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बाबरपुर मंडी वासियों ने किया निगम चुनाव का बहिष्कार, 1740 में से डले 10 वोट
Updated Mon, 17 Dec 2018 01:35 AM IST
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बाबरपुर मंडी वासियों ने किया निगम चुनाव का बहिष्कार, 1740 में से डले 10 वोट
पानीपत। पानीपत नगर निगम चुनाव का बाबरपुर मंडी वासियों ने रविवार को बहिष्कार किया। निगम के वार्ड 26 स्थित बाबरपुर मंडी के 1740 मतदाताओं के लिए मंडी में ही राजकीय प्राथमिक पाठशाला में एक व दो नंबर बूथ बनाए गए थे। हालांकि मंडी वासियों द्वारा सामूहिक रूप से किए गए बहिष्कार के बावजूद 10 मतदाताओं ने अपने वोट डाले। वहीं वार्ड नंबर एक स्थित गांव बिचपड़ी के कुछ मतदाताओं ने भी चुनाव का बहिष्कार किया। लेकिन उनका बहिष्कार सफल नहीं हो पाया। वहीं बाबरपुर मंडी वासियों ने बाबरपुर मंडी को नगर निगम से बाहर निकालकर पंचायत में शामिल करने की मांग को लेकर करीब एक सप्ताह पहले ही मंडी वासियों की बैठक करके निगम चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला ले लिया था और उन्होंने इसके लिए 32 सदस्यीय कमेटी भी बनाई थी। उसी कमेटी व अन्य मंडी वासियों ने शनिवार को भी मंडी में डोर टू डोर अभियान चलाकर बहिष्कार करने का फैसला लिया था। वहीं बहिष्कार के चलते बाबरपुर मंडी के एक स्थान पर ही ुदोनो बूथों पर सुबह से ही किसी अप्रिय घटना के डर के चलते भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं एसपी सुमित कुमार व डीएसपी राजेश ने भी भारी पुलिस बल के साथ बाबरपुर मंडी का दौरा किया। इसके अलावा थाना सदर प्रभारी विरेंद्र सिंह तो दिनभर किसी अनहोनी के डर से मंडी में ही पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। लेकिन बहिष्कार करने वाले मंडी वासियों ने किसी भी वोटर को वोट डालने से स्वयं मना नहीं किया। मंडी के दोनों बूथों पर पीठासीन अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने
सुबह 7.30 बजे से ही अपने पोलिंग बूथ चालू कर दिए थे पर करीब 12:20 पर सबसे पहली वोट महिला प्रतिभा पसरीचा पत्नी संयम ने डाली। उसके ससुर ओमप्रकाश व दादा ससुर सुंदरलाल आढ़ती ने प्रतिभा को हाथ जोड़कर समाज का वास्ता देते हुए वोट नहीं डालने को कहा पर प्रतिभा नहीं मानी और उसने अपना वोट डाल दिया। वहीं करीब तीन बजे तक फिर कोई वोट नहीं डली और 3 बजे के उपरांत आहिस्ता-आहिस्ता करके प्रतिभा सहित 10 मतदाताओं ने अपने वोट डाले। यानी मंडी के दोनों बूथों के कुल 1740 वोटों में से 10 लोगों ने अपने वोट डाले और बाकी मतदाताओं ने बहिष्कार किया। वहीं चुनाव का बहिष्कार करने वाली कमेटी के सदस्य अतर चंद मित्तल,
डॉ. बलजीत आर्य, गुरचरन आहूजा, सतप्रकाश वैद, सरदार सुजान सिंह, आशीष संधू, रोमी पसरीचा, राजनारायण शर्मा, डॉ. रमेश, जोनी, संतलाल बठला, रविन्द्र धीमान व डॉ. मदन शर्मा आदि ने बताया कि जब उनकी समस्या की पिछले करीब 5 साल से कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन चुनाव के बहिष्कार का फैसला लेना पड़ा। वहीं उन्होंने कहा कि यदि अब भी बाबरपुर मंडी को निगम से बाहर निकालकर पंचायत में शामिल नहीं किया गया तो वे लोकसभा व विधानसभा चुनाव का भी बहिष्कार करेंगे। वहीं मंडी वासियों, पुलिस व जिला प्रशासन से बाबरपुर मंडी का चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से निपटने पर राहत का शांत ली। क्योंकि चुनाव बहिष्कार को लेकर मंडी में किसी भी अप्रिय घटना होने का अंदेशा बना हुआ था। लेकिन मंडी वासियों व अधिकारियों की सूझबूझ से दिन भर शांतिपूर्ण माहौल बना रहा।
पानीपत। पानीपत नगर निगम चुनाव का बाबरपुर मंडी वासियों ने रविवार को बहिष्कार किया। निगम के वार्ड 26 स्थित बाबरपुर मंडी के 1740 मतदाताओं के लिए मंडी में ही राजकीय प्राथमिक पाठशाला में एक व दो नंबर बूथ बनाए गए थे। हालांकि मंडी वासियों द्वारा सामूहिक रूप से किए गए बहिष्कार के बावजूद 10 मतदाताओं ने अपने वोट डाले। वहीं वार्ड नंबर एक स्थित गांव बिचपड़ी के कुछ मतदाताओं ने भी चुनाव का बहिष्कार किया। लेकिन उनका बहिष्कार सफल नहीं हो पाया। वहीं बाबरपुर मंडी वासियों ने बाबरपुर मंडी को नगर निगम से बाहर निकालकर पंचायत में शामिल करने की मांग को लेकर करीब एक सप्ताह पहले ही मंडी वासियों की बैठक करके निगम चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला ले लिया था और उन्होंने इसके लिए 32 सदस्यीय कमेटी भी बनाई थी। उसी कमेटी व अन्य मंडी वासियों ने शनिवार को भी मंडी में डोर टू डोर अभियान चलाकर बहिष्कार करने का फैसला लिया था। वहीं बहिष्कार के चलते बाबरपुर मंडी के एक स्थान पर ही ुदोनो बूथों पर सुबह से ही किसी अप्रिय घटना के डर के चलते भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं एसपी सुमित कुमार व डीएसपी राजेश ने भी भारी पुलिस बल के साथ बाबरपुर मंडी का दौरा किया। इसके अलावा थाना सदर प्रभारी विरेंद्र सिंह तो दिनभर किसी अनहोनी के डर से मंडी में ही पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। लेकिन बहिष्कार करने वाले मंडी वासियों ने किसी भी वोटर को वोट डालने से स्वयं मना नहीं किया। मंडी के दोनों बूथों पर पीठासीन अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने
सुबह 7.30 बजे से ही अपने पोलिंग बूथ चालू कर दिए थे पर करीब 12:20 पर सबसे पहली वोट महिला प्रतिभा पसरीचा पत्नी संयम ने डाली। उसके ससुर ओमप्रकाश व दादा ससुर सुंदरलाल आढ़ती ने प्रतिभा को हाथ जोड़कर समाज का वास्ता देते हुए वोट नहीं डालने को कहा पर प्रतिभा नहीं मानी और उसने अपना वोट डाल दिया। वहीं करीब तीन बजे तक फिर कोई वोट नहीं डली और 3 बजे के उपरांत आहिस्ता-आहिस्ता करके प्रतिभा सहित 10 मतदाताओं ने अपने वोट डाले। यानी मंडी के दोनों बूथों के कुल 1740 वोटों में से 10 लोगों ने अपने वोट डाले और बाकी मतदाताओं ने बहिष्कार किया। वहीं चुनाव का बहिष्कार करने वाली कमेटी के सदस्य अतर चंद मित्तल,
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डॉ. बलजीत आर्य, गुरचरन आहूजा, सतप्रकाश वैद, सरदार सुजान सिंह, आशीष संधू, रोमी पसरीचा, राजनारायण शर्मा, डॉ. रमेश, जोनी, संतलाल बठला, रविन्द्र धीमान व डॉ. मदन शर्मा आदि ने बताया कि जब उनकी समस्या की पिछले करीब 5 साल से कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन चुनाव के बहिष्कार का फैसला लेना पड़ा। वहीं उन्होंने कहा कि यदि अब भी बाबरपुर मंडी को निगम से बाहर निकालकर पंचायत में शामिल नहीं किया गया तो वे लोकसभा व विधानसभा चुनाव का भी बहिष्कार करेंगे। वहीं मंडी वासियों, पुलिस व जिला प्रशासन से बाबरपुर मंडी का चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से निपटने पर राहत का शांत ली। क्योंकि चुनाव बहिष्कार को लेकर मंडी में किसी भी अप्रिय घटना होने का अंदेशा बना हुआ था। लेकिन मंडी वासियों व अधिकारियों की सूझबूझ से दिन भर शांतिपूर्ण माहौल बना रहा।
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