{"_id":"5e1489f68ebc3e87b0707741","slug":"two-vicious-fraudsters-advertising-from-olx-arrested-in-mathura-panchkula-news-pkl3623239125","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओएलएक्स पर विज्ञापन देकर ठगी करने वाले दो शातिर मथुरा से गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओएलएक्स पर विज्ञापन देकर ठगी करने वाले दो शातिर मथुरा से गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। साइबर सेल ने ऐसे दो शातिरोें कोे गिरफ्तार किया है, जो ओएलएक्स पर किसी भी वस्तु की खरीद-फरोख्त के नाम पर लोगों को झांसा देकर उनसे मोटी रकम ठग लेते थे। पुलिस ने दोनों को मथुरा से दबोचा है, जबकि इसी मामले में दो अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से नकली सिम और एटीएम कार्ड बरामद किया है। दोनों आरोपी मथुरा के गांव मांट निवासी 26 साल का धमेंद्र और 20 साल का सोनू है। पुलिस ने आरोपियों को जिला अदालत में पेश कर दोनों का दो-दो दिन का रिमांड हासिल कर लिया है। मनीमाजरा थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया है।
बीते 19 दिसंबर,2019 को साइबर सेल को दी शिकायत में चंदन पठानिया ने बताया था कि वह मनीमाजरा स्थित शांति नगर का रहने वाले हैं। कुछ समय पहले उन्होंने अपना पुराना मोबाइल फोन बेचने के लिए ओएलएक्स की साइट पर डाला था। इस दौरान एक युवक ने उनसे संपर्क कर मोबाइल फोन खरीदने के लिए 9 हजार रुपये में सौदा तय किया। थोड़ी देर बाद उसने ऑनलाइन भुगतान गेटवे (फोनपेय) के के जरिये रिक्वेस्ट भेजी। जैसे ही रिक्वेस्ट को स्वीकार किया गया तो उनके बैंक के खाते से 7 हजार रुपये निकल गए थे।
ऐसे पहुंची शातिरों तक पुलिस
ठगी की इस वारदात के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए साइबर सेल डीएसपी रश्मि यादव की अगुवाई में इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों की टीम गठित की गई। टीम की ओर से की गई जांच में सामने आया कि शातिर ने जिस मोबाइल सिम का इस्तेमाल किया था, वह मथुरा के गांव मांट में रजिस्टर्ड है। जिसे मांट निवासी रिटेलर धर्मेंद्र ने नकली आईडी पर बेचा है। वहीं, जिस बैंक खाते में रुपये की ट्रांजक्शन हुई है, वह सोनू नामक युवक का है। उसका खाता मथुरा के बैंक ऑफ बड़ौदा की ब्रांच में है। इसके बाद साइबर की टीम ने दो आरोपी धर्मेंद्र और सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन का नकली सिम और एटीएम कार्ड बरामद कर लिया है। पूछताछ में शातिरों ने खुलासा किया है कि इस गिरोह में राजस्थान के बहराटपुरा और मथुरा निवासी अन्य दो आरोपी भी शामिल हैं और यह दोनों अभी फरार हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को दबोचने के लिए टीम जगह-जगह छापामारी कर रही है। दोनों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते 19 दिसंबर,2019 को साइबर सेल को दी शिकायत में चंदन पठानिया ने बताया था कि वह मनीमाजरा स्थित शांति नगर का रहने वाले हैं। कुछ समय पहले उन्होंने अपना पुराना मोबाइल फोन बेचने के लिए ओएलएक्स की साइट पर डाला था। इस दौरान एक युवक ने उनसे संपर्क कर मोबाइल फोन खरीदने के लिए 9 हजार रुपये में सौदा तय किया। थोड़ी देर बाद उसने ऑनलाइन भुगतान गेटवे (फोनपेय) के के जरिये रिक्वेस्ट भेजी। जैसे ही रिक्वेस्ट को स्वीकार किया गया तो उनके बैंक के खाते से 7 हजार रुपये निकल गए थे।
विज्ञापन
ऐसे पहुंची शातिरों तक पुलिस
ठगी की इस वारदात के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए साइबर सेल डीएसपी रश्मि यादव की अगुवाई में इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों की टीम गठित की गई। टीम की ओर से की गई जांच में सामने आया कि शातिर ने जिस मोबाइल सिम का इस्तेमाल किया था, वह मथुरा के गांव मांट में रजिस्टर्ड है। जिसे मांट निवासी रिटेलर धर्मेंद्र ने नकली आईडी पर बेचा है। वहीं, जिस बैंक खाते में रुपये की ट्रांजक्शन हुई है, वह सोनू नामक युवक का है। उसका खाता मथुरा के बैंक ऑफ बड़ौदा की ब्रांच में है। इसके बाद साइबर की टीम ने दो आरोपी धर्मेंद्र और सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन का नकली सिम और एटीएम कार्ड बरामद कर लिया है। पूछताछ में शातिरों ने खुलासा किया है कि इस गिरोह में राजस्थान के बहराटपुरा और मथुरा निवासी अन्य दो आरोपी भी शामिल हैं और यह दोनों अभी फरार हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को दबोचने के लिए टीम जगह-जगह छापामारी कर रही है। दोनों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन