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मजदूर के घर भेजा पांच लाख का बिजली बिल, पिता की तबीयत बिगड़ी
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:19 AM IST
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मजदूर के घर भेजा पांच लाख का बिजली बिल, पिता की तबीयत बिगड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। बिजली निगम और मीटर रीडिंग करने वाली कंपनी के कर्मचारियों की लापरवाही इन दिनों उपभोक्ताओं के होश उड़ा रही है। रीडिंग लिए बिना मनमाने बिल भेजने से लोगों की तबीयत तक बिगड़ रही है। अब ऐसा ही मामला गांव जौरासी खालसा में सामने आया है। एक मजदूर के घर बिजली निगम की ओर से पांच लाख का बिल भेज दिया गया, बिल देखकर मजदूर के पिता की तबीयत बिगड़ गई। इस पर परिजनों ने उसको इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यह पहला मामला नहीं है, प्राइवेट कंपनी को जब से मीटर रीडिंग का ठेका दिया गया है, तब से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। नतीजतन मीटर रीडिंग ठीक कराने के लिए मजदूर विभाग के चक्कर काट रहे हैं। लोगों का कहना है कि गड़बड़ी कंपनी द्वारा की जाती है और खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है।
बिजली निगम की ओर से मीटर रीडिंग का ठेका प्राइवेट कंपनी को दिया गया है। करीब दो महीने से हलके में कंपनी के कर्मियों द्वारा रीडिंग ली जा रही है, लेकिन उनके द्वारा रीडिंग में खामियां आ रहीं हैं। कम रीडिंग के बावजूद हजारों, लाखों के बिल भेजे जा रहे हैं। ऐसा ही गांव जौरासी खालसा निवासी जोगिंद्र के साथ हुआ। उसने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा करता है। घर में उसके पिता रामस्वरूप के नाम पर मीटर लगा हुआ है। पांच दिन पहले बिजली बिल आया तो उनके होश फाख्ता हो गए। जिसमें 71516 यूनिट की रीडिंग दिखाई हुई है जिसका बिल (दो महीने की) 4,99164 रुपये था। इतना अधिक बिल देखते ही उसके पिता की रामस्वरूप की तबीयत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। बाद में शिकायत की तो निगम ने बिल को 23128 रुपये का कर दिया, जबकि उसका कहना है कि, उसका बिल अमूमन पांच सौ रुपये आता है। जोगिंद्र जैसे ऐसे दर्जनों लोग हैं जो प्रतिदिन बिजली बिल ठीक कराने के लिए बिजली कार्यालय पहुंच रहे हैं। एसडीओ बिहौली प्रवीन दहिया ने बताया कि ऐसी शिकायत आ रही हैं। उनको प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा रहा है। इस बारे में उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है और पहले भी ये मामले उनके संज्ञान में लाए गए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। बिजली निगम और मीटर रीडिंग करने वाली कंपनी के कर्मचारियों की लापरवाही इन दिनों उपभोक्ताओं के होश उड़ा रही है। रीडिंग लिए बिना मनमाने बिल भेजने से लोगों की तबीयत तक बिगड़ रही है। अब ऐसा ही मामला गांव जौरासी खालसा में सामने आया है। एक मजदूर के घर बिजली निगम की ओर से पांच लाख का बिल भेज दिया गया, बिल देखकर मजदूर के पिता की तबीयत बिगड़ गई। इस पर परिजनों ने उसको इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यह पहला मामला नहीं है, प्राइवेट कंपनी को जब से मीटर रीडिंग का ठेका दिया गया है, तब से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। नतीजतन मीटर रीडिंग ठीक कराने के लिए मजदूर विभाग के चक्कर काट रहे हैं। लोगों का कहना है कि गड़बड़ी कंपनी द्वारा की जाती है और खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है।
बिजली निगम की ओर से मीटर रीडिंग का ठेका प्राइवेट कंपनी को दिया गया है। करीब दो महीने से हलके में कंपनी के कर्मियों द्वारा रीडिंग ली जा रही है, लेकिन उनके द्वारा रीडिंग में खामियां आ रहीं हैं। कम रीडिंग के बावजूद हजारों, लाखों के बिल भेजे जा रहे हैं। ऐसा ही गांव जौरासी खालसा निवासी जोगिंद्र के साथ हुआ। उसने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा करता है। घर में उसके पिता रामस्वरूप के नाम पर मीटर लगा हुआ है। पांच दिन पहले बिजली बिल आया तो उनके होश फाख्ता हो गए। जिसमें 71516 यूनिट की रीडिंग दिखाई हुई है जिसका बिल (दो महीने की) 4,99164 रुपये था। इतना अधिक बिल देखते ही उसके पिता की रामस्वरूप की तबीयत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। बाद में शिकायत की तो निगम ने बिल को 23128 रुपये का कर दिया, जबकि उसका कहना है कि, उसका बिल अमूमन पांच सौ रुपये आता है। जोगिंद्र जैसे ऐसे दर्जनों लोग हैं जो प्रतिदिन बिजली बिल ठीक कराने के लिए बिजली कार्यालय पहुंच रहे हैं। एसडीओ बिहौली प्रवीन दहिया ने बताया कि ऐसी शिकायत आ रही हैं। उनको प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा रहा है। इस बारे में उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है और पहले भी ये मामले उनके संज्ञान में लाए गए हैं।
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