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पंजाब में कमजोर सरकार, चुनाव में नहीं संभाल सकती सुरक्षा व्यवस्था - मनोहर
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चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल अन्य मंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हु?
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के दौरान सुरक्षा में चूक हुई है। प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार का काम है। पंजाब में कमजोर सरकार है, चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था नहीं संभाल सकती। कांग्रेस सरकार को बर्खास्त कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने शुक्रवार सुबह राजभवन में मंत्रियों और भाजपा नेताओं के साथ राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को इस संबंध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
मुख्यमंत्री ने इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जब भी स्थानीय सुरक्षा से जुड़ा कोई विषय आता है तो इसकी जानकारी पुलिस व प्रशासन को अधिक होती है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में ऐसी चूक भारी लापरवाही है। प्रधानमंत्री आम आदमी नहीं, बल्कि देश की 130 करोड़ जनता के प्रतिनिधि हैं। अचानक किसानों का उनका रास्ता रोकना, पुलिस की जानकारी के बगैर संभव नहीं लगता है।
सुप्रीम कोर्ट मामले में सुनवाई कर रहा है, जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने पंजाब के अपने समक्ष चरणजीत चन्नी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री को जाना था, उसमें वह और पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी अलग-अलग वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे। वीडियो में चन्नी बार-बार, आते-जाते नजर आ रहे थे। संवेदनशील माहौल बना हुआ था और वह असामान्य लग रहे थे।
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पंजाब सरकार की सुनियोजित साजिश को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति पंजाब सरकार के इस असंविधानिक व्यवहार को माफ नहीं करेगा। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़, गृह मंत्री अनिल विज, संसदीय कार्य मंत्री कंवर पाल, परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा, खेल मंत्री संदीप सिंह, पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा, एडवोकेट वेदपाल इत्यादि शामिल रहे।
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मुख्यमंत्री ने इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जब भी स्थानीय सुरक्षा से जुड़ा कोई विषय आता है तो इसकी जानकारी पुलिस व प्रशासन को अधिक होती है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में ऐसी चूक भारी लापरवाही है। प्रधानमंत्री आम आदमी नहीं, बल्कि देश की 130 करोड़ जनता के प्रतिनिधि हैं। अचानक किसानों का उनका रास्ता रोकना, पुलिस की जानकारी के बगैर संभव नहीं लगता है।
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सुप्रीम कोर्ट मामले में सुनवाई कर रहा है, जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने पंजाब के अपने समक्ष चरणजीत चन्नी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री को जाना था, उसमें वह और पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी अलग-अलग वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे। वीडियो में चन्नी बार-बार, आते-जाते नजर आ रहे थे। संवेदनशील माहौल बना हुआ था और वह असामान्य लग रहे थे।
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पंजाब सरकार की सुनियोजित साजिश को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति पंजाब सरकार के इस असंविधानिक व्यवहार को माफ नहीं करेगा। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़, गृह मंत्री अनिल विज, संसदीय कार्य मंत्री कंवर पाल, परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा, खेल मंत्री संदीप सिंह, पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा, एडवोकेट वेदपाल इत्यादि शामिल रहे।