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Panipat News: रोडवेज की 16 बसें दूसरे डिपो भेजी
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पानीपत। जिले की आबादी 12 लाख पार हो चुकी है। इसमें चार विधानसभा, पांच ब्लॉक और 198 गांव आते हैं। पानीपत डिपो से रोजाना 3500 के करीब यात्री अलग-अलग रूटों पर जाने के लिए रोडवेज बसों में रवाना होते हैं। शहर को चार दिन पहले ही नए बस स्टैंड की सौगात मिली तो अब बेड़े में शामिल रोडवेज बसों का आकड़ा घटने लगा। 50 नई बसों की आखिरी खेप मिलने के बाद जो आंकड़ा 170 के करीब पहुंच गया था, वो अब 141 पर आ गया है। कारण जानकार शायद आप भी अचंभित हो सकते हैं।
पानीपत डिपो को अप्रैल माह में मिली 50 में से 10 नई रोडवेज बीएस-6 बसों को दिल्ली डिपो को दे दिया गया। वहीं पांच साल पुरानी दो पुरानी रोडवेज बसें सिरसा, दो फतेहाबाद और दो हिसार डिपो भेज दी गई। बीती 15 जुलाई को आठ बसें कंडम हो गई थी। वहीं कुछ बसें इससे पहले भी कंडम हो चुकी हैं। फिलहाल पानीपत डिपो में बसाें की संख्या 141 पर आ गई है। इन्हीं बसों में नौ मिनी बसें भी शामिल हैं, जिन्हें फिलहाल सिटी बस के रूप में चलाया जा रहा है। अब पानीपत डिपो के बेड़े में बसों की संख्या बढ़ाने के लिए अधिकारियों को 50 नई इलेक्टि्क बसें मिलने का इंतजार करना होगा।
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नई बसें दिल्ली भेजना थी मजबूरी, परिचालकों की भी है कमी
दिल्ली में फिलहाल सिर्फ बीएस-6 बसों का ही संचालन किया जा सकता है। बीएस-4 बसों के संचालन पर केंद्र सरकार ने रोक लगा रखी है। ये ही वजह है कि स्थानीय डिपो अधिकारियों ने 10 नई बसों को वहां भेजा है। चर्चा है कि डिपो में चालक और परिचालकों की संख्या लगातार घटने के कारण ये फैसला लिया है। फिलहाल पानीपत डिपो में 209 चालक और 234 ही परिचालक हैं, जबकि ये अनुपात बसों की संख्या के हिसाब से 1: 6 का होना चाहिए।
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वर्जन
बसों की मांग होने पर समस्या का किया जाएगा समाधान
सरकारी आदेशों पर ही इन 16 बसों को दूसरे डिपो भेजा गया है। सिटी बसों की संख्या बढ़ाने की मांग आती है या किसी अन्य रूट पर यात्रियों को परेशानी होती है, तो उसका भी समाधान निकाला जाएगा।
कुलदीप जांगड़ा, महाप्रबंधक रोडवेज डिपो, पानीपत
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पानीपत डिपो को अप्रैल माह में मिली 50 में से 10 नई रोडवेज बीएस-6 बसों को दिल्ली डिपो को दे दिया गया। वहीं पांच साल पुरानी दो पुरानी रोडवेज बसें सिरसा, दो फतेहाबाद और दो हिसार डिपो भेज दी गई। बीती 15 जुलाई को आठ बसें कंडम हो गई थी। वहीं कुछ बसें इससे पहले भी कंडम हो चुकी हैं। फिलहाल पानीपत डिपो में बसाें की संख्या 141 पर आ गई है। इन्हीं बसों में नौ मिनी बसें भी शामिल हैं, जिन्हें फिलहाल सिटी बस के रूप में चलाया जा रहा है। अब पानीपत डिपो के बेड़े में बसों की संख्या बढ़ाने के लिए अधिकारियों को 50 नई इलेक्टि्क बसें मिलने का इंतजार करना होगा।
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नई बसें दिल्ली भेजना थी मजबूरी, परिचालकों की भी है कमी
दिल्ली में फिलहाल सिर्फ बीएस-6 बसों का ही संचालन किया जा सकता है। बीएस-4 बसों के संचालन पर केंद्र सरकार ने रोक लगा रखी है। ये ही वजह है कि स्थानीय डिपो अधिकारियों ने 10 नई बसों को वहां भेजा है। चर्चा है कि डिपो में चालक और परिचालकों की संख्या लगातार घटने के कारण ये फैसला लिया है। फिलहाल पानीपत डिपो में 209 चालक और 234 ही परिचालक हैं, जबकि ये अनुपात बसों की संख्या के हिसाब से 1: 6 का होना चाहिए।
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बसों की मांग होने पर समस्या का किया जाएगा समाधान
सरकारी आदेशों पर ही इन 16 बसों को दूसरे डिपो भेजा गया है। सिटी बसों की संख्या बढ़ाने की मांग आती है या किसी अन्य रूट पर यात्रियों को परेशानी होती है, तो उसका भी समाधान निकाला जाएगा।
कुलदीप जांगड़ा, महाप्रबंधक रोडवेज डिपो, पानीपत