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40 डिग्री पारे में हलक सूखा तो 500 लोग उतरे सड़क पर, दो घंटे काटा हंगामा
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पानीपत। तपा देने वाली गर्मी में पिछले 15 दिनों से प्यासे वार्ड नंबर 19 की जगजीवन राम कॉलोनी के लोगों का गुस्सा सोमवार शाम को प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त तरीके से फूटा। आक्रोशित लोगों ने संजय चौक से जाटल की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते पर शाम साढ़े सात बजे जाम लगा दिया। इस दौरान कॉलोनी के करीब एक हजार लोग रोड पर बैठ कर अपनी समस्याओं को चीख-चीख कर बता रहे थे, लेेकिन उनका दर्द सुुनने का समय किसी भी प्रशासनिक अधिकारी या मंत्री-संत्री के पास नहीं था। लोगों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में छोटे बच्चों से लेकर महिलाएं, वृद्ध और नौजवान भी शामिल थे, उनके मुंह से सिर्फ एक ही बात निकल रही थी कि पानी दो भई पानी दो। दो घंटे के लगातार संघर्ष के बाद थाना प्रभारी मौके पर पहुंचेे। उन्होंने पार्षद पति मंगत राम को मौके पर बुलाया। इसके बाद पार्षद ने स्वयं जिम्मेदारी ली कि वह रोजाना 4 घंटे सुबह और 4 घंटे शाम को पानी मुहैया करवाएगा। लोगों ने उनके आश्वासन पर जाम खोला लेकिन चेतावनी भी दे दी कि अगर उन्हें पानी नहीं मिला तो अगली बार वे फिर से जाम लगा देंगे।
लोगों के गुस्से आगे पुलिस बेबस : लोगों की समस्या के साथ जाम का मंजर भयावह था। छोटे-छोटे बच्चे अपने मां-बाप से पानी मांग कर रहे थे। परेशान मां-बाप धरने पर बैठकर पानी के लिए चिल्ला रहे थे। लोगों में इतना आक्रोश था मानों वो पानी के लिए किसी जंग पर आए हों। इसी तनातनी की बीच पुलिस बल भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काफी देर तक समझाने का प्रयास तो किया, लेकिन असफल रहे। पुलिस ने मौके पर और फोर्स मंगवाई, लेकिन लोगों के हंगामे के आगे पुलिस फोर्स भी कुछ नहीं कर पाई।
15 दिन से एक बूंद भी पानी नहीं : लोगों ने बताया कि उनके घरों में पिछले 15 दिनों से पानी की एक बूंद भी नहीं है। खाना बनाने से लेकर पीने तक पानी खरीद कर लाना पड़ता है। कई-कई दिन किसी दूसरी जगह जाकर नहाना पड़ता है। रोजमर्रा के काम छोड़कर पानी भरने के लिए बाल्टी लेकर लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। करीब 2 महीने पहले भी वे पानी की इस समस्या को लेकर यहीं पर जाम लगा चुके हैं, लेकिन उस समय भी उनकी समस्या पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। उस समय भी लोग ऐसे ही परेशान होकर अपने घरों को चले गए। उन्होंने बताया कि उनके कॉलोनी में पानी की समस्या करीब एक साल से है। जिसका आजतक कोई समाधान नहीं हो पाया है।
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यहां रही ज्यादा समस्या, सबको कर चुके शिकायत : पानी के लिए तरस रहे लोगों ने बताया कि उनके वार्ड में सबसे ज्यादा समस्या जगजीवन राम कॉलोनी, मोहल्ला इमाम साहब, कोहली बस्ती व खटीक बस्ती में है। इस बारे में उन्होंने कई बार पार्षद, विधायक, जनस्वास्थ्य विभाग समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी गुहार लगाई, लेकिन उनकी समस्या किसी ने भी सुनी।
यहां दिखा जाम का असर : जाटल रोड पुल के पास जाम लगने से जीटी रोड, जाटल रोड, सनौली रोड, गोहाना रोड, मॉडल टॉउन सर्कुलर रोड समेत इन सभी रास्तों के साथ लगने वाली कॉलोनियों के रास्तों पर दिखा। यहां भयंकर जाम लगने से वाहन कतारों में खड़े दिखाई दिए। जाम देखकर आने जाने वाले लोगों ने अपना रास्ता बदल दिया। वहीं पुलिस ने भी जाम के दोनों तरफ खड़े होकर आने जाने वाले वाहनों को दूसरे रास्ते से जाने की सलाह दी।
प्रदर्शनकारियों ने दिखाई दया, जाने दी एंबुलेंस : प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आत्मीयता निभाते हुुए जाम किए गए रास्ते से सिर्फ एंबुलेंस, मरीज या घायलों को लाने ले जाने वाले वाहनों को रास्ता दिया। मौके पर ऐसे कई वाहन निकाले गए जो मरीजों को अस्पतालों ले जा रहे थे। लोगों ने बताया कि वे प्रदर्शन के दौरान ऐसा कोई काम नहीं करना चाहते जिससे किसी को आहत पहुंचे। उनका काम सिर्फ प्रशासन और नेताओं को अपनी समस्याओं के प्रति ध्यान में लाना है।
कीमती वोट तो ले जाते हैं, पानी तक पिला नहीं सकते : आक्रोशित लोगों ने मौजूदा वार्ड पार्षद, विधायक और सांसद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि चुनाव आने पर नेेता उनकी कीमती वोट मांगने आ जाते हैं। हाथ जोड़कर वादे करते हैं। चुनाव जीत जाने के बाद हमारे मरने जीने तक की सुध लेने का उनके पास समय नहीं है। उन्होंने बताया कि हाल ही के निगम चुनाव, लोकसभा चुनाव में उनके साथ ऐसा ही हुआ है। उन्होंने अपनी कीमती वोट के बदले सिर्फ पानी की मांग की थी, जो आजतक पूरी नहीं हुई।
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लोगों के गुस्से आगे पुलिस बेबस : लोगों की समस्या के साथ जाम का मंजर भयावह था। छोटे-छोटे बच्चे अपने मां-बाप से पानी मांग कर रहे थे। परेशान मां-बाप धरने पर बैठकर पानी के लिए चिल्ला रहे थे। लोगों में इतना आक्रोश था मानों वो पानी के लिए किसी जंग पर आए हों। इसी तनातनी की बीच पुलिस बल भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काफी देर तक समझाने का प्रयास तो किया, लेकिन असफल रहे। पुलिस ने मौके पर और फोर्स मंगवाई, लेकिन लोगों के हंगामे के आगे पुलिस फोर्स भी कुछ नहीं कर पाई।
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15 दिन से एक बूंद भी पानी नहीं : लोगों ने बताया कि उनके घरों में पिछले 15 दिनों से पानी की एक बूंद भी नहीं है। खाना बनाने से लेकर पीने तक पानी खरीद कर लाना पड़ता है। कई-कई दिन किसी दूसरी जगह जाकर नहाना पड़ता है। रोजमर्रा के काम छोड़कर पानी भरने के लिए बाल्टी लेकर लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। करीब 2 महीने पहले भी वे पानी की इस समस्या को लेकर यहीं पर जाम लगा चुके हैं, लेकिन उस समय भी उनकी समस्या पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। उस समय भी लोग ऐसे ही परेशान होकर अपने घरों को चले गए। उन्होंने बताया कि उनके कॉलोनी में पानी की समस्या करीब एक साल से है। जिसका आजतक कोई समाधान नहीं हो पाया है।
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यहां रही ज्यादा समस्या, सबको कर चुके शिकायत : पानी के लिए तरस रहे लोगों ने बताया कि उनके वार्ड में सबसे ज्यादा समस्या जगजीवन राम कॉलोनी, मोहल्ला इमाम साहब, कोहली बस्ती व खटीक बस्ती में है। इस बारे में उन्होंने कई बार पार्षद, विधायक, जनस्वास्थ्य विभाग समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी गुहार लगाई, लेकिन उनकी समस्या किसी ने भी सुनी।
यहां दिखा जाम का असर : जाटल रोड पुल के पास जाम लगने से जीटी रोड, जाटल रोड, सनौली रोड, गोहाना रोड, मॉडल टॉउन सर्कुलर रोड समेत इन सभी रास्तों के साथ लगने वाली कॉलोनियों के रास्तों पर दिखा। यहां भयंकर जाम लगने से वाहन कतारों में खड़े दिखाई दिए। जाम देखकर आने जाने वाले लोगों ने अपना रास्ता बदल दिया। वहीं पुलिस ने भी जाम के दोनों तरफ खड़े होकर आने जाने वाले वाहनों को दूसरे रास्ते से जाने की सलाह दी।
प्रदर्शनकारियों ने दिखाई दया, जाने दी एंबुलेंस : प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आत्मीयता निभाते हुुए जाम किए गए रास्ते से सिर्फ एंबुलेंस, मरीज या घायलों को लाने ले जाने वाले वाहनों को रास्ता दिया। मौके पर ऐसे कई वाहन निकाले गए जो मरीजों को अस्पतालों ले जा रहे थे। लोगों ने बताया कि वे प्रदर्शन के दौरान ऐसा कोई काम नहीं करना चाहते जिससे किसी को आहत पहुंचे। उनका काम सिर्फ प्रशासन और नेताओं को अपनी समस्याओं के प्रति ध्यान में लाना है।
कीमती वोट तो ले जाते हैं, पानी तक पिला नहीं सकते : आक्रोशित लोगों ने मौजूदा वार्ड पार्षद, विधायक और सांसद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि चुनाव आने पर नेेता उनकी कीमती वोट मांगने आ जाते हैं। हाथ जोड़कर वादे करते हैं। चुनाव जीत जाने के बाद हमारे मरने जीने तक की सुध लेने का उनके पास समय नहीं है। उन्होंने बताया कि हाल ही के निगम चुनाव, लोकसभा चुनाव में उनके साथ ऐसा ही हुआ है। उन्होंने अपनी कीमती वोट के बदले सिर्फ पानी की मांग की थी, जो आजतक पूरी नहीं हुई।