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गोचरान भूमि पर खड़ी फसल को लेकर गांव में तनाव, पंचायत ने बैठक कर अधिकारियों से मिलने का लिया निर्णय
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अमर उजाला ब्यूरो
सनौली । गांव बहरामपुर में गोचरान भूमि पर अवैध रूप से लगी गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाने पर ग्रामीणों की तनातनी बनी हुई है। मामला बढ़ता देख पूर्व सरपंच ने दर्जन भर ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव में पंचायत की और जल्द ही एसडीएम समालखा व डीसी पानीपत से मिलकर गोचरान भूमि पर लगी गेहूं की फसल को सरकार के अधीन लेने की मांग करने का निर्णय लिया ।
सरपंच संदीप ने बताया कि बहरामपुर गांव से लगते करीब 8 एकड़ जमीन में कुछ दबंग लोगों द्वारा गोचरान भूमि में अवैध रूप से गेहूं की बिजाई कर दी थी। जोकि अब लगभग पूरी तरह से पककर तैयार हो चुकी है। गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाने पर ग्रामीणों में तनातनी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि गोचरान जमीन में बिजाई करने के बाद जब फसल पककर तैयार हो जाती है, तो इसको लेकर अक्सर झगड़े होती है। जमीन में बिजाई कोई करता है ओर फसल कोई ओर काट लेता है। आरोप है कि प्रशासन को कई बार लिखित रूप से देने के बाद भी कोई ठोस करवाई नहीं हो पाती। जिसके चलते दबंग लोगों के हौसले बुलंद है, अगर प्रशासन चाए तो गोचरान भूमि से कब्जा छुड़वा सकती है। उन्होंने बताया कि गोचरान जमीन को कब्जाधारियों से मुक्त करवाने के लिए प्रशासन को शिकायत देते है, प्रशासन गोचरान भूमि की निशानदेही आदि तो करवा लेता है, लेकिन आगे कारवाई नहीं हो पाती।
वहीं इस संदर्भ में बीडीपीओ आफिस के एसईपीओं प्र मोद कुमार का कहना है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी ।
सनौली । गांव बहरामपुर में गोचरान भूमि पर अवैध रूप से लगी गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाने पर ग्रामीणों की तनातनी बनी हुई है। मामला बढ़ता देख पूर्व सरपंच ने दर्जन भर ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव में पंचायत की और जल्द ही एसडीएम समालखा व डीसी पानीपत से मिलकर गोचरान भूमि पर लगी गेहूं की फसल को सरकार के अधीन लेने की मांग करने का निर्णय लिया ।
सरपंच संदीप ने बताया कि बहरामपुर गांव से लगते करीब 8 एकड़ जमीन में कुछ दबंग लोगों द्वारा गोचरान भूमि में अवैध रूप से गेहूं की बिजाई कर दी थी। जोकि अब लगभग पूरी तरह से पककर तैयार हो चुकी है। गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाने पर ग्रामीणों में तनातनी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि गोचरान जमीन में बिजाई करने के बाद जब फसल पककर तैयार हो जाती है, तो इसको लेकर अक्सर झगड़े होती है। जमीन में बिजाई कोई करता है ओर फसल कोई ओर काट लेता है। आरोप है कि प्रशासन को कई बार लिखित रूप से देने के बाद भी कोई ठोस करवाई नहीं हो पाती। जिसके चलते दबंग लोगों के हौसले बुलंद है, अगर प्रशासन चाए तो गोचरान भूमि से कब्जा छुड़वा सकती है। उन्होंने बताया कि गोचरान जमीन को कब्जाधारियों से मुक्त करवाने के लिए प्रशासन को शिकायत देते है, प्रशासन गोचरान भूमि की निशानदेही आदि तो करवा लेता है, लेकिन आगे कारवाई नहीं हो पाती।
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वहीं इस संदर्भ में बीडीपीओ आफिस के एसईपीओं प्र मोद कुमार का कहना है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी ।