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दो फैक्टरियों से 16 हजार किलोग्राम घी और तेल किया गया जब्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2020 01:42 AM IST
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16 kg ghe and oil recovered from two factories
खटीक बस्ती में मिलावटी घी बनाने का भंडाफोड़ में 16 हजार लीटर देसी घी और तेल बरामद किया गया है। इसकी मात्रा से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितने बड़े पैमाने पर यह गोरखधंधा चल रहा था। पंचकूला लैब से सैंपल रिपोर्ट आने तक पूरा माल पुलिस के पास ही जब्त रहेगा। पुलिस ने मामले में आरोपी फैक्टरी के मालिक विनोद मितल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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फैक्टरी में कहीं नहीं मिला दूध, फिर कैसे बनता था घी, पूछताछ जारी
सीएम फ्लाइंग के छापे में दोनों फैक्टरी में से पुलिस को कहीं भी दूध नहीं मिला, जबकि पूरा माल यहीं तैयार किया जाता था। पुलिस फैक्टरी मलिक से पूछताछ कर रही है कि वह घी और तेल कैसे बनाता था और कहां-कहां उसके खरीदार हैं। जिससे डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों की जानकारी लेकर वहां भी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पूछताछ में इतना ही पता चला है कि देसी घी और तेल की बड़ी बिक्री ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिए होती थी, हालांकि दोनों फैक्ट्रियों से बरामद माल से इस पर विश्वास करना मुश्किल है। ऐसे में डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर की पूछताछ जारी है।
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शहर में एक साल में 50 से अधिक खाद्य पदार्थों के सैंपल हो चुके हैं फेल
पानीपत मिलावटी घी, पनीर समेत तमाम खाद्य पदार्थों का हब बनता जा रहा है। शहर में एक साल में 50 से अधिक खाद्य पदार्थों की दुकानों से लिए गए खाद्य वस्तुओं के सैंपल फेल हो चुके हैं। पिछले चार साल में मिलावटी घी की चार बड़ी फैक्ट्रियों में सीएम फ्लाइंग और सीआईए का छापा पड़ चुका है।
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-निम्न वर्ग का ग्राहक निशाने पर, 200 रुपये में प्रति लीटर में बेच देते हैं
बाजार मेें शुद्ध देशी घी छह से आठ सौ रुपये प्रति लीटर अलग-अलग ब्रांड का उपलब्ध है, जबकि नकली देसी घी दो सौ रुपये प्रति लीटर में बेच दिया जाता है। ऐसे में इनका निशाना निम्न वर्ग है, जो महंगा देशी घी खरीदने में सक्षम नहीं हैं। जानकारों की मानें तो नकली देशी घी बनाने में ज्यादातर नेपाली डालडा का इस्तेमाल किया जाता है। जिसमें केमिकल मिलाकर उसे देशी घी की महक और रूप दिया जाता है। एक लीटर नकली देसी घी बेचने में सौ रुपये तक का मार्जिन होता है।
नकली घी से हो सकती है यह बीमारी: डॉ. सुखदीप कौर
सिवाह पीएचसी की इंचार्ज डॉ. सुखदीप कौर ने बताया कि मिलावटी घी का सेवन शरीर के लिए खतरनाक होता है। ऐसे घी के खाने से सबसे ज्यादा किडनी और लीवर पर असर पड़ता है। मिलावटी घी के कारण भोजन सही प्रकार से नहीं पच पाता। ऐसे में पेट में संक्रमण हो सकता है। यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।

आरोपी से पूछताछ की जा रही है, फिलहाल गोदाम सील नहीं किया है- इंद्र सिंह
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस ने 16 हजार लीटर देशी घी व तेल अपने कब्जे में लिया है। इनके सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
- इंद्र सिंह, एसआई किशनपुरा पुलिस चौकी
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