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Panipat News: तीन जोन की सफाई के टेंडर में 13 एजेंसी आगे आई, निगम टेक्निकल बिड नहीं खोल पाया
Tue, 30 Dec 2025 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 30 Dec 2025 02:03 AM IST
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निगम कार्यालय के नीचे ज्ञापन दिखाते कर्मचारी। संवाद
पानीपत। नगर निगम शहर में सफाई के तीन जोन में लगाए टेंडर की सोमवार को टेक्निकल बिड नहीं खोल पाया। प्रथम दृष्टया में तीनों जोन में 13 एजेंसी आई हैं। इनमें दो जोन में चार-चार और एक जोन में पांच एजेंसी हैं। अधिकारी मंगलवार को बिड पर काम शुरू करेंगे। दोनों एजेंसियों का सफाई का ठेका 31 दिसंबर को पूरा हो रहा है। ऐसे में शहर की सफाई पर संकट आ गया है। इन सबके बीच दोनों एजेंसियों व पूजा के कर्मियों ने निगम के ताऊ देवीलाल कांप्लेक्स में पहुंचकर मेयर कोमल सैनी से मिलकर अपनी मांग रखी।
नगर निगम ने इस बार शहर के 26 वार्डों के चार जोन में से तीन जोन में एजेंसियों से सफाई कराने का फैसला लिया है और एक जोन को नगर निगम ने अपने पास रखा है। निगम अधिकारियों ने आठ दिसंबर को तीन जोन में सफाई का टेंडर लगाया था। इसका टेंडर सोमवार 29 दिसंबर को खोला जाना था। नगर निगम अधिकारी सोमवार को टेंडर नहीं खोल पाए। वहीं दोनों एजेंसियों पीसीसी और पूजा का सफाई ठेका 31 दिसंबर को खत्म हो रहा है।
दो महीने का काम बढ़ाने का प्रस्ताव भी अटका
नगर निगम अधिकारियों ने दोनों एजेंसियों का काम दो महीने बढ़ाने का प्रस्ताव निदेशालय भेजा था। इसमें पार्षदों के साथ बैठक में रजामंदी का हवाला दिया गया था। निदेशालय से इसकी भी मंजूरी नहीं मिल पाई है। निगम आयुक्त डॉ. पंकज की मंगलवार को निदेशालय में अधिकारियों के साथ बैठक है। इसमें दोनों एजेंसियों का काम बढ़ाने पर कुछ फैसला लिया जा सकता है।
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एजेंसी के कर्मियों ने मानदेय बढ़ाने की मांग की
इन सबके बीच आईएनडी और पीसीसी के कर्मियाें ने मानदेय बढ़ाने की मांग की। एजेंसी के कर्मियों ने इसके लिए मेयर कोमल सैनी को मांगपत्र सौंपा।
विनोद, दीपक, प्रमिंद्र, शमशेर व मंजीत ने कहा कि वे आईएनडी और पीसीसी के अंतर्गत काम करते हैं। उनको समान काम समान वेतन चाहिए। एजेंसी आठ घंटे का वेतन पीएफ और ईएसआई काट कर 14155 है। इतने पैसे में आज के समय में घर चला पाना मुश्किल है। उनका मानदेय भुगतान का का भी कोई दिन तय नहीं है। जबकी मानदेय हर महीने दस तारीख ससेपहले आना चाहिए। चार-पांच महीने का पीएफ और ईएसआई बकाया है औन उनके ड्यूटी का समय भी तय नहीं किया गया है। चालक, सहयोगी या सुपरवाइजर के साथ कोई भी मारपीट या जान माल का नुकसान होता है तो एजेंसी जिम्मेदारी नहीं लेती है। हर महीने चार छुट्टी तय की जाएं। एजेंसी द्वारा उनका बीमा कराया जाएं और ड्यूटी सुबह सात से दोपहर बाद तीन बजे तय किया जाएं।
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नगर निगम ने इस बार शहर के 26 वार्डों के चार जोन में से तीन जोन में एजेंसियों से सफाई कराने का फैसला लिया है और एक जोन को नगर निगम ने अपने पास रखा है। निगम अधिकारियों ने आठ दिसंबर को तीन जोन में सफाई का टेंडर लगाया था। इसका टेंडर सोमवार 29 दिसंबर को खोला जाना था। नगर निगम अधिकारी सोमवार को टेंडर नहीं खोल पाए। वहीं दोनों एजेंसियों पीसीसी और पूजा का सफाई ठेका 31 दिसंबर को खत्म हो रहा है।
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दो महीने का काम बढ़ाने का प्रस्ताव भी अटका
नगर निगम अधिकारियों ने दोनों एजेंसियों का काम दो महीने बढ़ाने का प्रस्ताव निदेशालय भेजा था। इसमें पार्षदों के साथ बैठक में रजामंदी का हवाला दिया गया था। निदेशालय से इसकी भी मंजूरी नहीं मिल पाई है। निगम आयुक्त डॉ. पंकज की मंगलवार को निदेशालय में अधिकारियों के साथ बैठक है। इसमें दोनों एजेंसियों का काम बढ़ाने पर कुछ फैसला लिया जा सकता है।
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एजेंसी के कर्मियों ने मानदेय बढ़ाने की मांग की
इन सबके बीच आईएनडी और पीसीसी के कर्मियाें ने मानदेय बढ़ाने की मांग की। एजेंसी के कर्मियों ने इसके लिए मेयर कोमल सैनी को मांगपत्र सौंपा।
विनोद, दीपक, प्रमिंद्र, शमशेर व मंजीत ने कहा कि वे आईएनडी और पीसीसी के अंतर्गत काम करते हैं। उनको समान काम समान वेतन चाहिए। एजेंसी आठ घंटे का वेतन पीएफ और ईएसआई काट कर 14155 है। इतने पैसे में आज के समय में घर चला पाना मुश्किल है। उनका मानदेय भुगतान का का भी कोई दिन तय नहीं है। जबकी मानदेय हर महीने दस तारीख ससेपहले आना चाहिए। चार-पांच महीने का पीएफ और ईएसआई बकाया है औन उनके ड्यूटी का समय भी तय नहीं किया गया है। चालक, सहयोगी या सुपरवाइजर के साथ कोई भी मारपीट या जान माल का नुकसान होता है तो एजेंसी जिम्मेदारी नहीं लेती है। हर महीने चार छुट्टी तय की जाएं। एजेंसी द्वारा उनका बीमा कराया जाएं और ड्यूटी सुबह सात से दोपहर बाद तीन बजे तय किया जाएं।