक रहते हैं। लगभग 20 हजार लोगों की यहां पर आबादी है। लेकिन सेक्टर 11-12 में स्ट्रीट लाइटें ना होने के कारण अकसर अपराधी घटनाएं होती रहती है। कई बार लोगों के आंदोलन करने के बाद यहां पर सड़कें बनी है।
सेक्टर 25-29
सेक्टर 25-29 में करीबन 7 हजार औद्योगिक ईकाइयां है। 8 किलोमीटर में फैले इन सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं की काफी कमी है। तीन साल पहले इन सेक्टरों में मात्र दो ही सड़कें बनी थी। अब ये भी गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। कई बार सड़कों में गड्ढे होने के कारण बड़े हादसे हो चुके हैं। यहां पर पार्कों, पार्किंग, स्ट्रीट लाइट व सड़कों की काफी समस्या है। औद्योगिक इकाइयों के मालिक आए दिन प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटते रहते हैं।
सेक्टर 24
सेक्टर 24 रिहायशी सेक्टर है। यहां पर पानी व सड़कों की बड़ी समस्या है। आए दिन लोग पानी की समस्या के लिए प्रशासन के दरबार में रहते हैं।