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तीन घंटे की बारिश से जलमग्र हुआ शहर
Updated Tue, 08 Aug 2017 12:29 AM IST
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तीन घंटे जमकर बरसे मेघा, जिले में औसतन 32 एमएम बारिश
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सावन माह के आखिरी दिन मेघा जमकर बरसे। सुबह मात्र तीन घंटे में जिले में औसतन 32 एमएम बारिश हुई। अकेली पानीपत में सबसे ज्यादा 60 एमएम बारिश हुई। तेज बारिश के चलते शहर की सड़कों व गलियों में पानी जमा हो गया है और पानी निकासी के दावों की एक बार फिर से पोल खुल गई। मौसम विशेषज्ञों ने अगले 24 घंटे आसमान में बादल छाए रहने व बारिश होने की संभावना जताई है।
सोमवार सुबह करीब पांच बजे एक साथ बादल घिर आए और कुछ ही देर में जोरदार बारिश शुरू हो गई। सुबह करीब सवा पांच बजे शुरू बारिश करीब सवा आठ बजे तक लगातार चली। तेज बारिश के चलते शहर की सड़कों व गलियों में पानी जमा हो गया। जीटी रोड व असंध रोड समेत कई मुख्य सड़कों पर पानी भरने से सुबह रक्षाबंधन के लिए अपने भाइयों के पास जा रही बहनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बहनें मुहूर्त पर पहुंचने के लिए बारिश में ही अपने गंतव्य को रवाना हो गई, जबकि कुछ को इसके लिए इंतजार करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार को बारिश इस बार सावन की सबसे तेज बारिश रही। पानीपत में 60, बापौली में 26, समालखा में 25 व इसराना में 18 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों की माने तो अगले 24 घंटे आसमान में बादल छाए रहेंगे और बारिश भी हो सकती है। सावन में जोरदार बारिश होने से किसानों को सबसे ज्यादा राहत मिली। खेतों में खासकर धान की फसल को काफी सहारा मिला। विदित है कि बारिश न होने पर धान के खेतों में पानी की मांग पूरी नहीं हो पा रही थी। किसानों को इसके लिए लगातार खेतों में रहना पड़ रहा था। सोमवार सुबह तेज बारिश होने के बाद धान उत्पादक किसानों को राहत मिली।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सावन माह के आखिरी दिन मेघा जमकर बरसे। सुबह मात्र तीन घंटे में जिले में औसतन 32 एमएम बारिश हुई। अकेली पानीपत में सबसे ज्यादा 60 एमएम बारिश हुई। तेज बारिश के चलते शहर की सड़कों व गलियों में पानी जमा हो गया है और पानी निकासी के दावों की एक बार फिर से पोल खुल गई। मौसम विशेषज्ञों ने अगले 24 घंटे आसमान में बादल छाए रहने व बारिश होने की संभावना जताई है।
सोमवार सुबह करीब पांच बजे एक साथ बादल घिर आए और कुछ ही देर में जोरदार बारिश शुरू हो गई। सुबह करीब सवा पांच बजे शुरू बारिश करीब सवा आठ बजे तक लगातार चली। तेज बारिश के चलते शहर की सड़कों व गलियों में पानी जमा हो गया। जीटी रोड व असंध रोड समेत कई मुख्य सड़कों पर पानी भरने से सुबह रक्षाबंधन के लिए अपने भाइयों के पास जा रही बहनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बहनें मुहूर्त पर पहुंचने के लिए बारिश में ही अपने गंतव्य को रवाना हो गई, जबकि कुछ को इसके लिए इंतजार करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार को बारिश इस बार सावन की सबसे तेज बारिश रही। पानीपत में 60, बापौली में 26, समालखा में 25 व इसराना में 18 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों की माने तो अगले 24 घंटे आसमान में बादल छाए रहेंगे और बारिश भी हो सकती है। सावन में जोरदार बारिश होने से किसानों को सबसे ज्यादा राहत मिली। खेतों में खासकर धान की फसल को काफी सहारा मिला। विदित है कि बारिश न होने पर धान के खेतों में पानी की मांग पूरी नहीं हो पा रही थी। किसानों को इसके लिए लगातार खेतों में रहना पड़ रहा था। सोमवार सुबह तेज बारिश होने के बाद धान उत्पादक किसानों को राहत मिली।
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