{"_id":"6043e8d58ebc3e591536e0c1","slug":"transfer-of-real-estate-to-urban-area-is-expensive-panchkula-news-pkl406262766","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा : शहरी क्षेत्र में अचल संपत्ति का हस्तांतरण महंगा, अब दो फीसदी अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी लगेगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा : शहरी क्षेत्र में अचल संपत्ति का हस्तांतरण महंगा, अब दो फीसदी अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी लगेगी
Sun, 07 Mar 2021 11:07 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Mar 2021 11:07 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में अचल संपत्ति का हस्तांतरण महंगा हो गया है। प्रत्येक नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में अब अचल संपत्ति के हस्तांतरण पर दो फीसदी अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी लगेगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की तरफ से इसकी दो गजट अधिसूचनाएं जारी कर दी हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार को विधानसभा में सदन पटल पर इसकी प्रति रखी गई। ग्रामीण क्षेत्र में जमीनों की रजिस्ट्री पहले ही महंगी हो चुकी है। वहां भी दो फीसदी अतिरिक्त स्टांप शुल्क वसूला जाएगा। निकाय क्षेत्रों में भूमि, मकान, दुकान को बिक्री करने, आदान-प्रदान, उपहार में देने, गिरवी रख कर धनराशि लेने, लीज पर देने में अब ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। गजट अधिसूचना के अनुसार प्रदेश के शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि ताजा अधिसूचना हरियाणा नगर निगम अधिनियम (कानून) 1994 की धारा 87 के अंतर्गत जारी की गई है, जबकि निकायों के संबंध में यह हरियाणा नगरपालिका (म्युनिसिपल ) कानून 1973 की धारा 69 में जारी हुई है। दोनों कानूनी धाराओं में टैक्स एवं ड्यूटी (शुल्क) लगाने के लिए संबंधित नगर निकाय भी सक्षम है लेकिन प्रावधान अनुसार राज्य सरकार ही ऐसी अधिसूचना और आदेश जारी कर सकती है।
विज्ञापन
रजिस्ट्रार या सब रजिस्ट्रार वसूल सकेंगे अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी
अधिसूचना के अनुसार अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी रजिस्ट्रार या सब-रजिस्ट्रार वसूल करेंगे। बाद में इस धनराशि का भुगतान संबंधित नगर निगम के आयुक्त या अन्य अधिकारियों को किया जाएगा। राशि का भुगतान निकायों व निदेशक, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के खातों में समान रूप से होगा।