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यमुना क्षेत्र में कच्चे तेल व गैस की खोज शुरू

Tue, 16 Apr 2019 12:59 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2019 12:59 AM IST
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यमुना क्षेत्र में कच्चे तेल व गैस की खोज शुरू
यमुना क्षेत्र में कच्चे तेल व गैस की खोज शुरू
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सनौली । सनौली क्षेत्र के गांवों में ऑयल एंड प्राकृतिक गैस कार्पोरेशन, भारत सरकार (ओएनजीसी) के सहयोग से अल्फा कंपनी की टीम जमीन के अंदर कच्चे तेल और गैस की खोज कर रही हैं । गांव जलालपुर प्र थम से गांव जलमाना, अधमी की खेतों के बीच से होते हुए यमुना से लगते मिर्जापुर गांव से यमुना के अंदर से यूपी के बुडा खेड़ा गांव से होते हुए यूपी के अलीगढ़ तक डाटा कलेक्ट कर रही हैं । हरियाणा के जलालपुर गांव से यमुना किनारे तक करीब 8 किलोमीटर दूरी तक डाटा जुटाए जा रहे हैं। ओएनजीसी ने सैटेलाइट से इस जगह पर जमीन के अंदर हजारों फुट गहराई पर तेल व गैस मिलने की आशंका जताई हैं। जिस पर तेल व गैस के लिए कंपनी जमीन के 80-90 फुट नीचे गहराई में बोरिंग कर केबल सेंसर से डाटा कलेक्ट कर रही हैं। जो पानीपत के गांव जलालपुर से मिर्जापुर यमुना किनारे से होते हुए यूपी के अलीगढ़ शहर तक सैंपल लिए जाएंगे। सभी जमीन के डाटा सैंपल को देहरादून स्थित लैब में जांच की जाएगी। इन लिए जा रहे सेंसर डाटा से ही एक या डेढ़ वर्ष बाद ही जांच में ही पता चल पाएगा कि जमीन के अंदर तेल व गैस की कितनी मात्रा हैं या नहीं हैं। अगर जमीन के अंदर तेल या गैस मिलती हैं तो ओएनजीसी विभाग जमीन के अंदर हजारों मीटर नीचे से तेल व गैस निकालने की तैयारी की जा सकती हैं। इस बारे में कंपनी के सुपरवाइजर राजू मंड़ल ने बताया कि देश के कई राज्यों महाराष्ट्र, बंगाल, राजस्थान, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश आदि में जमीन के अंदर खोज करने पर कच्चा तेल व गैस मिल चुकी हैं। अब ऑयल एंड प्राकृतिक गैस कार्पोरेशन, भारत सरकार (ओएनजीसी) के सहयोग से अल्फा कंपनी की 150 लोगों की टीम जमीन के अंदर कच्चे तेल और गैस की खोज कर रही हैं। जिस जगह पर ओएनजीसी ने सैटेलाइट से जमीन के अंदर हजारों फुट गहराई पर तेल व गैस मिलने की आशंका जताई हैं। उस पर तेल व गैस के लिए कंपनी जमीन के 80-90 फुट नीचे गहराई में बोरिंग कर केबल सेंसर से डाटा कलेक्ट कर रही हैं। ये सभी डाटा जमीन के अंदर बोरिंग कर हर एकड़ की दूरी पर डाटा सैंपल लिए जा रहे हैं । जो पानीपत के गांव जलालपुर से मिर्जापुर यमुना किनारे से होते हुए यूपी के अलीगढ़ शहर तक सैंपल लिए जाएंगे। सभी जमीन के डाटा सैंपल को देहरादून स्थित लैब में जांच के लिए भेजा जाएंगा। डाटा की जांच के बाद एक या डेढ़ वर्ष बाद ही जांच में ही पता चल पाएगा कि जमीन के अंदर कच्चा तेल व गैस है तो कितनी मात्रा हैं या नही हैं। अगर जमीन के अंदर तेल या गैस मिलती हैं तो ओएनजीसी विभाग जमीन के अंदर हजारों मीटर नीचे से तेल व गैस निकालेगा।
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