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गुरुद्वारा पहली पातशाही : पाठी देवेंद्र का तड़के मिला शव, प्रशासन ने गुरुद्वारा लिया कब्जे में
Updated Wed, 14 Jun 2017 09:03 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। गुरुद्वारा पहली पातशाही में मलबे में दबे यमुनानगर निवासी पाठी देवेंद्र सिंह का शव करीब 36 घंटे बाद बुधवार तड़के करीब सवा चार बजे निकाल लिया गया। उसका शव गुरुद्वारे के छोटे गेट के नजदीक करीब आठ फुट अंदर दो लेंटरों के बीच में मिला। उनकी पहचान हरे रंग की कमीज से हुई। इसके साथ ही इस हादसे में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। एनडीआरएफ ने देवेंद्र सिंह का शव निकालने के बाद पूरे गुरुद्वारे में सर्च अभियान चलाया। इस दौरान किसी अन्य के दबे होने के कोई संकेत नहीं मिले। इसके बाद रेसक्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया। एनडीआरएफ के हटने के बाद प्रशासन ने गुरुद्वारा को अपने कब्जे में ले लिया और दोनों गेटों पर ताले लगा दिए। गुरुद्वारा मार्केट लगातार तीसरे दिन बंद रहा। दुकानदारों ने कुछ देर वहीं बैठकर रोष प्रकट किया। एचएसजीपीसी के प्रधान ने गुरुद्वारा गिरने के मामले को एलिवेटिड हाईवे बनाने में बरती लापरवाही को कारण बताकर नया इश्यू खड़ा कर दिया। पुलिस ने तीन शवों के पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए।
जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही में सोमवार शाम से शुरू ऑपरेशन रेस्क्यू बुधवार सुबह तक चलता रहा। मंगलवार रात को करीब साढ़े सात बजे सेवादार दर्शन सिंह का शव मिलने के बाद पाठी देवेंद्र सिंह की तलाश तेज कर दी। टीम को देर रात को करीब 11 बजे देवेंद्र सिंह की हरे रंग की कमीज दिखाई दी। वह दो लेंटरों के बीच में फंसा हुआ था। एनडीआरएफ की टीम ने लेंटरों को काटने का भी प्रयास किया, लेकिन वे गुंबद के बार-बार हिलने की वजह से उसे काट नहीं सके। एनडीआरएफ की टीम ने दोनों लेंटरों के बीच में जैक लगाया और तड़के करीब सवा चार बजे देवेंद्र सिंह को बाहर निकाला। डॉक्टरों ने जांच के बाद देवेंद्र सिंह निवासी यमुनानगर को मृत घोषित कर दिया।
गुरुद्वारे के बेसमेंट की छत पर था देवेंद्र सिंह
गुरुद्वारा पहली पातशाही में हादसे के वक्त रागी देवेंद्र सिंह गुरुद्वारे के बेसमेंट की छत पर था। गुंबद नीचे खिसकने के बाद दूसरी मंजिल का लेंटर भी नीचे आ गया और देवेंद्र सिंह दोनों लेंटरों के बीच फंस गया। उसने हादसे के वक्त दूसरे गेट से बाहर निकलने का प्रयास भी किया, लेकिन दरवाजे से करीब छह फुट पहले ही फंस गया। परिजनों के अनुसार देवेंद्र सिंह ही अगले माह की शादी थी और परिवार के लोग उसको बुला रहे थे।
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फिन, रुबी, स्पार्की और सिम्बा के साथ चला सर्च अभियान
एनडीआरएफ ने पाठी देवेंद्र सिंह के शव को निकालने के कुछ देर ठहरने के बाद गुरुद्वारे में सर्च अभियान चलाया। टीम ने इसके बाद करीब सवा छह बजे तक सर्च अभियान चलाया। एनडीआरएफ ने अपने डॉग फिन, रुबी, स्पार्की और सिम्बा के साथ पूरे गुरुद्वारे को सर्च किया। यहां पर किसी के न दबने के संकेत मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट रखी। प्रशासनिक अधिकारियों ने एनडीआरएफ के सर्च अभियान की रिपोर्ट के बारे में गुरुद्वारा प्रबंधन को अवगत कराया। गुरुद्वारा प्रबंधन के कहने के बाद ही प्रशासन ने सर्च अभियान को बंद किया।
प्रशासन ने दोनों गेटों पर लगाए ताले
प्रशासन ने सर्च अभियान पूरा होते ही गुरुद्वारे के दोनों गेटों पर ताले लगा दिए और इसको अपने कब्जे में ले लिया। गुरुद्वारे के दोनों तरफ पुलिस का पहरा लगा दिया है। पुलिसकर्मी लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। किसी को भी गुरुद्वारे के नजदीक नहीं जाने दिया जा रहा। अब एडीसी की अध्यक्षता में गठित टीम जल्द ही गुरुद्वारे की जांच शुरू कर देगी।
गुरुद्वारा मार्केट को किया बंद, दुकानदारों ने जताया रोष
प्रशासन की हिदायत के बाद गुरुद्वारा मार्केट को दोनों तरफ बैरीकेड्स लगाकर बंद कर दिया। दुकानदारों को अगले आदेशों तक दुकान न खोलने की हिदायत दी है। गुरुद्वारा मार्केट के दुकानदारों ने प्रशासन के आदेशों को गलत ठहराया और इसे बाजार को प्रभावित करने वाला बताया। दुकानदारों ने गुरुद्वारा भवन के बारे में जल्द ही फैसला लेकर आगामी कार्रवाई करने की मांग की।
तीनों के शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंपे
पुलिस ने बुधवार को सेवादार दर्शन सिंह, रागी देवेंद्र सिंह और श्रमिक रतिराम उर्फ नन्हे के शवों का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि गुरुद्वारा प्रबंधन ने पाठी देवेंद्र सिंह निवासी यमुनानगर को गुरुद्वारा का सेवादार मानने से मना कर दिया। इस पर परिजन भड़क गए और अपनी नाराजगी जाहिर की।
जीटी रोड पर दौड़े वाहन, दूसरे रूट भी खोले
गुरुद्वारा पहली पातशाही में बचाव कार्य पूरा होने के बाद प्रशासन और पुलिस ने जीटी रोड को आवागमन के लिए खेेल दिया। इसके बाद जीटी रोड पर वाहन गुजरने लगे। शहर के दूसरे रास्तों को भी खोल दिया गया। इसके बाद ही वाहन चालकों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए सीधा रास्ता मिल सका।
गुरुद्वारा पहली पातशाही में देवेंद्र सिंह के शव को बाहर निकाल लिया गया है। इस हादसे में मरने वालों की संख्या पांच पहुंच गई है। पुलिस ने सभी शवों के पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए हैं। पुलिस मामले में जल्द ही आगामी कार्रवाई करेगी।
राहुल शर्मा, एसपी पानीपत।
गुरुद्वारा पहली पातशाही गिरने के बाद से चल रहा रेसक्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है। एडीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी इसकी जांच करेगी। इन सबको देखते हुए प्रशासन द्वारा गुरुद्वारे को अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी, पानीपत।
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पानीपत। गुरुद्वारा पहली पातशाही में मलबे में दबे यमुनानगर निवासी पाठी देवेंद्र सिंह का शव करीब 36 घंटे बाद बुधवार तड़के करीब सवा चार बजे निकाल लिया गया। उसका शव गुरुद्वारे के छोटे गेट के नजदीक करीब आठ फुट अंदर दो लेंटरों के बीच में मिला। उनकी पहचान हरे रंग की कमीज से हुई। इसके साथ ही इस हादसे में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। एनडीआरएफ ने देवेंद्र सिंह का शव निकालने के बाद पूरे गुरुद्वारे में सर्च अभियान चलाया। इस दौरान किसी अन्य के दबे होने के कोई संकेत नहीं मिले। इसके बाद रेसक्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया। एनडीआरएफ के हटने के बाद प्रशासन ने गुरुद्वारा को अपने कब्जे में ले लिया और दोनों गेटों पर ताले लगा दिए। गुरुद्वारा मार्केट लगातार तीसरे दिन बंद रहा। दुकानदारों ने कुछ देर वहीं बैठकर रोष प्रकट किया। एचएसजीपीसी के प्रधान ने गुरुद्वारा गिरने के मामले को एलिवेटिड हाईवे बनाने में बरती लापरवाही को कारण बताकर नया इश्यू खड़ा कर दिया। पुलिस ने तीन शवों के पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए।
जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही में सोमवार शाम से शुरू ऑपरेशन रेस्क्यू बुधवार सुबह तक चलता रहा। मंगलवार रात को करीब साढ़े सात बजे सेवादार दर्शन सिंह का शव मिलने के बाद पाठी देवेंद्र सिंह की तलाश तेज कर दी। टीम को देर रात को करीब 11 बजे देवेंद्र सिंह की हरे रंग की कमीज दिखाई दी। वह दो लेंटरों के बीच में फंसा हुआ था। एनडीआरएफ की टीम ने लेंटरों को काटने का भी प्रयास किया, लेकिन वे गुंबद के बार-बार हिलने की वजह से उसे काट नहीं सके। एनडीआरएफ की टीम ने दोनों लेंटरों के बीच में जैक लगाया और तड़के करीब सवा चार बजे देवेंद्र सिंह को बाहर निकाला। डॉक्टरों ने जांच के बाद देवेंद्र सिंह निवासी यमुनानगर को मृत घोषित कर दिया।
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गुरुद्वारे के बेसमेंट की छत पर था देवेंद्र सिंह
गुरुद्वारा पहली पातशाही में हादसे के वक्त रागी देवेंद्र सिंह गुरुद्वारे के बेसमेंट की छत पर था। गुंबद नीचे खिसकने के बाद दूसरी मंजिल का लेंटर भी नीचे आ गया और देवेंद्र सिंह दोनों लेंटरों के बीच फंस गया। उसने हादसे के वक्त दूसरे गेट से बाहर निकलने का प्रयास भी किया, लेकिन दरवाजे से करीब छह फुट पहले ही फंस गया। परिजनों के अनुसार देवेंद्र सिंह ही अगले माह की शादी थी और परिवार के लोग उसको बुला रहे थे।
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फिन, रुबी, स्पार्की और सिम्बा के साथ चला सर्च अभियान
एनडीआरएफ ने पाठी देवेंद्र सिंह के शव को निकालने के कुछ देर ठहरने के बाद गुरुद्वारे में सर्च अभियान चलाया। टीम ने इसके बाद करीब सवा छह बजे तक सर्च अभियान चलाया। एनडीआरएफ ने अपने डॉग फिन, रुबी, स्पार्की और सिम्बा के साथ पूरे गुरुद्वारे को सर्च किया। यहां पर किसी के न दबने के संकेत मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट रखी। प्रशासनिक अधिकारियों ने एनडीआरएफ के सर्च अभियान की रिपोर्ट के बारे में गुरुद्वारा प्रबंधन को अवगत कराया। गुरुद्वारा प्रबंधन के कहने के बाद ही प्रशासन ने सर्च अभियान को बंद किया।
प्रशासन ने दोनों गेटों पर लगाए ताले
प्रशासन ने सर्च अभियान पूरा होते ही गुरुद्वारे के दोनों गेटों पर ताले लगा दिए और इसको अपने कब्जे में ले लिया। गुरुद्वारे के दोनों तरफ पुलिस का पहरा लगा दिया है। पुलिसकर्मी लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। किसी को भी गुरुद्वारे के नजदीक नहीं जाने दिया जा रहा। अब एडीसी की अध्यक्षता में गठित टीम जल्द ही गुरुद्वारे की जांच शुरू कर देगी।
गुरुद्वारा मार्केट को किया बंद, दुकानदारों ने जताया रोष
प्रशासन की हिदायत के बाद गुरुद्वारा मार्केट को दोनों तरफ बैरीकेड्स लगाकर बंद कर दिया। दुकानदारों को अगले आदेशों तक दुकान न खोलने की हिदायत दी है। गुरुद्वारा मार्केट के दुकानदारों ने प्रशासन के आदेशों को गलत ठहराया और इसे बाजार को प्रभावित करने वाला बताया। दुकानदारों ने गुरुद्वारा भवन के बारे में जल्द ही फैसला लेकर आगामी कार्रवाई करने की मांग की।
तीनों के शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंपे
पुलिस ने बुधवार को सेवादार दर्शन सिंह, रागी देवेंद्र सिंह और श्रमिक रतिराम उर्फ नन्हे के शवों का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि गुरुद्वारा प्रबंधन ने पाठी देवेंद्र सिंह निवासी यमुनानगर को गुरुद्वारा का सेवादार मानने से मना कर दिया। इस पर परिजन भड़क गए और अपनी नाराजगी जाहिर की।
जीटी रोड पर दौड़े वाहन, दूसरे रूट भी खोले
गुरुद्वारा पहली पातशाही में बचाव कार्य पूरा होने के बाद प्रशासन और पुलिस ने जीटी रोड को आवागमन के लिए खेेल दिया। इसके बाद जीटी रोड पर वाहन गुजरने लगे। शहर के दूसरे रास्तों को भी खोल दिया गया। इसके बाद ही वाहन चालकों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए सीधा रास्ता मिल सका।
गुरुद्वारा पहली पातशाही में देवेंद्र सिंह के शव को बाहर निकाल लिया गया है। इस हादसे में मरने वालों की संख्या पांच पहुंच गई है। पुलिस ने सभी शवों के पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए हैं। पुलिस मामले में जल्द ही आगामी कार्रवाई करेगी।
राहुल शर्मा, एसपी पानीपत।
गुरुद्वारा पहली पातशाही गिरने के बाद से चल रहा रेसक्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है। एडीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी इसकी जांच करेगी। इन सबको देखते हुए प्रशासन द्वारा गुरुद्वारे को अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी, पानीपत।