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बालजाटान सरपंच ने किया 96.6
Updated Mon, 10 Sep 2018 11:54 PM IST
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बालजाटान की सरपंच ने किया 96.68 लाख रुपये का किया गबन
ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा, तीन दिन पूर्व 18 लाख रुपये के गबन में अंडर इंक्वायरी बहाल हुए सरपंच पर फिर लटकी निलंबन की तलवार
- उपायुक्त ने निलंबन से पहले सरपंच को जारी किया कारण बताओ नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
मतलौडा। बालजाटान पंचायत में सरपंच सरिता देवी पर पंचायती रिकार्ड में हेराफेरी करके 96.68 लाख रुपये के गबन का आरोप लगा है। पंचायत की ऑडिट रिपोर्ट में यह गबन साबित हो चुका है। उपायुक्त पानीपत सुमेधा कटारिया ने कारण बताओ नोटिस जारी कर कहा कि हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51 के तहत आपको निलंबित किया जा सकता है और नियमित जांच में दोषी पाए जाने पर उनको सरपंच पद से हटाया भी जा सकता है। इससे पहले सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में इस बारे में लिखित जवाब उनके कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। उनके द्वारा जवाब न देने पर एकतरफा कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इससे एक साल पहले सरपंच की ओर से पंचायती छह लाख रुपये की राशि को पंचायती खाते में जमा ना करवा कर गबन किया किया था। जांच अधिकारी डिप्टी सीईओ जसविन्द्र बांगड़ की जांच में गबन साबित होने पर उपायुक्त ने सरपंच सरिता को पिछले साल निलंबित किया था। लेकिन अब आडिट रिपोर्ट में 96.68 लाख रुपये गबन साबित होने पर तीन दिन पहले ही अंडर इंक्वायरी बहाल हुई सरपंच सरिता पर निलंबन की तलवार फिर से लटक गई है। इसके अलावा बीडीपीओ की जांच में 13.31 लाख रुपये के गबन करने की राशि को उपायुक्त ने 21 प्रतिशत ब्याज सहित सरपंच सरिता देवी से वसूल करने के आदेश दिए हैं।
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ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा, तीन दिन पूर्व 18 लाख रुपये के गबन में अंडर इंक्वायरी बहाल हुए सरपंच पर फिर लटकी निलंबन की तलवार
- उपायुक्त ने निलंबन से पहले सरपंच को जारी किया कारण बताओ नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
मतलौडा। बालजाटान पंचायत में सरपंच सरिता देवी पर पंचायती रिकार्ड में हेराफेरी करके 96.68 लाख रुपये के गबन का आरोप लगा है। पंचायत की ऑडिट रिपोर्ट में यह गबन साबित हो चुका है। उपायुक्त पानीपत सुमेधा कटारिया ने कारण बताओ नोटिस जारी कर कहा कि हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51 के तहत आपको निलंबित किया जा सकता है और नियमित जांच में दोषी पाए जाने पर उनको सरपंच पद से हटाया भी जा सकता है। इससे पहले सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में इस बारे में लिखित जवाब उनके कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। उनके द्वारा जवाब न देने पर एकतरफा कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इससे एक साल पहले सरपंच की ओर से पंचायती छह लाख रुपये की राशि को पंचायती खाते में जमा ना करवा कर गबन किया किया था। जांच अधिकारी डिप्टी सीईओ जसविन्द्र बांगड़ की जांच में गबन साबित होने पर उपायुक्त ने सरपंच सरिता को पिछले साल निलंबित किया था। लेकिन अब आडिट रिपोर्ट में 96.68 लाख रुपये गबन साबित होने पर तीन दिन पहले ही अंडर इंक्वायरी बहाल हुई सरपंच सरिता पर निलंबन की तलवार फिर से लटक गई है। इसके अलावा बीडीपीओ की जांच में 13.31 लाख रुपये के गबन करने की राशि को उपायुक्त ने 21 प्रतिशत ब्याज सहित सरपंच सरिता देवी से वसूल करने के आदेश दिए हैं।
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