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-रैन बसेरों के लिए रेलवे स्टेशन व दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर नहीं लगाए दिशा सूचक
Updated Wed, 22 Nov 2017 11:50 PM IST
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रैन बसेरे में ओल्ड ऐज होम के ऊपर बना दिया महिला वार्ड, कंबल भी पर्याप्त नहीं, खामियां देख भड़के डीसी
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सर्द हवाओं के चलने के बाद बढ़ी सर्दी में नगर निगम द्वारा आनन-फानन में शुरू किए गए तीनों रैन बसेरों में उद्घाटन के वक्त ही खामियां सामने आई। सनौली रोड स्थित ओल्ड ऐज होम के ऊपर पहली मंजिल पर महिला वार्ड बना दिया गया। डीसी ने महिला वार्ड को नीचे शिफ्ट करने के निर्देश दिए। वहीं रेलवे रोड पर तोताराम धर्मशाला में रैन बसेरे की किसी तरह की पहचान नहीं मिली। बस स्टैंड के सामने भी रोडवेज की दो कंडम बसों में बनाए गए रैन बसेरों में पर्दे नहीं लगे मिले। रैन बसेरों में कंबल भी पर्याप्त नहीं मिले। डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने तीनों जगह कमियां मिलने पर अपनी नाराजगी जताई। डीसी ने निगम व रेडक्रास अधिकारियों को खामियों को दूर करने की हिदायत दी।
उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने बढ़ती सर्दी में लोगों को ठंड से बचाने के लिए नगर निगम और रेडक्रॉस द्वारा तैयार किए गए रैन बसेरों का बुधवार को उद्घाटन किया। ये रैन बसेरे स्थानीय बस अड्डा के सामने और रेलवे रोड पर तोताराम धर्मशाला व सनौली रोड स्थित ओल्ड ऐज होम में बनाए गए हैं।
यहां पर मिली ये कमियां
उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने तोताराम धर्मशाला में रैन बसेरे में दो कमरे मिले। डीसी ने बनाए गए रैन बसेरे में पुरुषों के लिए एक कमरा अतिरिक्त उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने रेडक्रास सचिव विकास कुमार को कहा कि यह रैन बसेरा रेलवे स्टेशन परिसर के नजदीक है, इसलिए स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों पर सूचनात्मक तौर पर फ्लेक्स भी लगवाई जाएं। ताकि लोगों को इसकी जानकारी मिल सकें। बस अड्डा के सामने रोडवेज की दो कंडम बसों में बनाए गए रैन बसेरे में पर्दे नहीं मिले। ऐसे में ठंडी हवा सीधी अंदर जा सकती है। सनौली रोड स्थित ओल्ड एज होम में बनाए गए रैन बसेरे में कंबल कम मिले। यहां चद्दर की जगह कंबल बिछा दिए गए। अधिकारियों ने सर्दी को राहत देने की बात कहकर सफाई देनी चाही तो डीसी ने ओढने के लिए कंबलों की बात कही। अधिकारियों ने इनका प्रबंध करने की बात कही। डीसी ने अपनी तरफ से रेडक्रास सचिव विकास कुमार को कंबल दिए। वहीं रैन बसेरे में पहली मंजिल पर बनाए गए महिला वार्ड को नीचे मैदानी तल पर स्थापित करने के आदेश दिए। उन्होंने नगर निगम और जिला रेडक्रास सोसायटी अधिकारियों को कमियों को जल्द ही दूर करने के निर्देश दिए।
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अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
अमर उजाला माई सिटी ने सर्दी बढ़ने पर शहर में रैन बसेरे चालू न होते देख 21 नवंबर के अंक में शहर की सड़कों पर खुले में सोने को मजबूर हैं लोग। हैडिंग के साथ समाचार प्रकाशित किया था। नगर निगम इसके बाद रैन बसेरों को लेकर गंभीर हुआ और आनन-फानन में तीन रैन बसेरे तैयार किए। अमर उजाला ने निगम व प्रशासन को बताया था कि रात के वक्त करीब डेढ़ सौ लोग सर्दी के मौसम में भी सड़क किनारे सोते हैं।
जरूरतमंदों को देखते हुए बनाए गए रैन बसेरे उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए शहर में रैन बसेरे व वृद्धाश्रम बनाए गए हैं, ताकि सर्दी के दौरान इन स्थानों पर ठहरने वाले नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर रात्रि के समय पुलिस सुरक्षा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। सभी रैन बसेरों में महिला व पुरुषों के ठहरने का अलग-अलग प्रबंध किया गया है। इन स्थानों पर पीने के पानी और शौचालय की भी व्यवस्था की गई है।
धार्मिक व सामाजिक संगठनों को आगे आने का आह्वान
डीसी ने धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं से रैन बसेरों में बेसहारा लोगों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया। वे लोग खुद भी आकर रैन बसेरों में बेसहारा लोगों की आवश्यकताओं की जानकारी लें। डीसी ने रेडक्रास सचिव को रैन बसेरों के लिए व्यक्तिगत तौर पर रजाई भी दी और कहा कि ये रजाइयां जरूरतमंदों को बांटी जाएं।
डीसी ने जाना बुजुर्गों का हालचाल
उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने सनौली रोड स्थित वृद्धाश्रम में पहुंचकर वहां पर बेसहारा बुजुर्गों से उनका हाल-चाल व स्वास्थ्य की जानकारी ली और बुजुर्गों को जिला प्रशासन की तरफ से हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने लोगों से खुद भी सर्दी से बचाव का प्रयास करने की कही।
वर्जन
शहर में सर्दी के मौसम में जरूरतमंद लोगों को देखते हुए तीन रैन बसेरे बनाए गए हैं। नगर निगम व रेडक्रास सोसायटी द्वारा पर्याप्त सुविधा दी जा रही है। यहां पर कुछ कमियां मिली हैं। इनको दूर करने की हिदायत दी गई है। धार्मिक व सामाजिक संगठनों को भी इसको लेकर आगे आना चाहिए।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी, पानीपत।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सर्द हवाओं के चलने के बाद बढ़ी सर्दी में नगर निगम द्वारा आनन-फानन में शुरू किए गए तीनों रैन बसेरों में उद्घाटन के वक्त ही खामियां सामने आई। सनौली रोड स्थित ओल्ड ऐज होम के ऊपर पहली मंजिल पर महिला वार्ड बना दिया गया। डीसी ने महिला वार्ड को नीचे शिफ्ट करने के निर्देश दिए। वहीं रेलवे रोड पर तोताराम धर्मशाला में रैन बसेरे की किसी तरह की पहचान नहीं मिली। बस स्टैंड के सामने भी रोडवेज की दो कंडम बसों में बनाए गए रैन बसेरों में पर्दे नहीं लगे मिले। रैन बसेरों में कंबल भी पर्याप्त नहीं मिले। डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने तीनों जगह कमियां मिलने पर अपनी नाराजगी जताई। डीसी ने निगम व रेडक्रास अधिकारियों को खामियों को दूर करने की हिदायत दी।
उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने बढ़ती सर्दी में लोगों को ठंड से बचाने के लिए नगर निगम और रेडक्रॉस द्वारा तैयार किए गए रैन बसेरों का बुधवार को उद्घाटन किया। ये रैन बसेरे स्थानीय बस अड्डा के सामने और रेलवे रोड पर तोताराम धर्मशाला व सनौली रोड स्थित ओल्ड ऐज होम में बनाए गए हैं।
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यहां पर मिली ये कमियां
उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने तोताराम धर्मशाला में रैन बसेरे में दो कमरे मिले। डीसी ने बनाए गए रैन बसेरे में पुरुषों के लिए एक कमरा अतिरिक्त उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने रेडक्रास सचिव विकास कुमार को कहा कि यह रैन बसेरा रेलवे स्टेशन परिसर के नजदीक है, इसलिए स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों पर सूचनात्मक तौर पर फ्लेक्स भी लगवाई जाएं। ताकि लोगों को इसकी जानकारी मिल सकें। बस अड्डा के सामने रोडवेज की दो कंडम बसों में बनाए गए रैन बसेरे में पर्दे नहीं मिले। ऐसे में ठंडी हवा सीधी अंदर जा सकती है। सनौली रोड स्थित ओल्ड एज होम में बनाए गए रैन बसेरे में कंबल कम मिले। यहां चद्दर की जगह कंबल बिछा दिए गए। अधिकारियों ने सर्दी को राहत देने की बात कहकर सफाई देनी चाही तो डीसी ने ओढने के लिए कंबलों की बात कही। अधिकारियों ने इनका प्रबंध करने की बात कही। डीसी ने अपनी तरफ से रेडक्रास सचिव विकास कुमार को कंबल दिए। वहीं रैन बसेरे में पहली मंजिल पर बनाए गए महिला वार्ड को नीचे मैदानी तल पर स्थापित करने के आदेश दिए। उन्होंने नगर निगम और जिला रेडक्रास सोसायटी अधिकारियों को कमियों को जल्द ही दूर करने के निर्देश दिए।
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अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
अमर उजाला माई सिटी ने सर्दी बढ़ने पर शहर में रैन बसेरे चालू न होते देख 21 नवंबर के अंक में शहर की सड़कों पर खुले में सोने को मजबूर हैं लोग। हैडिंग के साथ समाचार प्रकाशित किया था। नगर निगम इसके बाद रैन बसेरों को लेकर गंभीर हुआ और आनन-फानन में तीन रैन बसेरे तैयार किए। अमर उजाला ने निगम व प्रशासन को बताया था कि रात के वक्त करीब डेढ़ सौ लोग सर्दी के मौसम में भी सड़क किनारे सोते हैं।
जरूरतमंदों को देखते हुए बनाए गए रैन बसेरे उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए शहर में रैन बसेरे व वृद्धाश्रम बनाए गए हैं, ताकि सर्दी के दौरान इन स्थानों पर ठहरने वाले नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर रात्रि के समय पुलिस सुरक्षा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। सभी रैन बसेरों में महिला व पुरुषों के ठहरने का अलग-अलग प्रबंध किया गया है। इन स्थानों पर पीने के पानी और शौचालय की भी व्यवस्था की गई है।
धार्मिक व सामाजिक संगठनों को आगे आने का आह्वान
डीसी ने धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं से रैन बसेरों में बेसहारा लोगों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया। वे लोग खुद भी आकर रैन बसेरों में बेसहारा लोगों की आवश्यकताओं की जानकारी लें। डीसी ने रेडक्रास सचिव को रैन बसेरों के लिए व्यक्तिगत तौर पर रजाई भी दी और कहा कि ये रजाइयां जरूरतमंदों को बांटी जाएं।
डीसी ने जाना बुजुर्गों का हालचाल
उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने सनौली रोड स्थित वृद्धाश्रम में पहुंचकर वहां पर बेसहारा बुजुर्गों से उनका हाल-चाल व स्वास्थ्य की जानकारी ली और बुजुर्गों को जिला प्रशासन की तरफ से हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने लोगों से खुद भी सर्दी से बचाव का प्रयास करने की कही।
वर्जन
शहर में सर्दी के मौसम में जरूरतमंद लोगों को देखते हुए तीन रैन बसेरे बनाए गए हैं। नगर निगम व रेडक्रास सोसायटी द्वारा पर्याप्त सुविधा दी जा रही है। यहां पर कुछ कमियां मिली हैं। इनको दूर करने की हिदायत दी गई है। धार्मिक व सामाजिक संगठनों को भी इसको लेकर आगे आना चाहिए।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी, पानीपत।