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-पराली खेत में नहीं जलाने पर किसान को दिया जाए 40 हजार प्रति एकड़ हर्जाना: रतन मान
Updated Tue, 17 Oct 2017 12:43 AM IST
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किसान शहर में पराली बेचने निकले, फ्री में भी लेने नहीं आया कोई आगे
फोटो-4 व 5
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। भारतीय किसान यूनियन ने खेतों में धान की पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ हरियाणा सरकार द्वारा केस दर्ज करने के विरोध में सोमवार को शहर में रोष प्रदर्शन किया। वहीं सैकड़ों किसानों ने अपने हाथों व ट्रैक्टर ट्राली में पराली लेकर शहर में बेचने का प्रयास किया पर किसानों की पराली का कोई भी खरीदार नहीं मिला। हालांकि किसानों ने माइक से जोर-जोर से आवाज लगाई कि रुपयों में नहीं तो फ्री में पराली ले लो, लेकिन फिर भी कोई ग्राहक पराली लेने नहीं पहुंचा। इस मौके पर भाकियू ने किसानों की मांगो को लेकर डीसी को ज्ञापन भी देना था पर लघु सचिवालय के सामने जीटी रोड पूल के नीचे काफी देर तक भी किसानों के खड़े रहने पर कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो किसान बिना ज्ञापन दिए ही पराली ले लो की आवाज लगाते हुए वापस किसान भवन लौट गए।
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि खेत में पराली जलाने पर जिन किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, उसमें सरकार द्वारा भारी भेदभाव किया गया है। मान ने कहा कि भाजपा समर्थित, रसूखदार व बड़े किसानों के खिलाफ मामले दर्ज नहीं किए, बल्कि सरकार ने छोटे व गरीब किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। इससे पहले जिलाभर से आए किसान असंध रोड स्थित किसान भवन में एकत्रित हुए। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान के नेतृत्व व भाकियू जिलाध्यक्ष सुरेश दहिया की अध्यक्षता में हाथों में व ट्रैक्टर ट्राली में पराली लेकर पराली ले लो की आवाज लगाते हुए और भाजपा सरकार के खिलाफ नारे करते हुए जीटी रोड लाल बत्ती से होते हुए लघु सचिवालय के सामने जीटी रोड पूल के नीचे पहुंचे। हालांकि सारे रास्ते किसानों ने पराली ले लो की जोर-जो से आवाज लगाई पर किसानों की किसी ने फ्री में भी पराली नहीं खरीदी। किसान स्काईलार्क के सामने पूल के नीचे अधिकारियों को ज्ञापन देने के लिए खड़े रहे पर काफी देर तक भी किसी अधिकारी के नहीं आने पर किसान नाराज होकर वापस किसान भवन के लिए चल पड़े। इस मौके पर प्रताप माजरा, ऋषि पाल जाटल, रामकुमार ढांडा, जगमोहन मलिक सोनीपत, कृष्ण शर्मा सोनीपत, श्याम सिंह मान, सुरेंद्र सांगवान, धूमन सिंह, प्रताप मलिक, रोहताश भंडारी, कृष्ण देशवाल, आजाद मलिक, रणबीर नंबरदार, हरी सिंह देशवाल, सुरेंद्र मलिक, राजबीर मलिक, दया हसंह पाथरी, देवी सिह, धर्मबीर, रणधीर पानु, सतपाल राणा, सुनील माजरी, रामकुमार, सुंदरपाल प्रधान बापौली, इंसा नंबरदार, गुल्लू चौहान, बलजीत राठी, दलबीर, कर्ण सिंह, चांद सिंह, भूप सिंह, ओमप्रकाश जाटल, बलवान भंडारी, रामफल गुलिया व रामकिशन मौजूद रहे।
ये हैं किसानों की मांग
पराली नहीं जलाने पर किसानों को 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएं। जिन किसानों को पराली जलाने पर जुर्माना लगाया गया हैं तो उसे माफ किया जाएं। प्रशासन द्वारा डाहर शुगर मिल का निर्माण कार्य तुरंत शुरू करवाया जाएं। पराली को नष्ट करने के लिए सरकार द्वारा किसानों को फ्री में यंत्र मुहैया करवाए जाएं। किसानों को गन्ने का भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाएं। किसानों को कर्जमुक्त कर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाएं।
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फोटो-4 व 5
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। भारतीय किसान यूनियन ने खेतों में धान की पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ हरियाणा सरकार द्वारा केस दर्ज करने के विरोध में सोमवार को शहर में रोष प्रदर्शन किया। वहीं सैकड़ों किसानों ने अपने हाथों व ट्रैक्टर ट्राली में पराली लेकर शहर में बेचने का प्रयास किया पर किसानों की पराली का कोई भी खरीदार नहीं मिला। हालांकि किसानों ने माइक से जोर-जोर से आवाज लगाई कि रुपयों में नहीं तो फ्री में पराली ले लो, लेकिन फिर भी कोई ग्राहक पराली लेने नहीं पहुंचा। इस मौके पर भाकियू ने किसानों की मांगो को लेकर डीसी को ज्ञापन भी देना था पर लघु सचिवालय के सामने जीटी रोड पूल के नीचे काफी देर तक भी किसानों के खड़े रहने पर कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो किसान बिना ज्ञापन दिए ही पराली ले लो की आवाज लगाते हुए वापस किसान भवन लौट गए।
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि खेत में पराली जलाने पर जिन किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, उसमें सरकार द्वारा भारी भेदभाव किया गया है। मान ने कहा कि भाजपा समर्थित, रसूखदार व बड़े किसानों के खिलाफ मामले दर्ज नहीं किए, बल्कि सरकार ने छोटे व गरीब किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। इससे पहले जिलाभर से आए किसान असंध रोड स्थित किसान भवन में एकत्रित हुए। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान के नेतृत्व व भाकियू जिलाध्यक्ष सुरेश दहिया की अध्यक्षता में हाथों में व ट्रैक्टर ट्राली में पराली लेकर पराली ले लो की आवाज लगाते हुए और भाजपा सरकार के खिलाफ नारे करते हुए जीटी रोड लाल बत्ती से होते हुए लघु सचिवालय के सामने जीटी रोड पूल के नीचे पहुंचे। हालांकि सारे रास्ते किसानों ने पराली ले लो की जोर-जो से आवाज लगाई पर किसानों की किसी ने फ्री में भी पराली नहीं खरीदी। किसान स्काईलार्क के सामने पूल के नीचे अधिकारियों को ज्ञापन देने के लिए खड़े रहे पर काफी देर तक भी किसी अधिकारी के नहीं आने पर किसान नाराज होकर वापस किसान भवन के लिए चल पड़े। इस मौके पर प्रताप माजरा, ऋषि पाल जाटल, रामकुमार ढांडा, जगमोहन मलिक सोनीपत, कृष्ण शर्मा सोनीपत, श्याम सिंह मान, सुरेंद्र सांगवान, धूमन सिंह, प्रताप मलिक, रोहताश भंडारी, कृष्ण देशवाल, आजाद मलिक, रणबीर नंबरदार, हरी सिंह देशवाल, सुरेंद्र मलिक, राजबीर मलिक, दया हसंह पाथरी, देवी सिह, धर्मबीर, रणधीर पानु, सतपाल राणा, सुनील माजरी, रामकुमार, सुंदरपाल प्रधान बापौली, इंसा नंबरदार, गुल्लू चौहान, बलजीत राठी, दलबीर, कर्ण सिंह, चांद सिंह, भूप सिंह, ओमप्रकाश जाटल, बलवान भंडारी, रामफल गुलिया व रामकिशन मौजूद रहे।
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ये हैं किसानों की मांग
पराली नहीं जलाने पर किसानों को 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएं। जिन किसानों को पराली जलाने पर जुर्माना लगाया गया हैं तो उसे माफ किया जाएं। प्रशासन द्वारा डाहर शुगर मिल का निर्माण कार्य तुरंत शुरू करवाया जाएं। पराली को नष्ट करने के लिए सरकार द्वारा किसानों को फ्री में यंत्र मुहैया करवाए जाएं। किसानों को गन्ने का भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाएं। किसानों को कर्जमुक्त कर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाएं।
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