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साइबर हिंसा और दादागिरी रोकने का यूनेस्को, एनसीईआरटी ने उठाया बीड़ा
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चंडीगढ़। कोविड के कारण ऑनलाइन शिक्षा का चलन बढ़ा है, जिससे देश में साइबर हिंसा, दादागिरी और लिंगभेद की वारदातें लगातार सामने आ रही हैं। बुल्ली बाई एप इसका ताजा उदाहरण हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए यूनेस्को व एनसीईआरटी ने बीड़ा उठाया है। हरियाणा सहित सभी राज्यों, यूटी के शिक्षा सचिवों को स्कूली विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
‘बी ए बड्डी, नॉट ए बुल्ली’ सहित 5 सूत्रीय जागरुकता कार्यक्रम तैयार किया है। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को इस बारे में बताया जाएगी ताकि वे साइबर हिंसा, दादागिरी, लिंग भेद इत्यादि की घटनाओं से दूर रहें।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा है कि कोविड के कारण बच्चों की अधिकांश पढ़ाई ऑनलाइन ही हो रही है। इससे वे गलत आदतों का भी शिकार हो रहे हैं। इसके मद्देनजर यूनेस्को व एनसीईआरटी ने बच्चों व युवाओं को साइबर अपराध से दूर रखते हुए ऑनलाइन पढ़ाई का सुरक्षित वातावरण मुहैया कराने का निर्णय लिया है।
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इसमें बच्चों को कोविड के दौरान सुरक्षित ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ी सूचना बुकलेट भेजी जाएंगी। इंटरनेट, गैजेट्स व मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए एनिमेशन वीडियो भी भेजे जाएंगे। बच्चों, शिक्षकों को स्कूल आधारित लिंगभेद से बचने के लिए प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। ‘बी ए बड्डी, नॉट ए बुल्ली’ सहित 5 पोस्टर का सेट तैयार किया है, जो बच्चों को भेजा जाएगा। यूनेस्को ने ये सारी सामग्री सभी राज्यों के शिक्षा सचिवों को प्रचार-प्रसार के लिए भेज दी है। इसे एनसीईआरटी की वेबसाइट पर हेल्थ एंड वेलनेस अंडर गैलरी से भी प्राप्त किया जा सकता है। इन निर्देशों को सख्ती से लागू करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा निदेशालय व जिलों में मौजूद सभी शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिख दिया है।
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‘बी ए बड्डी, नॉट ए बुल्ली’ सहित 5 सूत्रीय जागरुकता कार्यक्रम तैयार किया है। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को इस बारे में बताया जाएगी ताकि वे साइबर हिंसा, दादागिरी, लिंग भेद इत्यादि की घटनाओं से दूर रहें।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा है कि कोविड के कारण बच्चों की अधिकांश पढ़ाई ऑनलाइन ही हो रही है। इससे वे गलत आदतों का भी शिकार हो रहे हैं। इसके मद्देनजर यूनेस्को व एनसीईआरटी ने बच्चों व युवाओं को साइबर अपराध से दूर रखते हुए ऑनलाइन पढ़ाई का सुरक्षित वातावरण मुहैया कराने का निर्णय लिया है।
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इसमें बच्चों को कोविड के दौरान सुरक्षित ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ी सूचना बुकलेट भेजी जाएंगी। इंटरनेट, गैजेट्स व मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए एनिमेशन वीडियो भी भेजे जाएंगे। बच्चों, शिक्षकों को स्कूल आधारित लिंगभेद से बचने के लिए प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। ‘बी ए बड्डी, नॉट ए बुल्ली’ सहित 5 पोस्टर का सेट तैयार किया है, जो बच्चों को भेजा जाएगा। यूनेस्को ने ये सारी सामग्री सभी राज्यों के शिक्षा सचिवों को प्रचार-प्रसार के लिए भेज दी है। इसे एनसीईआरटी की वेबसाइट पर हेल्थ एंड वेलनेस अंडर गैलरी से भी प्राप्त किया जा सकता है। इन निर्देशों को सख्ती से लागू करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा निदेशालय व जिलों में मौजूद सभी शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिख दिया है।