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चैंबर ऑफ कॉमर्स की मीटिंग में उद्योगपतियों ने रखीं अपनी समस्याएं

Sat, 01 Jun 2019 11:44 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jun 2019 11:44 PM IST
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चैंबर ऑफ कॉमर्स की मीटिंग में उद्योगपतियों ने रखीं अपनी समस्याएं
पानीपत। चैंबर ऑफ कॉमर्स की शनिवार रात को जीटी रोड स्थित निजी होटल में मीटिंग हुई। मीटिंग में चैंबर ऑफ कॉमर्स व डायर्स एसोसिएशन ने भी भाग लिया। मीटिंग में उद्योगपतियों ने औद्योगिक नगरी के विस्तार के लिए अपने सुझाव व समस्याएं रखी। मीटिंग की अध्यक्षता चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान विनोद खंडेलवाल ने की।
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मीटिंग में विनोद खंडेलवाल ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य टेक्सटाइल नगरी का विस्तार करना और उद्योगपतियों की समस्याओं का समाधान कराना है। उनके लिए उद्योगपतियों के सुझाव महत्वपूर्ण है। उन्होंने उद्योगपतियों को विश्वास दिलाया कि वो सदैव उद्योगपतियों के लिए खड़े रहेंगे। डायर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भीम राणा ने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि फैक्टरियों में आग लगने पर समय पर दमकल विभाग की गाड़ियां नहीं पहुंच पाती। जब तक गाड़ियां पहुंचती हैं फैक्टरियां राख हो चुकी होती है। इसलिए सेक्टर 29 में एक फायर स्टेशन होना चाहिए। ताकि समय पर गाड़ियां पहुंच सके। इसके अलावा उन्होंने चैंबर ऑफ कामर्स के सामने ग्राउंड वाटर अथॉरिटी की समस्या रखते हुए कहा कि ग्राउंड वाटर की अब तक पॉलिसी क्लीयर नहीं है। अथॉरिटी ने पानीपत की 47 फैक्टरियों को बंद करने के निर्देश दे दिए है। सरकार की गलत पॉलिसी का खामियाजा उद्योगपतियों को भुगतना पड़ रहा है। अगर समय रहते हमने पॉलिसी में बदलाव नहीं कराया तो टेक्सटाइल जगत को काफी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि अब उन्हें भूमिगत जल के लिए 16 पैसे प्रति लीटर भुगतान करना पड़ेगा। ये बहुत महंगा है। भीम राणा के इन सुझावों पर चैंबर ऑफ कामर्स ने साथ देने का आश्वासन दिया है।
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उद्योगपति रामनिवास गुप्ता ने कहा कि कई साल से सेक्टर 29 में कई सड़कें अधूरी पड़ी है। इस कारण वहां कारोबार करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वो कई बार इस संबंध में एमएलए व प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ है। सुरेश गुप्ता ने कहा कि एन्हांसमेंट उनके सामने बड़ी समस्याएं है। सरकार एन्हांसमेंट के रूप में उनसे अवैध रूप से वसूली करना चाहती है। 30-30 लाख रुपये की एन्हांसमेंट भरना उनके लिए मुश्किल है। इसलिए सबको साथ आकर इसके खिलाफ संघर्ष करना होगा। अब सरकार को ईएसआई को आयुष्मान भारत योजना में मर्ज कर देना चाहिए, ताकि लेबर पर अतिरिक्त भार ना पड़े। उद्योगपतियों ने मीटिंग में मांग की कि व्यापारियों का बीमा व पेंशन भी होनी चाहिए। मीटिंग में चैंबर ऑफ कॉमर्स ने अपनी कार्य प्रणाली का लेखा जोखा भी पेश किया। मीटिंग में चैंबर ऑफ कॉमर्स के सलाहकार शशि चड्डा ने उद्योगपतियों को जीएसटी के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर मोहन लाल गर्ग, राकेश भाटिया, शशि चड्डा, राजेंद्र खुराना, मनीष अग्रवाल व सतीश अग्रवाल मौजूद रहे।
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