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45 पार पहुंचा तापमान, गर्मी से अभी नहीं मिलेगी निजात
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पानीपत। बीते 5 दिन से पड़ रही भयंकर गर्मी से जन जीवन बुरी तरह से प्रभावित है। 31 मई को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 दिन और भयंकर गर्मी पड़ सकती है। तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।
उधर, गर्मी के कारण बीमारियां भी बढ़ रही है। सिविल अस्पताल में हर रोज डायरिया के 30-35 मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर लगातार जिले भर में कैंप लगाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा भयंकर गर्मी में बिजली की 10 लाख यूनिट मांग बढ़ चुकी है। जिले में 85 लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही है। बिजली की मांग अधिक होने के कारण ओवरलोड फीडर पर कट लग रहे हैं।
सड़कों व बाजारों से रौनक गायब : गर्मी का आलम यह रहा कि इंसान से लेकर पशु पक्षी भी व्याकुल दिखाई दिए। दिन चढ़ने के साथ गर्मी का असर बढ़ता गया। दोपहर में सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा दिखा। घरों में भट्टी सी तपन से परेशान लोग पेड़ों के नीचे राहत की सांस लेते दिखे। बाजारों में चहल-पहल व रौनक बिल्कुल कम हो गई है। सड़कें सूनी नजर आने लगी है।
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डिहाइड्रेशन होने की संभावना : सिविल अस्पताल की चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. निहारिका ने बताया कि इंसान के शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन होने की संभावना बढ़ जाती है। गर्मी में ज्यादा देर धूप में रहने से शरीर से अधिक मात्रा में पसीना निकलने के कारण पानी की कमी हो जाती है। इससे सिरदर्द, थकान, सुस्ती, भूख का कम होना, बदन में ऐंठन, उल्टी होना, पेट में दर्द, जलन, दस्त होना, चक्कर आना साथ ही मानसिक संतुलन बिगड़ने जैसे हालात पैदा हो जाते हैं। इंसान का शरीर 37 डिग्री तक तापमान सहन करने में सक्षम होता है। तापमान इससे ऊपर जाने पर शरीर में कई प्रकार की दिक्कत महसूस होने लगती है। शरीर से पानी खत्म होने लगता है, खून गाढ़ा हो जाता है। लिहाजा जरूरी सावधानी न बरतने पर बच्चे बहुत जल्दी बीमारियों की गिरफ्त में आ जाते हैं।
डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी : सिविल अस्पताल में हर रोज 30-35 डायरिया के मरीज सामने आ रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। डायरिया के पिछले पांच दिन में मरीज बढ़े हैं। डॉक्टर इलाज के साथ-साथ मरीजों को डायरिया के खिलाफ जागरूक भी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किए कैंप : भयंकर गर्मी के कारण डायरिया लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया से पार पाने के लिए जिले भर में कैंप शुरू कर दिए हैं। अब तक 12 कॉलोनियों में कैंप लगाकर लोगों को जागरूक किया जा चुका है। जो डायरिया की चपेट में है उनका कैंप में इलाज किया जा रहा है। शनिवार से ग्रामीण क्षेत्रों कैंप शुरू किए गए हैं।
घर से बाहर निकलें तो बरतें सावधानी
- चुस्त कपड़े की जगह ढीले कपड़े पहनें, ताकि शरीर में बाहर की हवा लगती रहे।
- सूती कपड़े पहनना ज्यादा बेहतर होगा। सिंथेटिक, पॉलिस्टर कपड़े पहनने से बचें।
- खाली पेट घर से बाहर न निकलें, अधिक देर भूखे रहने से बचें।
- शिकंजी, ठंडा शर्बत या पानी पी कर निकलें, पानी की बोतल लेकर चलें
- बहुत अधिक पसीना आने पर तुरंत ठंडा पानी न पिएं। सादा पानी पिएं।
चिलचिलाती धूप में बीमारियों से ऐसे करें अपनी देखभाल
खसरा : चिलचिलाती गर्मी अपने साथ खसरा, डायरिया, पीलिया, स्कैबीज, चेचक और टाइफाइड जैसे रोग लेकर आती है। बुखार, खांसी, नाक बहना व आंखों का लाल होना जैसी दिक्कतेें होती है। खसरा से संक्रमित व्यक्ति से दूर रहना इसे फैलने से रोक सकता है।
टाइफाइड : यह बीमारी गंदे पानी और दूषित भोजन के सेवन से होती है। लगातार बुखार रहना, भूख कम लगना, उल्टी होना और खांसी जुकाम इसके लक्षण है। तुरंत इलाज और खानपान में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
चेचक : इस बीमारी में शरीर में लाल रंग के चकते हो जाते हैं। सिरदर्द बुखार और गले में खराश इसके शुरूआती लक्षण है। खांसी और छींक से यह रोग दूसरे तक पहुंचता है। स्वच्छता का ख्याल रखें रोगी को अन्य सदस्यों से दूर रखें। स्कैबीज में भी कुछ ऐसी सावधानी रखनी पड़ती है।
10 लाख यूनिट बिजली की मांग बढ़ी : गर्मियों में 10 लाख यूनिट बिजली की मांग बढ़ चुकी है। 85 लाख यूनिट की खपत प्रतिदिन जिला पानीपत में हो रही है। पहले यह 70-75 लाख यूनिट के करीब होती है।
ओवरलोड से जल रहे ट्रांसफार्मर : गर्मी अधिक होने के कारण बिजली की डिमांड बढ़ गई है। ओवरलोड ट्रांसफार्मर लगातार जल रहे हैं। अकेले मई माह के दौरान सिटी डिविजन में 20 ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। शहरी क्षेत्र में नौ फीडर पर 453 ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इन पर बिजली का लोड बढ़ता जा रहा है। जनवरी से अप्रैल माह तक शहर के ट्रांसफार्मरों को मरम्मत व तेल बदलने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। बावजूद इसके लगातार ट्रांसफार्मर जल रहे हैं।
यूं रह सकता है अगले पांच दिन का तापमान
तारीख अधिकतम न्यूनतम
दो जून 46 28
तीन जून 46.5 29
चार जून 47 30
पांच जून 46 27
छह जून 45 29
आने वाले 6-7 दिन तक गर्मी जारी रहेगी। तापमान और अधिक बढ़ सकता है। लू भी अधिक तेज हो सकती है। जून में भी तापमान ऊपर नीचे होता रहेगा।
डॉ. देवेंद्र बुंदेला, मौसम विशेषज्ञ, करनाल
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उधर, गर्मी के कारण बीमारियां भी बढ़ रही है। सिविल अस्पताल में हर रोज डायरिया के 30-35 मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर लगातार जिले भर में कैंप लगाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा भयंकर गर्मी में बिजली की 10 लाख यूनिट मांग बढ़ चुकी है। जिले में 85 लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही है। बिजली की मांग अधिक होने के कारण ओवरलोड फीडर पर कट लग रहे हैं।
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सड़कों व बाजारों से रौनक गायब : गर्मी का आलम यह रहा कि इंसान से लेकर पशु पक्षी भी व्याकुल दिखाई दिए। दिन चढ़ने के साथ गर्मी का असर बढ़ता गया। दोपहर में सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा दिखा। घरों में भट्टी सी तपन से परेशान लोग पेड़ों के नीचे राहत की सांस लेते दिखे। बाजारों में चहल-पहल व रौनक बिल्कुल कम हो गई है। सड़कें सूनी नजर आने लगी है।
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डिहाइड्रेशन होने की संभावना : सिविल अस्पताल की चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. निहारिका ने बताया कि इंसान के शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन होने की संभावना बढ़ जाती है। गर्मी में ज्यादा देर धूप में रहने से शरीर से अधिक मात्रा में पसीना निकलने के कारण पानी की कमी हो जाती है। इससे सिरदर्द, थकान, सुस्ती, भूख का कम होना, बदन में ऐंठन, उल्टी होना, पेट में दर्द, जलन, दस्त होना, चक्कर आना साथ ही मानसिक संतुलन बिगड़ने जैसे हालात पैदा हो जाते हैं। इंसान का शरीर 37 डिग्री तक तापमान सहन करने में सक्षम होता है। तापमान इससे ऊपर जाने पर शरीर में कई प्रकार की दिक्कत महसूस होने लगती है। शरीर से पानी खत्म होने लगता है, खून गाढ़ा हो जाता है। लिहाजा जरूरी सावधानी न बरतने पर बच्चे बहुत जल्दी बीमारियों की गिरफ्त में आ जाते हैं।
डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी : सिविल अस्पताल में हर रोज 30-35 डायरिया के मरीज सामने आ रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। डायरिया के पिछले पांच दिन में मरीज बढ़े हैं। डॉक्टर इलाज के साथ-साथ मरीजों को डायरिया के खिलाफ जागरूक भी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किए कैंप : भयंकर गर्मी के कारण डायरिया लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया से पार पाने के लिए जिले भर में कैंप शुरू कर दिए हैं। अब तक 12 कॉलोनियों में कैंप लगाकर लोगों को जागरूक किया जा चुका है। जो डायरिया की चपेट में है उनका कैंप में इलाज किया जा रहा है। शनिवार से ग्रामीण क्षेत्रों कैंप शुरू किए गए हैं।
घर से बाहर निकलें तो बरतें सावधानी
- चुस्त कपड़े की जगह ढीले कपड़े पहनें, ताकि शरीर में बाहर की हवा लगती रहे।
- सूती कपड़े पहनना ज्यादा बेहतर होगा। सिंथेटिक, पॉलिस्टर कपड़े पहनने से बचें।
- खाली पेट घर से बाहर न निकलें, अधिक देर भूखे रहने से बचें।
- शिकंजी, ठंडा शर्बत या पानी पी कर निकलें, पानी की बोतल लेकर चलें
- बहुत अधिक पसीना आने पर तुरंत ठंडा पानी न पिएं। सादा पानी पिएं।
चिलचिलाती धूप में बीमारियों से ऐसे करें अपनी देखभाल
खसरा : चिलचिलाती गर्मी अपने साथ खसरा, डायरिया, पीलिया, स्कैबीज, चेचक और टाइफाइड जैसे रोग लेकर आती है। बुखार, खांसी, नाक बहना व आंखों का लाल होना जैसी दिक्कतेें होती है। खसरा से संक्रमित व्यक्ति से दूर रहना इसे फैलने से रोक सकता है।
टाइफाइड : यह बीमारी गंदे पानी और दूषित भोजन के सेवन से होती है। लगातार बुखार रहना, भूख कम लगना, उल्टी होना और खांसी जुकाम इसके लक्षण है। तुरंत इलाज और खानपान में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
चेचक : इस बीमारी में शरीर में लाल रंग के चकते हो जाते हैं। सिरदर्द बुखार और गले में खराश इसके शुरूआती लक्षण है। खांसी और छींक से यह रोग दूसरे तक पहुंचता है। स्वच्छता का ख्याल रखें रोगी को अन्य सदस्यों से दूर रखें। स्कैबीज में भी कुछ ऐसी सावधानी रखनी पड़ती है।
10 लाख यूनिट बिजली की मांग बढ़ी : गर्मियों में 10 लाख यूनिट बिजली की मांग बढ़ चुकी है। 85 लाख यूनिट की खपत प्रतिदिन जिला पानीपत में हो रही है। पहले यह 70-75 लाख यूनिट के करीब होती है।
ओवरलोड से जल रहे ट्रांसफार्मर : गर्मी अधिक होने के कारण बिजली की डिमांड बढ़ गई है। ओवरलोड ट्रांसफार्मर लगातार जल रहे हैं। अकेले मई माह के दौरान सिटी डिविजन में 20 ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। शहरी क्षेत्र में नौ फीडर पर 453 ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इन पर बिजली का लोड बढ़ता जा रहा है। जनवरी से अप्रैल माह तक शहर के ट्रांसफार्मरों को मरम्मत व तेल बदलने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। बावजूद इसके लगातार ट्रांसफार्मर जल रहे हैं।
यूं रह सकता है अगले पांच दिन का तापमान
तारीख अधिकतम न्यूनतम
दो जून 46 28
तीन जून 46.5 29
चार जून 47 30
पांच जून 46 27
छह जून 45 29
आने वाले 6-7 दिन तक गर्मी जारी रहेगी। तापमान और अधिक बढ़ सकता है। लू भी अधिक तेज हो सकती है। जून में भी तापमान ऊपर नीचे होता रहेगा।
डॉ. देवेंद्र बुंदेला, मौसम विशेषज्ञ, करनाल