फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   ऑनलाइन रिडिंग होने के बावजूद भी आ रहे गलत बिजली बिल, लाखों का बिल ना भरने पर ऑनलाइन काट दिया जाता है कनेक्शन

ऑनलाइन रिडिंग होने के बावजूद भी आ रहे गलत बिजली बिल, लाखों का बिल ना भरने पर ऑनलाइन काट दिया जाता है कनेक्शन

Wed, 19 Dec 2018 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 19 Dec 2018 12:15 AM IST
विज्ञापन
ऑनलाइन रिडिंग होने के बावजूद भी आ रहे गलत बिजली बिल, लाखों का बिल ना भरने पर ऑनलाइन काट दिया जाता है कनेक्शन
ऑनलाइन रिडिंग होने के बावजूद भी आ रहे गलत बिजली बिल, लाखों का बिल न भरने पर ऑनलाइन काट दिया जाता है कनेक्शन
विज्ञापन

पानीपत। बिजली निगम के कर्मचारियों द्वारा की जा रही गलतियों का फल आम लोगों को भूगतना पड़ रहा है। निगम कर्मचारियों द्वारा पिछले कई माह से लोगों के बिजली बिल गलत भेजे जा रहे हैं, जिसको ठीक करवाने में उपभोक्ता को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। बावजूद इसके लोगों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। यह समस्या पानीपत के किला सबडिवीजन में सबसे ज्यादा आ रही है। उपभोक्ताओं ने मंगलवार दोपहर निगम की गलतियों से परेशान होकर बिजली दफ्तर में ही निगम के खिलाफ नारेबाजी की। उपभोक्ताओं का गुस्सा वाजिफ था, क्योंकि बिल भरने आए सैकड़ों उपभोक्ताओं में से 90 प्रतिशत के बिल गलत आए हुए थे। किसी का एक लाख तो किसी का 78 लाख रुपये बिल आया हुआ था, तो किसी का बिल माइनस में आया हुुआ था। लोगों का आरोप है कि निगम कर्मचारी भी उनके साथ ठीक बर्ताव नहीं करते।
लोगों की प्रमुख समस्याएं :
ऑफिस में बैठकर ही बना देते हैं बिल, उपभोक्ताओं को बोलते हैं बीस चक्कर लगाने पड़ेंगे :
बीसीआईटी कंपनी के कर्मचारी ऑफिस में ही बैठ कर रिडिंग बना देेते है। उपभोक्ता सईयम अरोड़ा ने बताया कि उसने कुछ दिन पहले उनके पास 15236 रिडिंग का बिल भेजा था, उसके बाद ठीक करवाने पर भी 15500 रिडिंग दिखाई गई, लेकिन तीसरी बार कर्मचारी रिडिंग लेकर आया तो घट कर 15 हजार 488 रह गई। सईयम ने बताया कि तीसरी बार भी ली गई रिडिंग गलत है। उनके मीटर की रिडिंग वर्तमान समय में भी 14928 यूनिट हैं। साथ ही सईयम ने बताया कि वह बिल ठीक कराने के लिए जब वो दफ्तर में आए और अधिकारियों को कहा कि चार चक्कर काट चुके हैं तो अधिकारियों ने जवाब दिया कि बीस चक्कर और काटने पडे़ंगे। वहीं कुछ उपभोक्ताओं का मीटर वर्षों पुराना है, फिर भी उनका एस्टिमेट बिल भेजा गया।
विज्ञापन

एमसीओ न चढ़ाए जाने के कारण आ रहे गलत बिल, विभाग का प्रोजेक्ट हो रहा फेल
किला सबडिवीजन पर ज्यादातर उपभोक्ताओं के कनेक्शन स्मार्ट ग्रीड से जोड़ दिए गए है। सभी के घरों के बहार स्मार्ट मीटर लगे हुए हैं, जो लोगों के लिए सरदर्द बन गए है। बिजली निगम के कर्मचारी अपनी गलती छिपाने के लिए प्राइवेट रीडिंग लेने वालों पर थोप देते हैं और उपभोक्ताओं को भी उनके खिलाफ उकसाने का काम करते हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर में ऑनलाइन रीडिंग होती है किसी कर्मचारी द्वारा वहां की रीडिंग नहीं ली जाती। स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली निगम ने जमकर वाहवाही लुटी थी, लेकिन उन कॉलोनियों में आधे से ज्यादा उपभोक्ताओं के गलत बिल आ रहे हैं। जिसका कारण बिजली निगम द्वारा एमसीओ ना चढ़ाना ही हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऑनलाइन बिल आ रहे गलत, भुगतान ना करे तो काटे जा रहे कनेक्शन :
स्मार्ट ग्रीड ठीक तरीके से काम कर रहा है यह दिखाने के लिए लोगों के कनेक्शन तो काटे जा रहे हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर होते हुए भी लोगों के बिल गलत आ रहे हैं। वधावा राम कॉलोनी निवासी मधुबाला ने बताया कि उनका मीटर ओम प्रकाश के नाम से हैं। बिल ना भरने के कारण उनका कनेक्शन काट दिया गया है। जबकि उनका बिल एक लाख से भी अधिक का भेजा गया है, जिसे भरने में वह सक्षम नहीं है। जब वह मंगलवार को बिल ठीक कराने आई तो दो लाख रुपये का बिल थमा दिया। वहीं वधावा राम कॉलोनी निवासी सीला ने बताया कि उनका दो दिन से कनेक्शन काटा हुआ है, लेकिन बिल उनका माइनस 1742 रुपये आया हुआ है। निगम में भी कोई सहायता करने के लिए तैयार नहीं है। वहीं एक युवक ने 25 अक्तूबर को बिल भरा था, लेकिन समय से पहले ही उसका कनेक्शन काट दिया गया। वहीं एक महिला का बिल 9 हजार था ठीक कराने आई तो दो लाख का बिल थमा दिया गया।
बिल ठीक कराने के लिए पंचकुला तक जा चुके समाधान नहीं :
वहीं न्यू रमेश नगर निवासी सुमेर मलिक ने बताया कि वह 6 माह से बिल ठीक कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं। उनका दो किलोवाट का मीटर है, जिसका बिल 71 लाख रुपये भेजा गया है, जिसे ठीक कराने के लिए वह पंचकुला तक जा चुका है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। वहीं देवेंद्र सिंह का बिल 75 लाख से अधिक आया हुआ है। एक दिन बिल निकलवाने के लिए लाइन में लगो, अगले दिन बिल ठीक करवाने के किए, फिर ठीक हो जाए तो उसे भरने के लिए एक दिन और लगेेगा : यह बना बिजली निगम का रूटीन
उपभोक्ताओं ने कहा कि एक साल से बिजली निगम का रूटिन पूरी तरह से बदल गया है। बिल का भुगतान करने के लिए उपभोक्ता को तीन चार दिन की छुट्टी लेनी पड़ेगी। एक दिन बिल निकलवाने के लिए लाइन में लगो, अगले दिन बिल ठीक करवाने के किए, फिर ठीक हो जाए तो उसे भरने के लिए एक दिन और लगेेगा। तीन दिन तो कम से कम है, इसमें तो कई माह भी लग सकते हैं।
सही समय पर भरा ऑनलाइन बिल, अगले दिन पेमेंट भेज दी गई वापस :
उत्तम नगर निवासी आनंद कुुमार ने कहा कि उन्होंने 12 तारीख को बिल भरा था, जिसके बाद 13 दिसंबर को उनके खाते में पेमेंट लोटा दी गई व अगने दिन 300 रुपये ब्याज के भरना पड़ा।

प्राइवेट कंपनी बीसीआइटीएस नहीं लाती सही रीडिंग, केवल 150 एमसीओ है पेंडिंग : सीए
सीए विपिन ने कहा कि गलत बिल आने का कारण बीसीआईटीएस कंपनी के कर्मचारी है, वहीं स्मार्ट मीटर में भी गलत रीडिंग आने की बात पर उन्होंने कहा कि दस हजार में से डेढ़ सो एमसीओ पेंडिंग है, इसलिए कुछ लोगों के गलत बिल आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed