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हरियाणा: निजी स्कूल का एसएलसी मिलने पर ही होगा सरकारी स्कूलों में स्थायी दाखिला

Fri, 26 Jun 2020 08:51 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 26 Jun 2020 08:51 PM IST
सार

  • निजी स्कूल संचालकों के साथ शिक्षा मंत्री की बैठक के बाद पत्र जारी
  • बिना एसएलसी मिलेगा सिर्फ अस्थायी दाखिला, शिक्षा सदन में हुई मंत्री व निजी स्कूल संचालकों की बैठक

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Without SLC there will be no admission in government schools
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा सरकार ने एसएलसी (स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट) के मामले में निजी स्कूलों को बड़ी राहत दी है। निजी स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों को सरकारी स्कूल में बिना एसएलसी अस्थायी दाखिला ही मिलेगा। दाखिला स्थायी तभी माना जाएगा जब निजी स्कूल विद्यार्थियों का एसएलसी जारी करेगा।

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शुक्रवार देर शाम शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में सभी डीईओ, डीईईओ को निर्देश जारी कर दिए। 15 जून को सरकार ने निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूल में दाखिला लेने के लिए एसएलसी की बाध्यता खत्म कर दी थी। 15 दिन के भीतर एसएलसी जारी न होने पर उसे स्वत: जारी हुआ मानने के आदेश थे।
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निजी स्कूलों के कड़े विरोध के बाद शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने निजी स्कूल संचालकों के साथ शुक्रवार को शिक्षा सदन पंचकूला में बैठक कर आश्वासन दिया था कि बिना एसएलसी सरकारी स्कूलों में निजी स्कूल छोड़ने वाले बच्चों का दाखिला नहीं होगा। उनके आश्वासन को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा निदेशालय ने देर शाम एसएलसी की गरिमा को बरकरार रखते हुए नए आदेश जारी कर दिए। 
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हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने शिक्षा मंत्री और सरकारी अधिकारियों के सामने बैठक में स्कूलों का पक्ष रखा था। कुंडू ने हरियाणा सरकार से बिना एसएलसी सरकारी स्कूलों में दाखिले के आदेशों को वापस लेने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों के पास पिछले सत्र की बकाया फीस लेने के लिए एसएलसी एकमात्र साधन था, जिसे सरकार ने हटा दिया। 

ग्रामीण क्षेत्रों के सभी स्कूलों को पिछले 3 से 6 महीने तक की फीस लेना नामुमकिन हो गया है। 10 साल की मान्यता पूरे होने के मुद्दे पर कुंडू ने कहा कि 10 साल के बाद केवल स्कूलों की समीक्षा के बारे में कहा गया था लेकिन अधिकारी नई मान्यता का फॉर्म भरने पर स्कूलों पर दबाव डाल रहे हैं। एमआईएस पोर्टल को भी स्कूल के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से जोड़ना चाहिए। एसएलसी के दौरान एक ओटीपी जनरेट होना चाहिए। जिससे एसएलसी काटा जा सके।

सर्व हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ व हरियाणा प्राइवेट स्कूल एवं चिल्ड्रन वेलफेयर ट्रस्ट ने बिना एसएलसी सरकारी स्कूल में दाखिला न होने के आदेश पर शिक्षा मंत्री का धन्यवाद किया है। सर्व हरियाणा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सेठी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर एसोसिएशन की तरफ से विधायकों को ज्ञापन सौंपते हुए इस निर्णय को वापस लेने की गुहार लगाई थी। 

विशेष तौर पर बरवाला के विधायक जोगीराम सिहाग ने एसोसिएशन को विश्वास दिलाया था कि वे इस मुद्दे को शिक्षा मंत्री के समक्ष रखते हुए समाधान कराएंगे। हरियाणा प्राइवेट स्कूल एवं चिल्ड्रेन वेलफेयर ट्रस्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. विजय खेड़ा ने भी विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि एसएससी मामले में हरियाणा प्राइवेट स्कूल एवं चिल्ड्रन वेलफेयर ट्रस्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की हुई है, जिसकी सुनवाई सोमवार के लिए लंबित है। शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा कि उनकी मांगों पर विचार करते हुए सकारात्मक आदेश जारी कर दिए गए हैं।

निजी स्कूलों को दें राहत: दुष्यंत
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में कहा कि एसएलसी की अनिवार्यता खत्म होने से कम बजट के स्कूल बैंक डिफाल्टर हो जाएंगे। उन्हें राहत मिलनी चाहिए। निजी स्कूल की बिना फीस जमा कराए सरकारी स्कूल में दाखिला न दें। अगर कोई दिक्कत हुई तो मामले को कैबिनेट में ले जाकर एसएलसी की अनिवार्यता बहाल कराई जाएगी।

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