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जापान में बाहुबली के नाम से मशहूर हुए नीरज चोपड़ा, अब ओलंपिक में जापान की हवा में लहराएगा नीरज का भाला

Tue, 28 Aug 2018 12:09 AM IST
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:09 AM IST
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जापान में बाहुबली के नाम से मशहूर हुए नीरज चोपड़ा, अब ओलंपिक में जापान की हवा में लहराएगा नीरज का भाला
जापान में बाहुबली के नाम से मशहूर हुए नीरज चोपड़ा
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अब ओलंपिक में जापान की हवा में लहराएगा नीरज का भाला
संदीप भौरिया
पानीपत। भारत के स्टार भाला फेंक नीरज चोपड़ा जापान में महाबली के नाम से मशहूर हो गए हैं। जापान के खिलाड़ी ट्विटर पर नीरज चोपड़ा को बाहुबली बुला रहे हैं। उनका कहना है कि अब ओलंपिक में जापान के टोक्यो में नीरज का भाला हवा में लहराएगा। विदेशी खिलाड़ी नीरज चोपड़ा को भारत का सबसे बड़ा सुपरस्टार कहकर बुला रहे हैं। इस बारे में चाचा भीम चोपड़ा का कहना है कि नीरज का अगला उद्देश्य टोक्यो ओलंपिक में पदक लाना है। इसी के अनुसार कोच उवे हान उनकी मेहनत भी करवा रहा है।
नीरज चोपड़ा सात साल से नेशनल एकेडमी दिल्ली व बंगलूरू में ही रहते हैं। सात साल में वे मात्र आठ बार ही घर आए हैं। बहन संगीता व सरिता ने बताया कि नीरज रक्षा बंधन पर एक बार ही घर आए थे। रक्षाबंधन पर हर बार उन्हें नीरज की याद आती है, लेकिन वह देश के लिए समर्पित है। अब वह पूरे देश का बेटा है। उन पर पूरे देश की उम्मीदों का भार है। पिता सतीश मध्य प्रदेश में खेती करते हैं। चाचा सुल्तान व भीम की कड़ी मेहनत के कारण ही नीरज यहां तक पहुंचे हैं।
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दोस्त बोले: बचपन से ही कुछ कर गुजरने की सोच ली थी
नीरज के दोस्त दीपक व वेदपाल ने बताया कि बचपन से ही नीरज में कुछ कर गुजरने की चाहत थी। सुबह 4 बजे नीरज खुद उनके घर आकर उनको जगाता था और दौड़ करते हैं। बचपन में ही नीरज ये कहता था कि यार कुछ बड़ा करना है। उसके लिए खुद को तैयार करना जरूरी है।
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बहन से वायदा किया था रक्षा बंधन पर गोल्ड मेडल गिफ्ट करूंगा
बहन संगीता व सरिता ने बताया कि रक्षा बंधन से पहले उनकी नीरज से बात हुई थी। उन्होंने नीरज को कहा कि भैया इस बार भी आपको राखी नहीं बांध पाऊंगी। आओगे तब बांधूंगी तो गिफ्ट में क्या दोगे। इस पर नीरज ने बहनों का कहा था कि इस रक्षा बंधन पर आपको गोल्ड मेडल गिफ्ट करूंगा।

कामयाबी के पीछे जिगरी दोस्त का हाथ
नीरज की कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा हाथ दोस्त जयवीर का है। 12 साल की उम्र में जब नीरज पानीपत जाने लगे तो वहां सीनियर खिलाड़ी जयवीर से मुलाकात की, जिन्होंने उनकी 6 फीट से ज्यादा की हाइट देखकर जेवेलिन खेलने के लिए कहा। शुरुआत में कई बार मन जेवेलिन के लिए नहीं हुआ, लेकिन जयवीर ने उसका हमेशा साथ दिया। उसकी कोशिशों के कारण ही वे आज नीरज स्टार खिलाड़ी बन पाया हैं।

मेडल जीतने के बाद ही नहीं, पहले भी सुविधा दे सरकार
नीरज के चाचा भीम चोपड़ा ने कहा कि खिलाड़ियों के बड़ी प्रतियोगिताओं में मेडल जीतने के बाद सरकार अच्छी राशि देती है और सभी सुविधाएं भी देती है, यह सरकार की ओर से की जाने वाली अच्छी पहल है, लेकिन नए खिलाड़ी इस स्तर तक पहुंच सकें और बड़ी प्रतियोगिताओं में जाकर मेडल लाएं। इसके लिए उन्हें शुरू से अच्छी सुविधाएं देने पर भी सरकार को विचार करना चाहिए। मजबूत इरादे और दृढ़ इच्छा शक्ति इंसान को हर कठिनाई पार करने की ताकत देती है।
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