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Panchkula News: निर्धारित से अधिक खनन करने पर तिरुपति रोडवेज माइन के मालिक पर 134 करोड़ का जुर्माना, किया गिरफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। एसीबी ने तिरुपति रोडवेज माइन के मालिक गुरप्रीत सिंह सभरवाल को माइनिंग घोटाला और जुर्माने के 134 करोड़ रुपये नहीं भरने पर गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को एसीबी ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया। फर्म ने अवैध माइनिंग कर सरकार को 35 करोड़ के राजस्व का नुकसान पहुंचाया था।
एसीबी को सूचना मिली थी कि तिरुपति रोडवेज माइन जीएसटी, रॉयल्टी जैसे राजस्व की चोरी कर रहा है। मैसर्स तिरुपति रोडवेज माइन ने तय सीमा से अधिक मात्रा में खनिज निकाल रहा है। उक्त कंपनी को रत्तेवाली पंचकूला में खनिज निकालने का ठेका दिया गया था। रत्तेवाली, जिला में उपरोक्त फर्म के खनन स्थल पर औचक जांच करने का निर्णय लिया गया। 11 मई 2022 को औचक जांच के दौरान विभिन्न दस्तावेज पुलिस ने अपने कब्जे में लिए। दस्तावेजों की जांच से पता चला कि दिनांक 5 मई 2022 से 11 मई 2022 तक पांच दिन में कुल 1868 ट्रक और डंपर सामग्री बाहर ले जाते पाए गए। केवल 518 ट्रकों और डंपरों के जीएसटी एवं रॉयल्टी का बिल जारी होना पाया गया। इसके अलावा साइट की हरसैक, गुरुग्राम और खनन विभाग पंचकूला के अधिकारियोंं से जांच कराई गई कि उक्त साइट से कितनी मात्रा में सामग्री निकाली गई है और इस संबंध में एक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी।
छह गुना ज्यादा सामग्री निकाली
रिपोर्ट से पता चला कि साइट से तय सीमा से करीब छह गुना ज्यादा सामग्री निकाली गई थी। औचक निरीक्षण के दौरान जब्त दस्तावेजों के आधार पर सरकार को हुई हानि का पता चला। जांच में 35 करोड़ रुपये का राजस्व का नुकसान पाया गया। इसके बाद एसीबी में 25 अगस्त 2022 को उक्त कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। 11 मई को एसीबी ने औचक जांच के बाद भी आरोपी गुरप्रीत सिंह ने खनन जारी रखा। इसलिए, खनन विभाग ने जांच की और उक्त आरोपी फर्म पर 134 करोड़ का जुर्माना लगाया।
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देहरादून से किया गया गिरफ्तार
पंचकूला निवासी आरोपी गुरप्रीत सिंह सभरवाल और मैसर्स तिरुपति रोडवेज के मालिक हैं। उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किए गए, लेकिन वह जांच में शामिल होने से बचता रहा। एसीबी ने आरोपी को 12 अप्रैल को देहरादून से गिरफ्तार किया है। अपनी गिरफ्तारी से पहले उन्हें जारी किए गए नोटिस के जवाब में उन्होंने कहा कि वे अपने बीमार पिता की देखभाल करनी है, जो झारखंड के धनबाद के एक अस्पताल में भर्ती हैं और धनबाद जाना है, लेकिन गिरफ्तारी के समय वह देहरादून के होटल में छिपे मिले। इस तरह, वह जांच एजेंसी को गुमराह कर रहे थे। खनन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से तय सीमा से अधिक मात्रा में सामग्री निकाली। आरोपी गुरप्रीत सिंह सभरवाल से रिमांड के दौरान पूरे घोटाले को सुलझाने के लिए उसका पुलिस रिमांड लिया गया है।
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पंचकूला। एसीबी ने तिरुपति रोडवेज माइन के मालिक गुरप्रीत सिंह सभरवाल को माइनिंग घोटाला और जुर्माने के 134 करोड़ रुपये नहीं भरने पर गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को एसीबी ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया। फर्म ने अवैध माइनिंग कर सरकार को 35 करोड़ के राजस्व का नुकसान पहुंचाया था।
एसीबी को सूचना मिली थी कि तिरुपति रोडवेज माइन जीएसटी, रॉयल्टी जैसे राजस्व की चोरी कर रहा है। मैसर्स तिरुपति रोडवेज माइन ने तय सीमा से अधिक मात्रा में खनिज निकाल रहा है। उक्त कंपनी को रत्तेवाली पंचकूला में खनिज निकालने का ठेका दिया गया था। रत्तेवाली, जिला में उपरोक्त फर्म के खनन स्थल पर औचक जांच करने का निर्णय लिया गया। 11 मई 2022 को औचक जांच के दौरान विभिन्न दस्तावेज पुलिस ने अपने कब्जे में लिए। दस्तावेजों की जांच से पता चला कि दिनांक 5 मई 2022 से 11 मई 2022 तक पांच दिन में कुल 1868 ट्रक और डंपर सामग्री बाहर ले जाते पाए गए। केवल 518 ट्रकों और डंपरों के जीएसटी एवं रॉयल्टी का बिल जारी होना पाया गया। इसके अलावा साइट की हरसैक, गुरुग्राम और खनन विभाग पंचकूला के अधिकारियोंं से जांच कराई गई कि उक्त साइट से कितनी मात्रा में सामग्री निकाली गई है और इस संबंध में एक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी।
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छह गुना ज्यादा सामग्री निकाली
रिपोर्ट से पता चला कि साइट से तय सीमा से करीब छह गुना ज्यादा सामग्री निकाली गई थी। औचक निरीक्षण के दौरान जब्त दस्तावेजों के आधार पर सरकार को हुई हानि का पता चला। जांच में 35 करोड़ रुपये का राजस्व का नुकसान पाया गया। इसके बाद एसीबी में 25 अगस्त 2022 को उक्त कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। 11 मई को एसीबी ने औचक जांच के बाद भी आरोपी गुरप्रीत सिंह ने खनन जारी रखा। इसलिए, खनन विभाग ने जांच की और उक्त आरोपी फर्म पर 134 करोड़ का जुर्माना लगाया।
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देहरादून से किया गया गिरफ्तार
पंचकूला निवासी आरोपी गुरप्रीत सिंह सभरवाल और मैसर्स तिरुपति रोडवेज के मालिक हैं। उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किए गए, लेकिन वह जांच में शामिल होने से बचता रहा। एसीबी ने आरोपी को 12 अप्रैल को देहरादून से गिरफ्तार किया है। अपनी गिरफ्तारी से पहले उन्हें जारी किए गए नोटिस के जवाब में उन्होंने कहा कि वे अपने बीमार पिता की देखभाल करनी है, जो झारखंड के धनबाद के एक अस्पताल में भर्ती हैं और धनबाद जाना है, लेकिन गिरफ्तारी के समय वह देहरादून के होटल में छिपे मिले। इस तरह, वह जांच एजेंसी को गुमराह कर रहे थे। खनन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से तय सीमा से अधिक मात्रा में सामग्री निकाली। आरोपी गुरप्रीत सिंह सभरवाल से रिमांड के दौरान पूरे घोटाले को सुलझाने के लिए उसका पुलिस रिमांड लिया गया है।