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बाल तस्करी को रोकने के लिए सामने आएं गैर सरकारी संगठन : डीसी
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पानीपत। पानीपत में बाल तस्करी को प्रभावी रूप से रोकने और बाल कल्याण के लिए कार्य करने वाले विभिन्न गैर सरकारी संगठनों को आगे लाया जाएगा। सरकार की ओर प्रशासन इस कार्य में इन एनजीओ की दिल खोलकर सहायता करेगा। इसके लिए शीघ्र ही जिला के विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के साथ बातचीत कर इस कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने सोमवार को जिला बाल कल्याण समिति की जनवरी से लेकर मार्च माह तक की समीक्षा बैठक में यह आदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे गैर सरकारी संगठनों को आगे लाया जाए जो विश्वसनीय हैं और पिछले दो सालों से अच्छा कार्य कर रहे हैं। बाल श्रम और खासकर बालिकाओं के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को लेकर हम सबको सोचने और समझने की सख्त जरूरत है। कितने ही ऐसे केस सामने आ रहे हैं। जिन केसों में एफआईआर दर्ज हुई है, उनमें अब तक प्रगति कितनी हुई है और भविष्य की क्या-क्या रणनीतियां हैं, यह पूरा विवरण तैयार करके लाएं।
उन्होंने कहा कि वे इसी सप्ताह हरि नगर और गांव रिसालु में चल रहे शेल्टर होम का निरीक्षण करेंगी। उन्होंने बाल श्रम केंद्र में की गई प्रगति पर भी प्रशंसा जाहिर की। उन्होंने कहा कि पानीपत जिला अपने सामाजिक कार्यों के प्रति जवाबदेह है। यहां के नागरिक ऐसे सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं। सरकार द्वारा बनाए गए प्रावधानों के अनुसार ओपन शेल्टर होम चलाने वाले गैर सरकारी संगठन प्रशासन के साथ मिलकर बाल एवं बालिका कल्याण के लिए आगे आएंगे। ऐसे संगठनों से 15 जून तक प्रस्ताव ले लिए जाएं। चाइल्ड एब्यूज को लेकर भी कार्यशाला आयोजित की जाए, जिसमें विशेषज्ञ बुलाकर विभिन्न स्कूलों को आमंत्रित किया जाए। इस मौके पर डीएसपी राजेश फौगाट, महिला एवं बाल विकास विभाग की पीओ सरला यादव, जिला बाल एवं महिला संरक्षण अधिकारी रजनी गुप्ता, जिला बाल सुरक्षा अधिकारी निधि गुप्ता, जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष पदमा शर्मा, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य किरण मलिक व हरिदास शास्त्री भी मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि वे इसी सप्ताह हरि नगर और गांव रिसालु में चल रहे शेल्टर होम का निरीक्षण करेंगी। उन्होंने बाल श्रम केंद्र में की गई प्रगति पर भी प्रशंसा जाहिर की। उन्होंने कहा कि पानीपत जिला अपने सामाजिक कार्यों के प्रति जवाबदेह है। यहां के नागरिक ऐसे सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं। सरकार द्वारा बनाए गए प्रावधानों के अनुसार ओपन शेल्टर होम चलाने वाले गैर सरकारी संगठन प्रशासन के साथ मिलकर बाल एवं बालिका कल्याण के लिए आगे आएंगे। ऐसे संगठनों से 15 जून तक प्रस्ताव ले लिए जाएं। चाइल्ड एब्यूज को लेकर भी कार्यशाला आयोजित की जाए, जिसमें विशेषज्ञ बुलाकर विभिन्न स्कूलों को आमंत्रित किया जाए। इस मौके पर डीएसपी राजेश फौगाट, महिला एवं बाल विकास विभाग की पीओ सरला यादव, जिला बाल एवं महिला संरक्षण अधिकारी रजनी गुप्ता, जिला बाल सुरक्षा अधिकारी निधि गुप्ता, जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष पदमा शर्मा, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य किरण मलिक व हरिदास शास्त्री भी मौजूद थे।
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