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पटवारखाना बना नशेड़ियों का अड्डा
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समालखा। गांधी कालोनी में बनी हुई पटवार खाने की खाली पड़ी तीनों इमारतें नशेड़ियों का अड्डा बन गई हैं। इन बिल्डिंगों में चारों तरफ सिरिंज, दवाएं और शराब की बोतलें हर तरफ बिखरी हुई हैं। करीब डेढ़ वर्ष पहले तक जहां दिनभर लोगों की चहल-पहल रहती थी वहीं आज ये नशेड़ियों का अड्डा बनकर रह गया है। नशेड़ियों के यहां पनाह लेेने के चलते कालोनी वासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि इनके चलते आसपास के क्षेत्र में चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। इसमें से एक भवन में लोकसभा चुनाव को लेकर बूथ भी बनाया जाना है।
उल्लेखनीय है कि जौरासी रोड स्थित गांधी कालोनी में पटवार खाने की तीन इमारतें हैं। इसमें दो पटवार खाने के भवन हैं जबकि एक भवन में चतुर श्रेणी के कर्मचारी के लिए बनाया था लेकिन लघु सचिवालय में पटवारखाना शिफ्ट होने के बाद से ये भवन खाली हो गए हैं और यहां नशेड़ियों ने अपना अड्डा बना लिया है। यहां जगह-जगह सिरिंज, नशीली दवाओं की भरमार है। यहां खास बात ये है कि इनमें से ही एक भवन में लोकसभा चुनाव के लिए बूथ भी बनाया जाता है जबकि उसके दरवाजे, खिड़कियां टूटी हुई हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अंदर इंजेक्शन, दवाओं के ढेर निकलते हैं और कूड़ा बिनने वाले उसे उठाकर ले जाते हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि इस जगह पर पार्क बनाने के लिए नगरपालिका द्वारा कई बार प्रस्ताव पास किया लेकिन वह भी केवल फाइलों में सिमटकर रह गया। वहीं इस बारे में एसडीएम कुशल कटारिया का कहना कि इन खाली इमारतों की सफाई करा दी जाएगी। वहां पर नशेड़ी का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। ये जगह रिवेंयू डिपार्टमेेंट की है तथा यहां पार्क बनाने के प्रस्ताव को रिवेंयू डिपार्टमेंट के पास भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद पार्क बना दिया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि जौरासी रोड स्थित गांधी कालोनी में पटवार खाने की तीन इमारतें हैं। इसमें दो पटवार खाने के भवन हैं जबकि एक भवन में चतुर श्रेणी के कर्मचारी के लिए बनाया था लेकिन लघु सचिवालय में पटवारखाना शिफ्ट होने के बाद से ये भवन खाली हो गए हैं और यहां नशेड़ियों ने अपना अड्डा बना लिया है। यहां जगह-जगह सिरिंज, नशीली दवाओं की भरमार है। यहां खास बात ये है कि इनमें से ही एक भवन में लोकसभा चुनाव के लिए बूथ भी बनाया जाता है जबकि उसके दरवाजे, खिड़कियां टूटी हुई हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अंदर इंजेक्शन, दवाओं के ढेर निकलते हैं और कूड़ा बिनने वाले उसे उठाकर ले जाते हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि इस जगह पर पार्क बनाने के लिए नगरपालिका द्वारा कई बार प्रस्ताव पास किया लेकिन वह भी केवल फाइलों में सिमटकर रह गया। वहीं इस बारे में एसडीएम कुशल कटारिया का कहना कि इन खाली इमारतों की सफाई करा दी जाएगी। वहां पर नशेड़ी का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। ये जगह रिवेंयू डिपार्टमेेंट की है तथा यहां पार्क बनाने के प्रस्ताव को रिवेंयू डिपार्टमेंट के पास भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद पार्क बना दिया जाएगा।
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