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सौदापुर में सीए से हो रही नाबालिग लड़की की शादी को रूकवाया 20-18-20
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:40 AM IST
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सौदापुर में सीए की पढ़ाई कर युवक से नाबालिग लड़की की शादी रुकवाई
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सौदापुर में सीए की पढ़ाई कर रहे युवक (24) से नाबालिग लड़की की शादी रुकवाई गई। बाल विवाह होने की सूचना पर चाइल्ड लाइन पर पहुंची थी। सूचना पर महिला कल्याण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने शादी को रुकवाने का काफी प्रयास किया। उसी दौरान नाबालिग की मां ने मजबूरी का हवाला देते हुए रोना शुरू कर दिया। परिजन शादी करवाने को लेकर जिद पर अड़ गए। इसके चलते उन्हेें कोर्ट में पेश करना पड़ा। कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए शादी पर रोक लगा दी।
महिला कल्याण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि मंगलवार सुबह सौदापुर में नाबालिग लड़की की शादी कराए जाने की शिकायत चाइल्ड लाइन पर पहुंची थी। तत्काल ही वह टीम के साथ सौदापुर में पहुंच गई। छानबीन के दौरान पता चला कि बापौली के शिमला गुजराल गांव के रहने वाले कर्म सिंह के बेटे व्रिकम से उसका विवाह हो रहा है। विक्रम इस समय सीए की पढ़ाई कर रहा है। पता वहां पहुंच शादी को रुकवाने का प्रयास किया लेकिन परिजन जिद पर अड़ गए। मां ने बताया कि पति 15 साल पहले छोड़ कर चला गया था। तभी से वो मायके में रह कर एक बेटी और एक बेटे की पाल रही है। उनके पांच भाई हैं। मामा ही बेटी की शादी करवा रहे हैं। रजनी गुप्ता का कहना है कि उन्होंने लड़की की उम्र के दस्तावेज मांगे तो मां ने दिखाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बेटी बालिग है। इस पर उन्होंने लड़की के स्कूल में पहुंच पड़ताल की तो वह साढ़े 17 साल की निकली। स्कूल प्रबंधन को भी शादी में आने के लिए आमंत्रित किया गया था। प्रबंधन ने भी लड़की की उम्र छिपाने का प्रयास किया।
नाबालिग हैं होनहार, हाईस्कूल में लिए 80 प्रतिशत अंक
स्कूल में पहुंची टीम को पता लगा कि लड़की पढ़ाई में काफी होशियार है। इस वर्ष वह कक्षा 11 में है। हाईस्कूल में उसने 80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। रजनी गुप्ता का कहना है कि लड़की की जिस लड़के से शादी हो रही है वह बालिग है और सीए की पढ़ाई कर रहा है। परिजन नहीं मानें तो लड़का और लड़की पक्ष को कोर्ट में सीजेएम के समक्ष पेश करना पड़ा। कोर्ट ने शादी पर रोक लगाते हुए लड़की के दो मामा और लड़के के ताऊ के बयान दर्ज करवा लिए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सौदापुर में सीए की पढ़ाई कर रहे युवक (24) से नाबालिग लड़की की शादी रुकवाई गई। बाल विवाह होने की सूचना पर चाइल्ड लाइन पर पहुंची थी। सूचना पर महिला कल्याण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने शादी को रुकवाने का काफी प्रयास किया। उसी दौरान नाबालिग की मां ने मजबूरी का हवाला देते हुए रोना शुरू कर दिया। परिजन शादी करवाने को लेकर जिद पर अड़ गए। इसके चलते उन्हेें कोर्ट में पेश करना पड़ा। कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए शादी पर रोक लगा दी।
महिला कल्याण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि मंगलवार सुबह सौदापुर में नाबालिग लड़की की शादी कराए जाने की शिकायत चाइल्ड लाइन पर पहुंची थी। तत्काल ही वह टीम के साथ सौदापुर में पहुंच गई। छानबीन के दौरान पता चला कि बापौली के शिमला गुजराल गांव के रहने वाले कर्म सिंह के बेटे व्रिकम से उसका विवाह हो रहा है। विक्रम इस समय सीए की पढ़ाई कर रहा है। पता वहां पहुंच शादी को रुकवाने का प्रयास किया लेकिन परिजन जिद पर अड़ गए। मां ने बताया कि पति 15 साल पहले छोड़ कर चला गया था। तभी से वो मायके में रह कर एक बेटी और एक बेटे की पाल रही है। उनके पांच भाई हैं। मामा ही बेटी की शादी करवा रहे हैं। रजनी गुप्ता का कहना है कि उन्होंने लड़की की उम्र के दस्तावेज मांगे तो मां ने दिखाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बेटी बालिग है। इस पर उन्होंने लड़की के स्कूल में पहुंच पड़ताल की तो वह साढ़े 17 साल की निकली। स्कूल प्रबंधन को भी शादी में आने के लिए आमंत्रित किया गया था। प्रबंधन ने भी लड़की की उम्र छिपाने का प्रयास किया।
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नाबालिग हैं होनहार, हाईस्कूल में लिए 80 प्रतिशत अंक
स्कूल में पहुंची टीम को पता लगा कि लड़की पढ़ाई में काफी होशियार है। इस वर्ष वह कक्षा 11 में है। हाईस्कूल में उसने 80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। रजनी गुप्ता का कहना है कि लड़की की जिस लड़के से शादी हो रही है वह बालिग है और सीए की पढ़ाई कर रहा है। परिजन नहीं मानें तो लड़का और लड़की पक्ष को कोर्ट में सीजेएम के समक्ष पेश करना पड़ा। कोर्ट ने शादी पर रोक लगाते हुए लड़की के दो मामा और लड़के के ताऊ के बयान दर्ज करवा लिए हैं।
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