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जीएसटी आज से लागू, सरकार तैयार, भारत बंद में उद्यमी और व्यापारी रहे शामिल

Sat, 01 Jul 2017 12:32 AM IST
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:32 AM IST
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जीएसटी आज से लागू, सरकार तैयार, भारत बंद में उद्यमी और व्यापारी रहे शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
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पानीपत। उद्यमियों और व्यापारियों के विरोध के बीच गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) आज से लागू हो गया। सेल टैक्स विभाग इसे सख्ती से लागू करने में जुट गया है। शहर के उद्यमी और व्यापारी खासकर कपड़ा व्यापारी इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। उद्यमियों और व्यापारियों ने शुक्रवार को भारत बंद में काली पट्टी बांधकर अमर भवन चौक पर रोष प्रदर्शन किया। सेल टैक्स विभाग के दावों पर यकीन करें तो जिले में जीएसटी लागू करने के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
केंद्र के बाद प्रदेश सरकार ने जीएसटी पारित कर इसे एक जुलाई से लागू करने की घोषणा की थी। इसके टैक्स स्लैब सामने आते ही उद्योगपतियों और व्यापारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। औद्योगिक नगरी पानीपत के कपड़ा उद्यमी और व्यापारी पिछले तीन दिन से विरोध कर रहे हैं।
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उद्यमियों और व्यापारियों ने काली पट्टी बांध जताया विरोध
जीएसटी के विरोध में भारत बंद के दौरान वीरवार को पानीपत शहर की सभी कपड़ा मार्केट, कंबल और सीटीएमए की सभी 10 एसोसिएशनों से संबंधित करीब पांच हजार छोटी फैक्ट्रियां बंद रहीं। इससे करोड़ों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों ने वीरवार को काली पट्टी बांधकर अमर भवन चौक पर रोष जताया। बारिश का पानी बाजारों में जमा होने के चलते रोष प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया। सीटीएमए के प्रधान एवं हरियाणा व्यापार मंडल के युवा प्रदेश अध्यक्ष राकेश चुघ और एसडी कॉलेज रोड एसोसिएशन के प्रधान श्याम सचदेवा ने कहा कि जीएसटी लागू होने से कपड़ा व्यापारी और लघु उद्यमी सबसे ज्यादा प्रभावित होेंगे। सरकार को कपड़े को जीएसटी से बाहर कर देना चाहिए। व्यापारियों का आंदोलन कपड़े से जीएसटी हटाने तक जारी रहेगा। यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो सभी व्यापारी कपड़े से संबंधित फैक्ट्री और दुकान अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार कपड़ा व्यापारियों पर जीएसटी थोपना चाहती है, लेकिन व्यापारी इसे स्वीकार नहीं करेंगे। कहा कि सरकार व्यापारियों के धैर्य की परीक्षा न लें। व्यापारी ही सरकार को सबसे ज्यादा टैक्स देते हैं। इसके बाद भी कपड़ा व्यापारियों की कोई नहीं सुन रहा है।
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सेल टैक्स विभाग का यह है दावा
सेल टैक्स विभाग ने जीएसटी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभागीय जानकारों के अनुसार 20 लाख और इससे अधिक टर्न ओवर वाले 11020 प्रतिष्ठान/संस्थाओं ने ऑनलाइन आवेदन कर दिए हैं। लघु उद्योग में शामिल 20 लाख से नीचे के टर्न ओवर वाली करीब 14,900 फैक्ट्री इसमें पीछे हैं। विभागीय अधिकारी एक जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद उसी अनुसार सर्वे करेगी। इसमें किसी तरह की कमी पाई जाती हैं तो संबंधित व्यक्ति को ही इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
उद्यमी और व्यापारी बोले, नहीं मानते जीएसटी
हरियाणा डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के प्रधान राकेश गर्ग ने बताया कि जीएसटी लागू होते ही डिस्ट्रीब्यूटरों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। इससे महंगाई भी बढ़ेगी और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सरकार को जनता की सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए। हरियाणा व्यापार मंडल के प्रदेश चेयरमैन रोशनलाल गुप्ता ने बताया कि जीएसटी लागू होते ही इंस्पेक्टरी राज शुरू हो जाएगा। इससे व्यापारी को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। उसका अधिकतर समय व्यापार बढ़ाने की बजाय सेल टैक्स और दूसरे विभागों के चक्कर काटने में लगेगा।

विभाग ने जीएसटी लागू करने की तैयारी कर ली है। जिले के 20 लाख तक टर्न ओवर वाली कंपनियों, फैक्ट्री और दूसरे लोगों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा लिया है। पांच लाख या इससे कम टर्न ओवर वाली संस्थाओं ने अभी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है। विभाग ने समय-समय पर कार्यशाला आयोजित कर उद्यमियों और व्यापारियों को जागरूक किया है।
वीके बैनीवाल, डीटीसी, सेल टैक्स पानीपत।
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