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महिला चौपाल देखरेख के अभाव में खस्ताहालत हुई बिल्डिंग

Wed, 06 Mar 2019 12:28 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Mar 2019 12:28 AM IST
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महिला चौपाल देखरेख के अभाव में खस्ताहालत हुई बिल्डिंग

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जिस गांव के सबसे कम उम्र के माउंट एवरेस्ट विजेता दंपती के नाम विश्व रिकार्ड हैं उसी गांव में महिला चौपाल का हाल बेहाल
- महिला चौपाल में चारों ओर से उगी घास
महिला चौपाल देखरेख के अभाव में खस्ताहालत हुई बिल्डिंग

सनौली । जिस गांव के सबसे कम उम्र के माउंट एवरेस्ट विजेता दंपती के नाम विश्व रिकार्ड हैं उसी गांव में महिला चौपाल का भी हाल बेहाल है। सरकार उन्हें पिछले चार वर्षों से दोनों को प्रदेश के विभिन्न जिलों में जागरूकता के लिए सम्मान समारोह में बुलाते हैं। खासकर माउंट एवरेस्ट विजेता महिला सब इंस्पेक्टर सुषमा कौशिक को महिला सम्मेलनों में महिला सशक्तीकरण पर सम्मानित करते हैं उसी गांव की महिला चौपाल पंचायत, प्रशासन व सरकार के देखरेख के अभाव में शुरू होने से पहले ही खस्ताहालत में हो गई है।
महिला सशक्तीकरण के लिए ग्राम पंचायत में अलग से बनाई महिला चौपाल देखरेख के अभाव में खस्ता हालत में होती जा रही है। महिला चौपाल की तरफ न तो ग्राम पंचायत और न ही प्रशासन की तरफ से ध्यान दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए मांग की है कि महिलाओं के लिए चौपाल बनाई गई तो उसकी देखभाल की जिम्मेदारी होनी चाहिए।
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सनौली ब्लाक के गांव जलालपुर प्रथम गांव में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए कई वर्षों 8 साल पहले करीब तीन लाख रुपये की लागत से महिला चौपाल का निर्माण कराया था। महिलाओं से जुड़े मामलों के लिए पंचायत करके महिला खुद फैसला कर सकें। या यूं कहे कि खुले तौर पर विचार विर्मश करने के लिए महिलाओं को एक नया प्लेटफार्म मिल जाएगा लेकिन गांव में बनी महिला चौपाल देखरेख के अभाव में खस्ता होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में महिला चौपाल तो बन चुकी है लेकिन जब से महिला चौपाल बनी है। इसमें महिलाओं ने कदम तक नहीं रख कर देखा है। ग्रामीणों का कहना है कि महिला चौपाल में चाहर दिवारी भी टूटी पड़ी हैं। वहीं पंचायत द्वारा ना सफाई काई जाती ना ही पीने के पानी की व्यवस्था है। चौपाल बनने के कुछ दिन बाद ही दरवाजे व खिड़की थी वो भी शरारती तत्वों ने तोड़ दिए। चौपाल परिसर में घास उग गई है। इतना नहीं रात के समय चौपाल मे नशेड़ी किस्म के लोग बैठे रहते है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन न महिला सशक्तीकरण के लिए महिला चौपाल बनाई है तो उसकी देखरेख का भी प्रंबध किया जाना चाहिए। वहीं इस संदर्भ में सरपंच रमेश कौशिक का कहना है कि पिछली पंचायत के राज में महिला चौपाल बनी थी देखरेख के अभाव में का समय से पहले खस्ता हालत हो गई है। जल्द ही प्रशासन से मिल कर महिला चौपाल का सुधार कराया जाएगा ताकि महिलाएं भी आगे आए । महिलाएं चौपाल में बैठके करे इसके लिए उसकी साफ-सफाई करवा दी जाएगी। इस बारे में बीडीपीओं कार्यालय सनौली एसईपीओ पंचायत अधिकारी विकास बांगड का कहना है कि गांवों में बनी महिला चौपालों की साफ सफाई कराई जाएगी ।
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