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Panchkula News: जंगली जानवरों के आतंक से ग्रामीण परेशान, समस्या का नहीं कोई समाधान
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला- रामगढ़। शिवालिक तलहटी के लोग जंगली जानवरों से इस कदर परेशान हैं कि फसलों की बिजाई बंद करने को मजबूर हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पढ़ रहा है। किसान रातभर जाग कर अपनी फसलों की रखवाली करते हैं, लेकिन बावजूद इसके जंगली जानवर उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा जाते हैं। किसान इस समस्या को अपने स्तर पर कई बार शासन और प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिलते रहे हैं। गांव, खैरी, खोपर, कडयाणी, लेद, नगणाशु, अंबवा, टिब्बी, बलौटी के किसानों ने बताया कि उनकी फसल को जंगली जानवर तबाह कर रहे है।
गांव टिब्बी निवासी सोमपाल, भाग सिंह, दीप सिंह, दयाल सिंह, पिंकी अंबवा, गुरदीप राणा बलोटी, महेंद्र सिंह, देवीलाल, निर्मल सिंह, लाल सिंह ने बताया कि खरीफ के सीजन की मक्की, बाजारा, मूंगफली, जवार, धान और रबी के सीजन की आलू, प्याज, पालक, टमाटर, गोभी, चन्ना, सरसों की फसल का नुकसान है। फसलों को जंगली जानवरों से बचाने का भरसक प्रयास करते हैं। उन्होंने बताया कि जंगली जानवरों द्वारा फसल नष्ट करने के बावजूद बच्ची फसल को पशुओं के लिए हरे चारे के तौर पर इस्तेमाल करने पर मजबूर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि ट्राइसिटी से सटे इस ग्रामीण क्षेत्र के किसान सब्जी व अन्य फसलों की खेती करने से कतराने लगे हैं।
किसान इन फसलों की पैदावार कर अपना आर्थिक दशा सुदृढ़ कर सकते हैं लेकिन अब इन किसानों को कृषि के अलावा अन्य रोजगारों की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इन जंगली जानवरों से उन्हें निजात दिलाए ताकि वह कृषि का अपना पैतृक धंधा करें और अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें ।
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पंचकूला- रामगढ़। शिवालिक तलहटी के लोग जंगली जानवरों से इस कदर परेशान हैं कि फसलों की बिजाई बंद करने को मजबूर हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पढ़ रहा है। किसान रातभर जाग कर अपनी फसलों की रखवाली करते हैं, लेकिन बावजूद इसके जंगली जानवर उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा जाते हैं। किसान इस समस्या को अपने स्तर पर कई बार शासन और प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिलते रहे हैं। गांव, खैरी, खोपर, कडयाणी, लेद, नगणाशु, अंबवा, टिब्बी, बलौटी के किसानों ने बताया कि उनकी फसल को जंगली जानवर तबाह कर रहे है।
गांव टिब्बी निवासी सोमपाल, भाग सिंह, दीप सिंह, दयाल सिंह, पिंकी अंबवा, गुरदीप राणा बलोटी, महेंद्र सिंह, देवीलाल, निर्मल सिंह, लाल सिंह ने बताया कि खरीफ के सीजन की मक्की, बाजारा, मूंगफली, जवार, धान और रबी के सीजन की आलू, प्याज, पालक, टमाटर, गोभी, चन्ना, सरसों की फसल का नुकसान है। फसलों को जंगली जानवरों से बचाने का भरसक प्रयास करते हैं। उन्होंने बताया कि जंगली जानवरों द्वारा फसल नष्ट करने के बावजूद बच्ची फसल को पशुओं के लिए हरे चारे के तौर पर इस्तेमाल करने पर मजबूर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि ट्राइसिटी से सटे इस ग्रामीण क्षेत्र के किसान सब्जी व अन्य फसलों की खेती करने से कतराने लगे हैं।
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किसान इन फसलों की पैदावार कर अपना आर्थिक दशा सुदृढ़ कर सकते हैं लेकिन अब इन किसानों को कृषि के अलावा अन्य रोजगारों की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इन जंगली जानवरों से उन्हें निजात दिलाए ताकि वह कृषि का अपना पैतृक धंधा करें और अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें ।
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