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Panchkula News: स्थायी लोक अदालतों में खाली पद, पंजाब सरकार को नोटिस जारी

Thu, 03 Sep 2026 10:39 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 10:39 PM IST
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Vacant posts in Permanent Lok Adalats: Notice issued to Punjab government.
जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष रखा गया मुद्दा
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सेवा नियम अधिसूचित करने का निर्देश जारी करने की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब की स्थायी लोक अदालतों (पीएलए) में खाली पदों का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा है। इन अदालतों में सेवा भर्ती नियम भी अभी तक अधिसूचित नहीं किए गए हैं। पीपुल वेलफेयर सोसायटी की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।
याचिका में आरोप है कि पर्याप्त स्टाफ की कमी से लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। कनिष्ठ आशुलिपिक के 17 में से सात पद खाली हैं। अहलमद के 17 में से 16 पद रिक्त हैं जिसे सबसे गंभीर स्थिति बताया गया है। प्रक्रिया सर्वर के 22 पद भी खाली पड़े हैं। ये पद फरवरी 2025 में स्वीकृत हुए थे और इनकी भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
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स्थायी लोक अदालतों की स्थापना वर्ष 2002 में हुई थी। करीब 24 साल बाद भी कर्मचारियों के लिए आवश्यक सेवा नियम अंतिम रूप से अधिसूचित नहीं हुए हैं। पंजाब में कानूनी सहायता के लिए धन की कमी नहीं है। वर्ष 2026-27 में राज्य विधिक सेवा कोष को 6.07 करोड़ रुपये मिले थे। इसके बावजूद अदालतों में कर्मचारियों की कमी है।
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न्याय में बाधा :

याची ने बताया कि प्रक्रिया सर्वर न होने से नोटिस समय पर नहीं पहुंच पाते। इससे संबंधित पक्षों तक सूचना पहुंचाने में परेशानी होती है। अहलमद के पद खाली होने से मामलों की फाइलों का रखरखाव प्रभावित होता है। अदालती रिकॉर्ड के प्रबंधन पर भी इसका असर पड़ता है। यह स्थिति त्वरित और प्रभावी न्याय के उद्देश्य को प्रभावित कर रही है।




सेवा नियमों की अनदेखी :
स्थायी लोक अदालतों की व्यवस्था 2002 में शुरू हुई थी। करीब 24 साल बीतने के बाद भी कर्मचारियों के सेवा नियम अधिसूचित नहीं हुए। यह भर्ती प्रक्रिया में देरी का एक प्रमुख कारण है। राज्य के पास कानूनी सहायता के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध है। वर्ष 2026-27 में 6.07 करोड़ रुपये का कोष प्राप्त हुआ था।
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