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किसानों का आरोप पानी न मिलने पर धान की फसल सूखी
Updated Tue, 25 Jul 2017 12:10 AM IST
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किसानों ने आहुलाना माइनर से पानी छोड़ने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
समालखा।
पावटी और पट्टीकल्याणा गांव के किसानों ने एसडीएम गौरव कुमार से मिलकर अपने रजवाहे में पानी छुड़वाने की फरियाद लगाई है। किसानों ने कहा कि पानी के अभाव में उनकी फसल खराब हो रही है। बिजली किल्लत के कारण धान की उचित सिंचाई नहीं हो पा रही है। नहरी विभाग द्वारा उनके रजवाहे में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इससे एक दर्जन गांव के किसान प्रभावित हो रहे हैैं।
किसान बलवीर सिंह, ओमप्रकाश, धर्मपाल, सुरेंद्र, राजेंद्र, रमेश, जयभगवान, यशपाल व नवाब ने बताया कि उनके रजवाहे में आहुलाना माइनर से पानी छोड़ा जाता है। हर साल 15 जून के करीब पानी छोड़ दि जाता था। उसी पानी से किसान धान की रोपाई और सिंचाई करते हैैं। उक्त रजवाहे के पानी से पानीपत जिले के गांव बुड़शाम, मनाना, नारायणा, करहंस, पावटी, पट्टीकल्याणा, जौरासी व हल्दाना और सोनीपत जिले के गांव चिरस्मी, शाहपुर के करीब एक हजार एकड़ भूमि की सिंचाई होती है। चालू सीजन में रजवाहे में पानी नहीं छोड़े जाने से दो हजार के करीब किसान परेशान हैैं। बिजली नहीं मिलने से उनके धान की फसल पानी के अभाव में खराब हो रही है। कई किसानों के पास नलकूप नहीं हैं, वे पूरी तरह नहरी पानी पर ही निर्भर है। उन्होंने कहा कि यदि रजवाहे में पानी नहीं छोड़ा गया तो वे धरना-प्रदर्शन करने पर विवश हो जाएंगे।
नहरी विभाग के एसडीओ ध्रुव कुमार का कहना है कि आहुलाना माइनर की सफाई चल रही थी। जिसके कारण रजवाहे में पानी नहीं छोड़ा जा रहा था। जल्द से जल्द रजवाहे में पानी आ जाएगा। उन्होंने कहा कि बेलदार के साथ मारपीट को लेकर उच्चाधिकारी ने भी पानी छोड़ने पर रोक लगा रखी थी। मामले के सभी आरोपी पकड़े जा रहे हैैं। उच्चाधिकारी से अब रोक हटाने के लिए पत्राचार किया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
समालखा।
पावटी और पट्टीकल्याणा गांव के किसानों ने एसडीएम गौरव कुमार से मिलकर अपने रजवाहे में पानी छुड़वाने की फरियाद लगाई है। किसानों ने कहा कि पानी के अभाव में उनकी फसल खराब हो रही है। बिजली किल्लत के कारण धान की उचित सिंचाई नहीं हो पा रही है। नहरी विभाग द्वारा उनके रजवाहे में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इससे एक दर्जन गांव के किसान प्रभावित हो रहे हैैं।
किसान बलवीर सिंह, ओमप्रकाश, धर्मपाल, सुरेंद्र, राजेंद्र, रमेश, जयभगवान, यशपाल व नवाब ने बताया कि उनके रजवाहे में आहुलाना माइनर से पानी छोड़ा जाता है। हर साल 15 जून के करीब पानी छोड़ दि जाता था। उसी पानी से किसान धान की रोपाई और सिंचाई करते हैैं। उक्त रजवाहे के पानी से पानीपत जिले के गांव बुड़शाम, मनाना, नारायणा, करहंस, पावटी, पट्टीकल्याणा, जौरासी व हल्दाना और सोनीपत जिले के गांव चिरस्मी, शाहपुर के करीब एक हजार एकड़ भूमि की सिंचाई होती है। चालू सीजन में रजवाहे में पानी नहीं छोड़े जाने से दो हजार के करीब किसान परेशान हैैं। बिजली नहीं मिलने से उनके धान की फसल पानी के अभाव में खराब हो रही है। कई किसानों के पास नलकूप नहीं हैं, वे पूरी तरह नहरी पानी पर ही निर्भर है। उन्होंने कहा कि यदि रजवाहे में पानी नहीं छोड़ा गया तो वे धरना-प्रदर्शन करने पर विवश हो जाएंगे।
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नहरी विभाग के एसडीओ ध्रुव कुमार का कहना है कि आहुलाना माइनर की सफाई चल रही थी। जिसके कारण रजवाहे में पानी नहीं छोड़ा जा रहा था। जल्द से जल्द रजवाहे में पानी आ जाएगा। उन्होंने कहा कि बेलदार के साथ मारपीट को लेकर उच्चाधिकारी ने भी पानी छोड़ने पर रोक लगा रखी थी। मामले के सभी आरोपी पकड़े जा रहे हैैं। उच्चाधिकारी से अब रोक हटाने के लिए पत्राचार किया गया है।
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