{"_id":"5db8a2b58ebc3e93a33450b1","slug":"two-former-iob-officers-got-bail-in-fraud-case-panchkula-news-pkl35522211","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ः धोखाधड़ी के केस में आईओबी के दो पूर्व अधिकारियों को मिली जमानत, जानिए मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ः धोखाधड़ी के केस में आईओबी के दो पूर्व अधिकारियों को मिली जमानत, जानिए मामला
Wed, 30 Oct 2019 01:27 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2019 01:27 PM IST
विज्ञापन
bail
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धोखाधड़ी मामले में इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) के पूर्व सीनियर अधिकारियों को सीबीआई कोर्ट से मंगलवार को रेगुलर जमानत मिल गई है। आरोपी खरड़ के सेक्टर-15 निवासी राज कुमार पनिजा (63) और जयपुर निवासी सत्य कुमार पारीक (61) हैं। इनमें से एक आरोपी आईओबी में सीनियर मैनेजर और दूसरा चीफ मैनेजर की पोस्ट से रिटायर्ड है।
उन्होंने सीबीआई अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी लेकिन मंगलवार को उन्होंने अग्रिम जमानत वापस ले ली और रेगुलर जमानत याचिका दायर की, जिसे सीबीआई अदालत ने मंजूर कर लिया। जांच के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार न करने के आधार पर उनकी जमानत याचिका को मंजूर कर लिया गया।
सीबीआई ने जांच के बाद याचिकाकर्ता और अन्य के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 173 के तहत चार्जशीट दायर की थी। याचिकाकर्ता राज कुमार पनिजा ने अपनी याचिका में उल्लेख किया है कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसने कभी कोई अपराध नहीं किया है और न ही किसी की अपराध करने में कोई सहायता की है।
विज्ञापन
दर्ज मामले के अनुसार, विभागीय जांच करने के बाद पाया गया था कि एफआईआर में दर्ज आरोपियों ने नई मशीनरी खरीदने के बहाने बैंक को लोन अधिग्रहण मामले में धोखा दिया था। यह सूचना मिलते ही विभागीय जांच की गई थी। इसके तहत दोनों पर धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज किया गया था। सीबीआई ने कभी पनिजा को गिरफ्तार नहीं किया था।
विज्ञापन
उन्होंने सीबीआई अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी लेकिन मंगलवार को उन्होंने अग्रिम जमानत वापस ले ली और रेगुलर जमानत याचिका दायर की, जिसे सीबीआई अदालत ने मंजूर कर लिया। जांच के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार न करने के आधार पर उनकी जमानत याचिका को मंजूर कर लिया गया।
विज्ञापन
सीबीआई ने जांच के बाद याचिकाकर्ता और अन्य के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 173 के तहत चार्जशीट दायर की थी। याचिकाकर्ता राज कुमार पनिजा ने अपनी याचिका में उल्लेख किया है कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसने कभी कोई अपराध नहीं किया है और न ही किसी की अपराध करने में कोई सहायता की है।
विज्ञापन
दर्ज मामले के अनुसार, विभागीय जांच करने के बाद पाया गया था कि एफआईआर में दर्ज आरोपियों ने नई मशीनरी खरीदने के बहाने बैंक को लोन अधिग्रहण मामले में धोखा दिया था। यह सूचना मिलते ही विभागीय जांच की गई थी। इसके तहत दोनों पर धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज किया गया था। सीबीआई ने कभी पनिजा को गिरफ्तार नहीं किया था।