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एसएनसीयू वार्ड में लगा डबल सरफेस थैरेपी का सेटअप, अब पीलिया से ग्रस्त बच्चों को यहीं पर मिलेगा अत्याधुनिक इलाज

Sat, 14 Jul 2018 11:53 PM IST
Updated Sat, 14 Jul 2018 11:53 PM IST
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एसएनसीयू वार्ड में लगा डबल सरफेस थैरेपी का सेटअप, अब पीलिया से ग्रस्त बच्चों को यहीं पर मिलेगा अत्याधुनिक इलाज
फोटो 1
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पीलियाग्रस्त बच्चे का होगा डबल सरफेस इलाज
रोहतक और खानपुर मेडिकल कॉलेज नहीं करना पड़ेगा रेफर
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सिविल अस्पताल से अब नवजात को रोहतक और खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल का एसएनसीयू (सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट) वार्ड जुलाई तक हाईटेक हो जाएगा। पीलिया ग्रस्त शिशुओं के लिए फिलहाल सिंगल सरफेस थेरेपी से इलाज होता है। इससे बच्चे का एक हिस्सा ही कवर हो सकता है। नई तकनीक डबल थेरेपी से बच्चे के पेट व कमर का हिस्सा भी कवर होगा। इसकी कीमत डेढ़ लाख रुपये है। यह मशीन सिविल अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में आ चुकी है।
सिविल अस्पताल ने डबल सरफेस थेरेपी मशीन खरीद ली है। इसके अलावा पांच मशीनें केंद्र सरकार की ओर से आएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने एसएनसीयू वार्ड में बिली ब्लैंकेट व सी-पैप लाने का प्रस्ताव पास कर दिया है। 12 जून को पंचकूला में हुई बैठक में पानीपत के एसएनसीयू वार्ड को प्रदेश में पहले स्थान पर चुना था। इसलिए वार्ड में कई सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। डॉ. दिनेश दहिया ने इसको सेट कराकर बच्चों का इलाज भी शुरू कर दिया है।
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हर 10 नवजात शिशुओं में से छह पीलियाग्रस्त
डॉ. दिनेश दहिया ने बताया कि हर 100 नवजात शिशुओं में से 70 में पीलिया होता है। 70 नवजात शिशुओं में 40 नवजात को दाखिल किया जाता है। इनका फिलहाल सिंगल सरफेस थेरेपी से इलाज होता है। इससे बच्चे का एक हिस्सा ही कवर हो सकता है। नई तकनीक डबल थेरेपी से बच्चे के पेट व कमर का हिस्सा भी कवर होगा।
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सी पैप करेगा वेंटीलेटर का काम
सी पैप एक प्रकार की मशीन है। इसमें प्रेशर होता है और प्रेशर से प्री मैच्योर व सांस की बीमारी से ग्रस्त बच्चों के फेफड़ों में ऑक्सीजन डाली जाती है। क्योंकि प्री मैच्योर बच्चों के फेफड़े सांस लेने के लिए सही प्रकार से विकसित नहीं होते। सी पैप मशीन वेंटीलेटर का काम करती है। इससे सिविल अस्पताल में लाने से रेफर होने वाले नवजात में 90 प्रतिशत तक की कमी आएगी। इन मशीनों को भी जल्द पानीपत में लाने का प्रयास चल रहा है।


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नवजात को खानपुर रेफर नहीं करना पड़ेगा: डॉ. वर्मा
पहले डबल सरफेस थेरेपी के अभाव में नवजात को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता था। अब सिविल अस्पताल में भी डबल सरफेस थेरेपी की सुविधा मिलेगी। यह नवजात के लिए बहुत फायदेमंद होगा।
-डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन
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