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आज अनुभवहीन चालकों के हाथ में होंगे बसों के स्टेरिंग, जीएम लेंगे टेस्ट
Updated Sun, 21 Oct 2018 11:01 PM IST
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आज अनुभवहीन चालक थामेंगे स्टीयरिंग, जीएम लेंगे टेस्ट
आरटीए ने पुराने लाइसेंस चेक करके बुलाए 72 चालक, परिवहन व्यवस्था में आएगा बड़ा संकट
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। स्कूल व कॉलेज खुलने के बाद निजी बसें परिवहन विभाग को अपनी सेवाएं देना बंद कर देंगी। इसके चलते विभाग ने आरटीए से अनुभवहीन ड्राइवर हायर किए हैं, जिनको बस देने से पहले जीएम की ओर से टेस्ट लिया जाएगा व उसके बाद ही उनको बसों की स्टीयरिंग सौंपी जाएगी। हड़ताल के कारण पानीपत डिपो टेंपरेरी तौर पर सुविधा दे रहा है। इमरजेंसी में विभाग द्वारा परिचालक के रूप में एसपीओ को हायर किया गया है जिन्हें भी टिकट काटने व उनका हिसाब रखने में दिक्कत आ रही है। इस टेंपरेरी काम में दफ्तरों का काम भी दोबारा कंप्यूटर से हाथ पर आ गया है।
हड़ताल का सातवां दिन हरियाणा राज्य परिवहन निगम के अधिकारियों के लिए मशक्कत भरा रहने वाला है। पानीपत डिपो में जहां 6 दिन तक जीएम व अन्य अधिकारी निजी बसों समेत रोजाना 60 के लगभग बसें चलाने में कामयाब हो रहे थे, वहीं आज स्कूल व कॉलेजों के खुल जाने के बाद निजी बसें भी हरियाणा राज्य परिवहन को अपनी सेवाएं नहीं देंगी। इसके बाद सरकारी बसों पर ही डिपो निर्भर रह जाएगा। डिपो द्वारा एसपीओ हायर करने के बाद परिचालकों की संख्या तो ठीक ठाक हो गई है, लेकिन चालकों की कमी हो गई है। इसके चलते जीएम द्वारा आरटीए से 72 चालकों की मांग की गई है। इस मांग के बाद आरटीए ने पुराने लाइसेंस चेक करके बिना प्रशिक्षण के ही 72 हैवी लाइसेंस वाले लोगों की लिस्ट विभाग को दे दी है। इन सभी लाइसेंस धारी युवकों को बिना प्रशिक्षण व टेस्ट के बसें देकर भेजना संभव नहीं है। इसलिए इनको बसें देने से पहले जीएम द्वारा टेस्ट लिया जाएगा। जिस कारण सारा डिपो स्टाफ भी इसी में व्यस्त रहेगा। सोमवार के दिन आम तौर पर भीड़ होती है तो बसें ना चलने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। हड़ताल के दौरान विभाग में रोजाना डिपो से औसतन 20 से 25 बसें ही निकलती हैं। निजी बसें ना होने के कारण सुबह के समय इतनी ही बसें चल पाएंगी। बाकी बसें आरटीए द्वारा भेजे गए ड्राइवरों के टेस्ट के बाद ही चल सकेंगी। टेस्ट लेने में कम से कम 3 से 4 घंटे का समय लगना तय है। अब सवाल यह उठता है कि उन 72 लोगों में से कितने लोग हरियाणा रोडवेज की बस को चला पाएंगे?
एसपीओ को टिकट काटने में आ रही दिक्कत
हरियाणा रोडवेज की परिवहन व्यवस्था टेंपरेरी तौर पर चल रही है, जिसमें सभी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टेंपरेरी तौर पर परिचालक बनाए गए स्पेशल पुलिस ऑफिसर को भी टिकट काटने में दिक्कत आ रही है। किसी एसपीओ से टिकट गुम होने पर नुकसान झेलना पड़ रहा है तो किसी को टिकटों का हिसाब रखने में दिक्कत आ रही है। एसपीओ रवीश ने कहा कि यह काम उनके लिए बहुत मुश्किल हो रहा है।
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कंप्यूटर के इस दौर में, पन्नों पर रखा जा रहा हिसाब
जबसे रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर गये हैं, तब से ही डिपो प्रशासन द्वारा निजी बसों व एसपीओ को हायर किया गया है। उन सबका रिकॉर्ड कंप्यूटर में ना होने के कारण रजिस्टरों में ही उनका डाटा तैयार किया जा रहा है। इसी बारे में बुकिंग ब्रांच के बीआई जसबीर सिंह ने कहा कि इससे उनकों पुराने दिन याद आ गये हैं। जब वह शुरुआत में नौकरी पर आए थे तब भी सारा डाटा हाथ से ही तैयार होता था। हड़ताल के दौरान कंप्यूटर होते हुए भी उन्हें एसपीओ का डाटा हाथ से ही तैयार करना पड़ता है, क्योंकि कंप्यूटर में उनका खाता नहीं है।
16 सरकारी व 21 निजी बसें ही चल पाई
हड़ताल के छठे दिन पानीपत डिपो से 16 सरकारी व 21 निजी बस से ही चल पाई। इसके अलावा 19 बसें पहले से ही नाइट पर गई हुई थी।
सर्व कर्मचारी महासंघ के सभी कर्मचारी करेंगे हड़ताल
हरियाणा राज्य परिवहन की हड़ताल के पक्ष में सर्व कर्मचारी महासंघ हरियाणा के सभी डिपार्टमेंट के कर्मचारी आज हड़ताल पर बैठेंगे। जानकारी देते हुए विश्वनाथ शर्मा ने कहा कि सरकार रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के खिलाफ दमनकारी नीति अपना रही है, जिसका वह विरोध करते हैं। इसलिए सर्व कर्मचारी महासंघ के सभी कर्मचारी रोडवेज कर्मचारी के पक्ष में हड़ताल करेंगे।
आरटीए द्वारा भेजे गए सभी चालकों का लिया जाएगा पहले टेस्ट : जीएम
जीएम एस पी परमार ने कहा कि वो आरटीए द्वारा भेजे गए सभी चालकों का डिपो के अंदर ही टेस्ट लेंगे। उनसे बस चलवा कर देखी जाएगी, क्योंकि उनके लिए सबसे जरूरी पब्लिक की से टी है। बिना टेस्ट लिए वह किसी को भी बस रोड पर चलाने के लिए नहीं दे सकते।
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आज अनुभवहीन चालक थामेंगे स्टीयरिंग, जीएम लेंगे टेस्ट
आरटीए ने पुराने लाइसेंस चेक करके बुलाए 72 चालक, परिवहन व्यवस्था में आएगा बड़ा संकट
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। स्कूल व कॉलेज खुलने के बाद निजी बसें परिवहन विभाग को अपनी सेवाएं देना बंद कर देंगी। इसके चलते विभाग ने आरटीए से अनुभवहीन ड्राइवर हायर किए हैं, जिनको बस देने से पहले जीएम की ओर से टेस्ट लिया जाएगा व उसके बाद ही उनको बसों की स्टीयरिंग सौंपी जाएगी। हड़ताल के कारण पानीपत डिपो टेंपरेरी तौर पर सुविधा दे रहा है। इमरजेंसी में विभाग द्वारा परिचालक के रूप में एसपीओ को हायर किया गया है जिन्हें भी टिकट काटने व उनका हिसाब रखने में दिक्कत आ रही है। इस टेंपरेरी काम में दफ्तरों का काम भी दोबारा कंप्यूटर से हाथ पर आ गया है।
हड़ताल का सातवां दिन हरियाणा राज्य परिवहन निगम के अधिकारियों के लिए मशक्कत भरा रहने वाला है। पानीपत डिपो में जहां 6 दिन तक जीएम व अन्य अधिकारी निजी बसों समेत रोजाना 60 के लगभग बसें चलाने में कामयाब हो रहे थे, वहीं आज स्कूल व कॉलेजों के खुल जाने के बाद निजी बसें भी हरियाणा राज्य परिवहन को अपनी सेवाएं नहीं देंगी। इसके बाद सरकारी बसों पर ही डिपो निर्भर रह जाएगा। डिपो द्वारा एसपीओ हायर करने के बाद परिचालकों की संख्या तो ठीक ठाक हो गई है, लेकिन चालकों की कमी हो गई है। इसके चलते जीएम द्वारा आरटीए से 72 चालकों की मांग की गई है। इस मांग के बाद आरटीए ने पुराने लाइसेंस चेक करके बिना प्रशिक्षण के ही 72 हैवी लाइसेंस वाले लोगों की लिस्ट विभाग को दे दी है। इन सभी लाइसेंस धारी युवकों को बिना प्रशिक्षण व टेस्ट के बसें देकर भेजना संभव नहीं है। इसलिए इनको बसें देने से पहले जीएम द्वारा टेस्ट लिया जाएगा। जिस कारण सारा डिपो स्टाफ भी इसी में व्यस्त रहेगा। सोमवार के दिन आम तौर पर भीड़ होती है तो बसें ना चलने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। हड़ताल के दौरान विभाग में रोजाना डिपो से औसतन 20 से 25 बसें ही निकलती हैं। निजी बसें ना होने के कारण सुबह के समय इतनी ही बसें चल पाएंगी। बाकी बसें आरटीए द्वारा भेजे गए ड्राइवरों के टेस्ट के बाद ही चल सकेंगी। टेस्ट लेने में कम से कम 3 से 4 घंटे का समय लगना तय है। अब सवाल यह उठता है कि उन 72 लोगों में से कितने लोग हरियाणा रोडवेज की बस को चला पाएंगे?
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एसपीओ को टिकट काटने में आ रही दिक्कत
हरियाणा रोडवेज की परिवहन व्यवस्था टेंपरेरी तौर पर चल रही है, जिसमें सभी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टेंपरेरी तौर पर परिचालक बनाए गए स्पेशल पुलिस ऑफिसर को भी टिकट काटने में दिक्कत आ रही है। किसी एसपीओ से टिकट गुम होने पर नुकसान झेलना पड़ रहा है तो किसी को टिकटों का हिसाब रखने में दिक्कत आ रही है। एसपीओ रवीश ने कहा कि यह काम उनके लिए बहुत मुश्किल हो रहा है।
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कंप्यूटर के इस दौर में, पन्नों पर रखा जा रहा हिसाब
जबसे रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर गये हैं, तब से ही डिपो प्रशासन द्वारा निजी बसों व एसपीओ को हायर किया गया है। उन सबका रिकॉर्ड कंप्यूटर में ना होने के कारण रजिस्टरों में ही उनका डाटा तैयार किया जा रहा है। इसी बारे में बुकिंग ब्रांच के बीआई जसबीर सिंह ने कहा कि इससे उनकों पुराने दिन याद आ गये हैं। जब वह शुरुआत में नौकरी पर आए थे तब भी सारा डाटा हाथ से ही तैयार होता था। हड़ताल के दौरान कंप्यूटर होते हुए भी उन्हें एसपीओ का डाटा हाथ से ही तैयार करना पड़ता है, क्योंकि कंप्यूटर में उनका खाता नहीं है।
16 सरकारी व 21 निजी बसें ही चल पाई
हड़ताल के छठे दिन पानीपत डिपो से 16 सरकारी व 21 निजी बस से ही चल पाई। इसके अलावा 19 बसें पहले से ही नाइट पर गई हुई थी।
सर्व कर्मचारी महासंघ के सभी कर्मचारी करेंगे हड़ताल
हरियाणा राज्य परिवहन की हड़ताल के पक्ष में सर्व कर्मचारी महासंघ हरियाणा के सभी डिपार्टमेंट के कर्मचारी आज हड़ताल पर बैठेंगे। जानकारी देते हुए विश्वनाथ शर्मा ने कहा कि सरकार रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के खिलाफ दमनकारी नीति अपना रही है, जिसका वह विरोध करते हैं। इसलिए सर्व कर्मचारी महासंघ के सभी कर्मचारी रोडवेज कर्मचारी के पक्ष में हड़ताल करेंगे।
आरटीए द्वारा भेजे गए सभी चालकों का लिया जाएगा पहले टेस्ट : जीएम
जीएम एस पी परमार ने कहा कि वो आरटीए द्वारा भेजे गए सभी चालकों का डिपो के अंदर ही टेस्ट लेंगे। उनसे बस चलवा कर देखी जाएगी, क्योंकि उनके लिए सबसे जरूरी पब्लिक की से टी है। बिना टेस्ट लिए वह किसी को भी बस रोड पर चलाने के लिए नहीं दे सकते।