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रोते बिलखते पिता बोले: काश मैं न देता उन्हें बाइक तो शायद न होता हादसा
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पानीपत। ट्रैक पर टिक टॉक वीडियो बनाते समय सोमवार को तीन युवकों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। चार युवक रेलवे ट्रेक पर वीडियो बना रहे थे उसी दौरान जब उन्हें पीछे से ट्रेन आती दिखी तो तीन युवक(चमन, शनि और किशन) दूसरे ट्रेक पर कूद गए और उस ट्रेक पर आ रही ट्रेन की चपेट में आ गए। वहीं एक युवक दूसरी ओर झाड़ियों में कूद गया था जिस कारण उसकी जान बच गई। मंगलवार को तीनों का गमहीन माहौल में पोस्टमार्टम हुआ और अंतिम संस्कार कुटानी रोड स्थित श्मशान घाट में हुआ।
काश मैं न देता उन्हें बाइक, तो टल सकता था हादसा
सामान्य अस्पताल में पहुंचे मृतक चमन के पिता भूपेंद्र ने रोते-बिलखते हुए कहा कि काश मैं अपने बेटे को बाइक की चाभी न देता तो शायद इतना बड़ा हादसा टल सकता था। पिता ने बताया कि चमन ने जब उनसे बाइक की चाबी मांगी, तब लगा ही नहीं था कि वो इतनी दूर निकल जाएंगे कि कभी वापस ही नहीं लौटेंगे।
मामा व रिश्तेदार को ताऊ देवी लाल पार्क दिखाने एक ही बाइक पर आए थे भांजे
शाम 4 बजे चमन और शनि ने अपने मामा से कहा कि मामा हमारे शहर आए हो, चलो यहां का ताऊ देवी लाल पार्क दिखाते हैं। इतना कहने के बाद 17 साल के शनि व 18 साल के चमन ने उनके 17 साल के मामा किशन को उनकी बाइक पर बैठा लिया। तीनों को घूमने जाते देख दिल्ली से आए 24 वर्षीय जीजा दिनेश ने भी उनके साथ चलने की बात कही। जिस पर चारों एक ही बाइक पर सवार हो गए और जीटी रोड सेक्टर-6 स्थित ताऊ देवी लाल पार्क आ गए। यहां आने के बाद पहले चारों ताऊ देवी लाल पार्क घूमे, फोटो सेशन किया और फिर पार्क के पीछे रेलवे ट्रैक पर जा कर टिक-टॉक वीडियो बनाने का प्लान बनाया। शाम साढ़े पांच बजे तीनों ट्रेन की चपेट में आ गए।
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प्राइवेट स्कूल की छठी कक्षा में पढ़ते थे दोनों चचेरे भाई
परिजनों ने बताया कि चमन पुत्र भूपेंद्र निवासी राकेश कॉलोनी व शनि पुत्र सुरेश अशोक विहार कॉलोनी चचेरे भाई थे। दोनों ही पढ़ने में होशियार भी थे। दोनों कॉलोनी के ही एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ते थे। शनि तीन भाईयों में सबसे बड़ा था। शनि से छोटा रोहित (10) व आकाश (7) हैं। शनि की बड़ी बहन शादीशुदा है। शनि की मां शारदा और मजदूर पिता सुरेश का हादसे के बाद रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं चमन से दो बड़ी बहनें शादीशुदा हैं जबकि चमन से छोटा भाई रमन है। मां पूनम और मजदूर पिता भूपेंद्र कुमार इस बेटे की मौत से सदमे में आ गए हैं। वहीं हादसे का शिकार हुए दोनों चचेरे भाइयों का मामा किशन पुत्र दयाराम मूल रूप से अलीगढ़ का रहने वाला है। जिसके परिजनों को हादसे की सूचना दी है।
शनि के घर शादी समारोह में शामिल हुए थे
शुक्रवार को शनि के घर पर मौसी ऊषा की लड़की की शादी थी। जिस समारोह में शामिल होने के लिए चचेरा भाई चमन निवासी राकेश कॉलोनी व मामा किशन निवासी अलीगढ़ सहित दिल्ली से रिश्तेदार दिनेश आए थे। घर से लगभग सभी मेहमान जा चुके थे। करीबी रिश्तेदार अभी घर पर रुके हुए थे। इनमें से किशन और दिनेश की मंगलवार को उनके घर की ओर रवानगी थी, लेकिन किसे खबर थी, कि चमन, शनि और किशन अब कभी भी अपने घर नहीं लौटेंगे। घर की खुशियां अचानक से गमहीन माहौल में बदल गई।
चारों में से दो के मोबाइल बरामद, दो के गायब
जीआरपी एसआई राजीव ने बताया कि ये हादसा करीब साढ़े 5 बजे का है। इनकी मौत रेलवे ट्रैक पर वीडियो बनाते हुए पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। वहीं घटना स्थल से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। जिनमें से एक टच व दूसरा की-पेड़ वाला सामान्य मोबाइल फोन है। टच मोबाइल फोन टूट चुका है। साथ ही एक इयरफोन भी बरामद हुए हैं।
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काश मैं न देता उन्हें बाइक, तो टल सकता था हादसा
सामान्य अस्पताल में पहुंचे मृतक चमन के पिता भूपेंद्र ने रोते-बिलखते हुए कहा कि काश मैं अपने बेटे को बाइक की चाभी न देता तो शायद इतना बड़ा हादसा टल सकता था। पिता ने बताया कि चमन ने जब उनसे बाइक की चाबी मांगी, तब लगा ही नहीं था कि वो इतनी दूर निकल जाएंगे कि कभी वापस ही नहीं लौटेंगे।
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मामा व रिश्तेदार को ताऊ देवी लाल पार्क दिखाने एक ही बाइक पर आए थे भांजे
शाम 4 बजे चमन और शनि ने अपने मामा से कहा कि मामा हमारे शहर आए हो, चलो यहां का ताऊ देवी लाल पार्क दिखाते हैं। इतना कहने के बाद 17 साल के शनि व 18 साल के चमन ने उनके 17 साल के मामा किशन को उनकी बाइक पर बैठा लिया। तीनों को घूमने जाते देख दिल्ली से आए 24 वर्षीय जीजा दिनेश ने भी उनके साथ चलने की बात कही। जिस पर चारों एक ही बाइक पर सवार हो गए और जीटी रोड सेक्टर-6 स्थित ताऊ देवी लाल पार्क आ गए। यहां आने के बाद पहले चारों ताऊ देवी लाल पार्क घूमे, फोटो सेशन किया और फिर पार्क के पीछे रेलवे ट्रैक पर जा कर टिक-टॉक वीडियो बनाने का प्लान बनाया। शाम साढ़े पांच बजे तीनों ट्रेन की चपेट में आ गए।
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प्राइवेट स्कूल की छठी कक्षा में पढ़ते थे दोनों चचेरे भाई
परिजनों ने बताया कि चमन पुत्र भूपेंद्र निवासी राकेश कॉलोनी व शनि पुत्र सुरेश अशोक विहार कॉलोनी चचेरे भाई थे। दोनों ही पढ़ने में होशियार भी थे। दोनों कॉलोनी के ही एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ते थे। शनि तीन भाईयों में सबसे बड़ा था। शनि से छोटा रोहित (10) व आकाश (7) हैं। शनि की बड़ी बहन शादीशुदा है। शनि की मां शारदा और मजदूर पिता सुरेश का हादसे के बाद रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं चमन से दो बड़ी बहनें शादीशुदा हैं जबकि चमन से छोटा भाई रमन है। मां पूनम और मजदूर पिता भूपेंद्र कुमार इस बेटे की मौत से सदमे में आ गए हैं। वहीं हादसे का शिकार हुए दोनों चचेरे भाइयों का मामा किशन पुत्र दयाराम मूल रूप से अलीगढ़ का रहने वाला है। जिसके परिजनों को हादसे की सूचना दी है।
शनि के घर शादी समारोह में शामिल हुए थे
शुक्रवार को शनि के घर पर मौसी ऊषा की लड़की की शादी थी। जिस समारोह में शामिल होने के लिए चचेरा भाई चमन निवासी राकेश कॉलोनी व मामा किशन निवासी अलीगढ़ सहित दिल्ली से रिश्तेदार दिनेश आए थे। घर से लगभग सभी मेहमान जा चुके थे। करीबी रिश्तेदार अभी घर पर रुके हुए थे। इनमें से किशन और दिनेश की मंगलवार को उनके घर की ओर रवानगी थी, लेकिन किसे खबर थी, कि चमन, शनि और किशन अब कभी भी अपने घर नहीं लौटेंगे। घर की खुशियां अचानक से गमहीन माहौल में बदल गई।
चारों में से दो के मोबाइल बरामद, दो के गायब
जीआरपी एसआई राजीव ने बताया कि ये हादसा करीब साढ़े 5 बजे का है। इनकी मौत रेलवे ट्रैक पर वीडियो बनाते हुए पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। वहीं घटना स्थल से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। जिनमें से एक टच व दूसरा की-पेड़ वाला सामान्य मोबाइल फोन है। टच मोबाइल फोन टूट चुका है। साथ ही एक इयरफोन भी बरामद हुए हैं।