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लावारिस पशु मुक्त शहर के लिए तीन तरफा मुहिम शुरू

Mon, 15 Feb 2021 02:29 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 15 Feb 2021 02:29 AM IST
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Three-way campaign for unclaimed animal free city
सेक्टर 11 -15 के चौक पर घूमते लावारिस पशु। - फोटो : PKL OFFICE
पंचकूला। नगर निगम ने शहर को लावारिस पशुओं से मुक्त करने के लिए तीन तरफा मुहिम शुरू कर दी है। इस कड़ी में 15 दिन में ही निगम की टीम ने 165 से अधिक लावारिस पशुओं को गोशालाओं में पहुंचा दिया है। यह क्रम लगातार चलता रहेगा। दूसरी तरफ निगम दुधारू पशुओं का दूध निकालकर सड़कों पर छोड़ने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा निकटवर्ती जिलों और राज्य से पंचकूला की सीमा में लावारिस पशुओं को खदेड़ने वालों पर भी कार्रवाई करने का मन बना लिया है। वर्तमान में पशुओं को गोशालाओं में छोड़ने से सेक्टर-2, 4, 6 और 8 के निवासियों ने राहत की सांस ली है। निगम की टीम ने 90 लावारिस पशुओं को माता मनसा देवी स्थित गोधाम गोशाला पहुंचाया है, जबकि 75 पशुओं को गांव सुखदर्शनपुर स्थित माधव गोधाम में आश्रय दिया है। निगम के अधिकारियों का दावा है कि तीन माह में पंचकूला को लावारिस पशुओं से मुक्त कर दिया जाएगा।
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पुलिस कार्रवाई के लिए रहें तैयार
दूध निकालने के बाद पशुओं को शहर में छोड़ने वाले अब पुलिस की कार्रवाई का सामना करने के लिए भी तैयार रहें। नगर निगम के मेयर कुलभूषण गोयल ने विभागीय अधिकारियों को आदेश दिया है कि वह ऐसे लोगों के साथ सख्ती से पेश आएं। उन्होंने बताया कि जानकारी मिली है कि बड़ी संख्या में लोग दूध निकालने के बाद पशुओं को सड़क किनारे छोड़ देते हैं। ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए योजना बनाई गई है। निगम टीम सड़क किनारे घूमने वाले पशुओं को पकड़ कर गोशाला पहुंचाएगी। इसके बाद यदि कोई उन्हें छुड़ाने की कोशिश करेगा तो उससे जुर्माना वसूला जाएगा। यदि वह दोबारा पशु को खुले में छोड़ता है तो उसके खिलाफ संबंधित थाने में केस भी दर्ज करवाया जाएगा।
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पंचकूला में कुल 18 हजार पशु
पंचकूला शहर में 18 हजार लावारिस पशु हैं। इसका खुलासा एक सर्वे के बाद तैयार की गई रिपोर्ट में हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से अधिकांश पशु पंचकूला के साथ लगते पंजाब क्षेत्र से हैं। निगम को जानकारी यह भी मिली है कि रात के समय पंजाब के लोग लावारिस पशुओं को पंचकूला की तरफ खदेड़ देते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इनकी पहचान करने के लिए बॉर्डर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता ली जाएगी। वहीं, दूसरी तरफ नगर निगम के इस कदम को शहरवासियों ने सराहा है।
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सड़क हादसों में आएगी कमी
पंचकूला शहर लावारिस पशुओं से मुक्त होने के साथ जहां सेक्टरवासी राहत की सांस लेंगे, वहीं सड़क हादसों में भी कमी आएगी। पशुओं के चलते प्रतिवर्ष शहर में 10 से 12 ऐसे हादसे होते हैं, जिसमें लोगों के जानमाल का नुकसान होता है। पिछले साल ही पंचकूला जिले में पशुओं की वजह से करीब पांच लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा, जबकि सात से दस लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
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