{"_id":"59a9a4a44f1c1b1d278b4e76","slug":"141504289956-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट के फैसले पर जाटों में रोष, तीन को झज्जर में बनाएंगे रणनीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट के फैसले पर जाटों में रोष, तीन को झज्जर में बनाएंगे रणनीति
Updated Fri, 01 Sep 2017 11:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट के फैसले पर जाटों में रोष, तीन को झज्जर में बनाएंगे रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। हाईकोर्ट के जाट आरक्षण पर लगी रोक जारी रखने के फैसले पर जाटों में रोष बढ़ गया है। जाटों ने हाईकोर्ट की टिप्पणी पर सरकार द्वारा जल्द ही अपनी रिपोर्ट बैकवर्ड बोर्ड में जमा कराकर जाटों का आरक्षण बहाल करने की मांग की है। वहीं अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने तीन सितंबर को झज्जर के राशलवाला में होने वाली सभा को लेकर कमर कस ली है। समिति पदाधिकारियों ने सभा में अहम फैसले लेने का दावा किया है। इन सबके बीच जाट आरक्षण के फैसले को देखते हुए जिले में भारी सुरक्षा व्यवस्था रही।
हाईकोर्ट में शुक्रवार को जाटों के आरक्षण पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने जाटों के आरक्षण पर रोक जारी रखते हुए सरकार से बैकवर्ड कमीशन में रिपोर्ट देने की बात कही है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद जाटों खासकर युवा वर्ग में रोष पैदा हो गया। जाटों ने हाईकोर्ट के इस फैसले पर रोष व्यक्त किया है। अमर उजाला ने इस फैसले को लेकर जाट नेताओं से बातचीत की।
कोट्स
सरकार के पाले में गेंद, अपनी स्थिति स्पष्ट करें
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव प्रताप दहिया ने बताया कि हाईकोर्ट द्वारा जाट आरक्षण पर रोक लगी रहने का फैसला युवाओं के लिए चिंता का विषय है। अब सरकार के पाले में इसकी गेंद है। सरकार हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित समय से पहले तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर जाटों को आरक्षण देने की सिफारिश को स्पष्ट करें। समिति द्वारा तीन जुलाई को झज्जर के राशलवाला में सभा आयोजित की जाएगी। जिसमें अहम निर्णय लिए जाएंगे। सरकार की रिपोर्ट पर उसकी नीयत साफ हो जाएगी। जाटों के साथ किसी तरह का विश्वासघात किया तो वे फिर से सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
कोट्स
हाईकोर्ट के फैसले सरकारों की मानसिकता दर्शाता
जबरजस्त के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजबीर जागलान ने कहा कि जाटों को आरक्षण मिलना चाहिए और वे लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहे हैं। हाईकोर्ट द्वारा आरक्षण पर रोक लगाने का फैसला सरकारों की मानसिकता को दर्शाता है। सरकार के प्रभाव में आकर इस तरह के फैसलों पर रोक लगती व हटती है। वे जाटों को आरक्षण देने की मांग करते हैं। सरकार की अनदेखी पर जाट समेत बाकी जाति फिर से संघर्ष के रास्ते पर चलने को मजबूर होंगी।
कोट्स
भारतीय किसान यूनियन के पूर्व जिला उप प्रधान एवं जाट नेता बिंटू मलिक ने कहा कि जाट लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहे हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार ने जाटों को आरक्षण दे दिया था, लेकिन भाजपा की सरकार बनते ही फिर से आरक्षण पर विवाद खड़ा हो गया। भाजपा जाटों को आरक्षण देने संबंधित फैसले पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही। जिसके चलते जाटों में भारी रोष व्याप्त है।
--जगमहेंद्र--
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। हाईकोर्ट के जाट आरक्षण पर लगी रोक जारी रखने के फैसले पर जाटों में रोष बढ़ गया है। जाटों ने हाईकोर्ट की टिप्पणी पर सरकार द्वारा जल्द ही अपनी रिपोर्ट बैकवर्ड बोर्ड में जमा कराकर जाटों का आरक्षण बहाल करने की मांग की है। वहीं अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने तीन सितंबर को झज्जर के राशलवाला में होने वाली सभा को लेकर कमर कस ली है। समिति पदाधिकारियों ने सभा में अहम फैसले लेने का दावा किया है। इन सबके बीच जाट आरक्षण के फैसले को देखते हुए जिले में भारी सुरक्षा व्यवस्था रही।
हाईकोर्ट में शुक्रवार को जाटों के आरक्षण पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने जाटों के आरक्षण पर रोक जारी रखते हुए सरकार से बैकवर्ड कमीशन में रिपोर्ट देने की बात कही है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद जाटों खासकर युवा वर्ग में रोष पैदा हो गया। जाटों ने हाईकोर्ट के इस फैसले पर रोष व्यक्त किया है। अमर उजाला ने इस फैसले को लेकर जाट नेताओं से बातचीत की।
विज्ञापन
कोट्स
सरकार के पाले में गेंद, अपनी स्थिति स्पष्ट करें
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव प्रताप दहिया ने बताया कि हाईकोर्ट द्वारा जाट आरक्षण पर रोक लगी रहने का फैसला युवाओं के लिए चिंता का विषय है। अब सरकार के पाले में इसकी गेंद है। सरकार हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित समय से पहले तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर जाटों को आरक्षण देने की सिफारिश को स्पष्ट करें। समिति द्वारा तीन जुलाई को झज्जर के राशलवाला में सभा आयोजित की जाएगी। जिसमें अहम निर्णय लिए जाएंगे। सरकार की रिपोर्ट पर उसकी नीयत साफ हो जाएगी। जाटों के साथ किसी तरह का विश्वासघात किया तो वे फिर से सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
कोट्स
हाईकोर्ट के फैसले सरकारों की मानसिकता दर्शाता
जबरजस्त के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजबीर जागलान ने कहा कि जाटों को आरक्षण मिलना चाहिए और वे लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहे हैं। हाईकोर्ट द्वारा आरक्षण पर रोक लगाने का फैसला सरकारों की मानसिकता को दर्शाता है। सरकार के प्रभाव में आकर इस तरह के फैसलों पर रोक लगती व हटती है। वे जाटों को आरक्षण देने की मांग करते हैं। सरकार की अनदेखी पर जाट समेत बाकी जाति फिर से संघर्ष के रास्ते पर चलने को मजबूर होंगी।
कोट्स
भारतीय किसान यूनियन के पूर्व जिला उप प्रधान एवं जाट नेता बिंटू मलिक ने कहा कि जाट लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहे हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार ने जाटों को आरक्षण दे दिया था, लेकिन भाजपा की सरकार बनते ही फिर से आरक्षण पर विवाद खड़ा हो गया। भाजपा जाटों को आरक्षण देने संबंधित फैसले पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही। जिसके चलते जाटों में भारी रोष व्याप्त है।
--जगमहेंद्र--