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चालीस साल पहले खिंची 220 केवी की 7
Updated Sun, 20 May 2018 12:26 AM IST
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हाईटेंशन के नीचे रह रहे 20 से अधिक कॉलोनियों के लोग
चालीस साल पहले खिंची 220 केवी की 78 किमी लंबी लाइन के नीचे रहने वालों को जान का खतरा
गर्मी आते ही बड़े खतरे का रहता है अंदेशा, नोटिस और प्रशासन को लिखे पत्र से भी लोग बेअसर
मयंक तिवारी
पानीपत। पानीपत, करनाल और कुरुक्षेत्र से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन के नीचे 20 से अधिक कॉलोनियों के लगभग एक लाख से अधिक लोग जान हथेली पर रखकर रह रहे हैं। यहां बसने से रोक पाने में जिला प्रशासन और भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड नाकाम साबित हो रहा है। पानीपत में दो दिन पहले ही बलजीत नगर कॉलोनी में गर्मी के कारण तार छत से दो फीट की दूरी पर आकर लटक गया। इससे हादसा होने से बच गया।
बोर्ड की कुरुक्षेत्र से पानीपत के बीच 78 किमी लंबी लाइन के नीचे हो रहे अवैध निर्माण को रोक पाने में प्रशासन नाकाम है। तीनों जिलों में लगभग 20 कॉलोनियों में एक लाख लोग रहते हैं, जो सुरक्षा मानक के विपरीत है। बिजली अधिनियम के अनुसार तार के दोनों तरफ 18 फीट दूरी जरूरी है। इसके लिए निर्माण करने वालों को नोटिस जारी करने के साथ उक्त जिले के उपायुक्तों को आए दिन पत्र लिखा जाता रहता है। उल्लेखनीय है कि तार के नीचे बसी कॉलोनियों में अप्रवासी लोग अधिक हैं। ये छत की लालच में भूमाफिया के जाल में फंस कर यहां बस जाते हैं। पहले तो लोग एक मंजिला भवन बनाते हैं बाद में उसी पर और निर्माण उनके लिए परेशानी का सबब होता है।
हाईवोल्टेज तार के संपर्क में आने पर हादसा
मानक के हिसाब से 18 फीट की दूरी होनी चाहिए। मगर कभी छत पर पतंग उड़ाते बच्चों की मौत हो गई तो कभी छत पर चढ़ा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। दो दिन पहले बलजीत नगर कॉलोनी में खेड़ गली में गर्मी के कारण तार के नीचे आने से बड़ा हादसा होते-होते बच गया।
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इन भवनों में बहुत से मालिकों के पास नहीं है रजिस्ट्री
बिजली विभाग से जुड़े लोगों की माने तो सस्ते के चक्कर में एक दूसरे लोग मकान बेच कर चले जाते हैं। उनके पास रजिस्ट्री तक नहीं होती है। बलजीत नगर में जिसके घर मीटर फूंका, पता चला कि मकान उसने 2 लाख रुपये में खरीदा है।
कुरुक्षेत्र की कॉलोनियां
सुंदरपुर कॉलोनी, बीबीएमएस कॉलोनी, रदगल कॉलोनी आदि।
करनाल की कॉलोनियां
पानीपत से वार्ड नंबर सात की डावर कॉलोनी, वार्ड नंबर छह का कुछ हिस्सा, वार्ड नंबर पांच से दीनानाथ कॉलोनी, बलजीत नगर, अशोक विहार कॉलोनी, एकता विहार, सतकरतार कॉलोनी, बत्रा कॉलोनी, गोपाल कॉलोनी
------
जिस समय यह लाइन निकली थी उसके नीचे कोई निर्माण नहीं था। अवैध निर्माण को रोकने के लिए नोटिस जारी करने के साथ संबंधित उपायुक्तों को पत्र भी लिखा गया है।
-विजय सिंह, कार्यकारी अभियंता, भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड कुरुक्षेत्र।
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हाईटेंशन के नीचे रह रहे 20 से अधिक कॉलोनियों के लोग
चालीस साल पहले खिंची 220 केवी की 78 किमी लंबी लाइन के नीचे रहने वालों को जान का खतरा
गर्मी आते ही बड़े खतरे का रहता है अंदेशा, नोटिस और प्रशासन को लिखे पत्र से भी लोग बेअसर
मयंक तिवारी
पानीपत। पानीपत, करनाल और कुरुक्षेत्र से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन के नीचे 20 से अधिक कॉलोनियों के लगभग एक लाख से अधिक लोग जान हथेली पर रखकर रह रहे हैं। यहां बसने से रोक पाने में जिला प्रशासन और भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड नाकाम साबित हो रहा है। पानीपत में दो दिन पहले ही बलजीत नगर कॉलोनी में गर्मी के कारण तार छत से दो फीट की दूरी पर आकर लटक गया। इससे हादसा होने से बच गया।
बोर्ड की कुरुक्षेत्र से पानीपत के बीच 78 किमी लंबी लाइन के नीचे हो रहे अवैध निर्माण को रोक पाने में प्रशासन नाकाम है। तीनों जिलों में लगभग 20 कॉलोनियों में एक लाख लोग रहते हैं, जो सुरक्षा मानक के विपरीत है। बिजली अधिनियम के अनुसार तार के दोनों तरफ 18 फीट दूरी जरूरी है। इसके लिए निर्माण करने वालों को नोटिस जारी करने के साथ उक्त जिले के उपायुक्तों को आए दिन पत्र लिखा जाता रहता है। उल्लेखनीय है कि तार के नीचे बसी कॉलोनियों में अप्रवासी लोग अधिक हैं। ये छत की लालच में भूमाफिया के जाल में फंस कर यहां बस जाते हैं। पहले तो लोग एक मंजिला भवन बनाते हैं बाद में उसी पर और निर्माण उनके लिए परेशानी का सबब होता है।
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हाईवोल्टेज तार के संपर्क में आने पर हादसा
मानक के हिसाब से 18 फीट की दूरी होनी चाहिए। मगर कभी छत पर पतंग उड़ाते बच्चों की मौत हो गई तो कभी छत पर चढ़ा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। दो दिन पहले बलजीत नगर कॉलोनी में खेड़ गली में गर्मी के कारण तार के नीचे आने से बड़ा हादसा होते-होते बच गया।
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इन भवनों में बहुत से मालिकों के पास नहीं है रजिस्ट्री
बिजली विभाग से जुड़े लोगों की माने तो सस्ते के चक्कर में एक दूसरे लोग मकान बेच कर चले जाते हैं। उनके पास रजिस्ट्री तक नहीं होती है। बलजीत नगर में जिसके घर मीटर फूंका, पता चला कि मकान उसने 2 लाख रुपये में खरीदा है।
कुरुक्षेत्र की कॉलोनियां
सुंदरपुर कॉलोनी, बीबीएमएस कॉलोनी, रदगल कॉलोनी आदि।
करनाल की कॉलोनियां
पानीपत से वार्ड नंबर सात की डावर कॉलोनी, वार्ड नंबर छह का कुछ हिस्सा, वार्ड नंबर पांच से दीनानाथ कॉलोनी, बलजीत नगर, अशोक विहार कॉलोनी, एकता विहार, सतकरतार कॉलोनी, बत्रा कॉलोनी, गोपाल कॉलोनी
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जिस समय यह लाइन निकली थी उसके नीचे कोई निर्माण नहीं था। अवैध निर्माण को रोकने के लिए नोटिस जारी करने के साथ संबंधित उपायुक्तों को पत्र भी लिखा गया है।
-विजय सिंह, कार्यकारी अभियंता, भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड कुरुक्षेत्र।