फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   24 साल बाद भी 78 कर्मचारियों को नहीं मिला 44 लाख रुपये का देय लाभ

24 साल बाद भी 78 कर्मचारियों को नहीं मिला 44 लाख रुपये का देय लाभ

Mon, 01 Jul 2019 12:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jul 2019 12:00 AM IST
विज्ञापन
24 साल बाद भी 78 कर्मचारियों को नहीं मिला 44 लाख रुपये का देय लाभ
पानीपत। शुगर मिल की डिस्टलरी से हटाए गए 287 में से 78 कर्मचारियों को 24 साल बाद भी उनका देय लाभ नहीं मिल सका है। कर्मचारियों का कहना है कि उनका ये देय लाभ 1996 में करीब 44 लाख रुपये ऑडिट किया गया था। जिसे आज तक मिल प्रबंधन ने जारी नहीं किया है। उन्होंने बताया कि इस देय लाभ के लिए मिल सरकार से एक करोड़ 60 लाख रुपये का लोन भी ले चुका है। इस राशि में से केवल 96 लाख रुपये का देय लाभ कुल 209 कर्मचारियों को ही दिया गया।
विज्ञापन

ये है मामला : डिस्टलरी कर्मचारी यूनियन महासचिव महाबीर शर्मा ने बताया कि शराब बंदी के समय 1996 में शुगर मिल डिस्टलरी से 287 कर्मचारियों को हटाया गया था। इनका देय लाभ देने के लिए मिल प्रबंधन ने सरकार से एक करोड़ 60 लाख रुपये का लोन भी लिया, लेकिन इस राशि में से सिर्फ 209 कर्मचारियों को ही करीब 96 लाख रुपये का देय लाभ का भुगतान किया गया। बाकी बचे 78 कर्मचारियों को उनका करीब 44 लाख रुपये देय लाभ 24 साल बाद भी नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर श्रम आयुक्त द्वारा मिल प्रबंधन को एक पत्र भी जारी किया गया था, जिसमें मिल प्रबंधन को देय लाभ की राशि में इन कर्मचारियों को भी देने के बारे में सूचित किया गया था। लेकिन मिल प्रबंधन की लापरवाही और मिलीभगत का खामियाजा 78 परिवार आज तक भुगत रहे हैं।
विज्ञापन

धोखा कर हजम कर गए हमारा देय लाभ : यूनियन महासचिव ने बताया कि तत्कालीन मिल प्रबंधन ने उन्हें देय लाभ लेने के लिए श्रम न्यायालय जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा था कि कोर्ट के आदेश के बाद हम ये देय लाभ तुम्हें दे देंगे। यह मिल प्रबंधन की एक चाल थी। जिसमें 78 कर्मचारियों को धोखा देकर उनसे कोर्ट में केस करवाया गया। उनके देय लाभ को मिलीभगत कर हजम कर लिया गया। उन्हें कोई भी प्रशासनिक अधिकारी आज तक ये बताने को तैयार नहीं है कि ऑडिट में उनके देय लाभ के लिए आया हुआ पैसा कहां है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लगा चुके हैं न्याय की गुहार : महाबीर शर्मा ने बताया कि वे इस मामले में न्याय की आस लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, विपक्ष नेता अटल बिहारी वाजपेयी, मुख्यमंत्री बंशीलाल, श्रम मंत्री भारत सरकार से मनमोहन सिंह, नरेन्द्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तक को भी प्रार्थना पत्र व शिकायतें भेजी जा चुकी हैं। इसके अलावा अरविंद शर्मा, कुलदीप शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा से व्यक्तिगत तौर से मिलकर इस मामले की हल करने की बात कही, लेकिन किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।

यह मामला काफी पुराना है। ऐसे में कुछ नहीं बताया जा सकता। इन्हें देय लाभ नहीं मिला इसके पीछे कुछ न कुछ कारण तो रहा ही होगा। इस बारे में पूरी जांच पड़ताल करने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।
संदीप अग्रवाल, एमडी, शुगर मिल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed