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इस साल 162 से ज्यादा परिवार टूटने से बचा चुकी जिला पुलिस
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पंचकूला। परिवारों में गृह क्लेश को लेकर विवाद होने पर जिला पुलिस की ओर से की जा रही काउंसलिंग की वजह से इस साल अभी तक जिले के 162 परिवार टूटने से बच चुके हैं। दोनों पक्षों के बीच होने वाले विवाद की जड़ तक जाकर इसका समाधान पुलिस की ओर से किया जाता है, जिससे परिवार एक साथ रह सकें। इसके लिए जिला पुलिस ने सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाई हुई है। काउंसलिंग के माध्यम से 2020 से लेकर अब तक पुलिस कुल 1985 विवादों को सुलझा चुकी है जो महज गलतफहमी के कारण हो गए थे और बात पुलिस स्टेशन तक पहुंच गई थी।
दरअसल होता यह है कि कई बार परिवारों में आपस में हुई छोटी-छोटी बातें विवाद का रूप ले लेती हैं। वहीं, कई बार गलतफहमी के कारण भी पति-पत्नी में विवाद हो जाता है। ऐसे मामले यहीं नहीं रुकते और शिकायत पुलिस को कर दी जाती है। पुलिस के पास शिकायत आने के बाद पुलिस की ओर से इस बात की जांच की जाती है कि असल में मुद्दा क्या है। अगर महिला के साथ सच में कोई अपराध हुआ है या उसे प्रताड़ित किया गया है तो उसकी शिकायत के आधार पर आरोपी पर केस दर्ज कर दिया जाता है। अगर मामला वैचारिक मतभेद का हो तो फिर काउंसलिंग कर दोनों के बीच सुलह करवा दी जाती है।
समय नहीं देने के आते हैं सबसे ज्यादा मामले
महिला थाना प्रभारी ने बताया कि पारिवारिक विवाद में सबसे ज्यादा मामले महिलाओं को पति की ओर से समय नहीं दिए जाने के आते हैं। जांच में पता चलता है कि पति कामकाज के सिलसिले में समय नहीं दे पाता है। ऐसे में फिर दोनों पक्षों को समझाया जाता है कि दोनों के बीच विवाद से बच्चों के भविष्य पर गलत असर पड़ेगा। दोनों की काउंसलिंग की जाती है और आपस में सुलह करवाई जाती है।
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यह है कार्रवाई की प्रक्रिया
सभी पुलिस थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाई गई है, जहां एएसआई स्तर की महिला अधिकारी को नियुक्त किया गया है। वहां दोनों पक्षों की काउंसलिंग की जाती है। अगर मामला अपराध का हो तो केस दर्ज किया जाता है और अगर सिर्फ पारिवारिक विवाद हो तो उन्हें समझाया जाता है। हेल्प डेस्क पर बात नहीं बनती है तो सेक्टर-1 स्थित डालसा केंद्र के मीडिएशन सेंटर में भी दोनों पक्षों की तीन बार काउंसलिंग की जाती है। अगर वहां भी दोनों पक्षों के बीच सुलह नहीं होती है तो फिर कानूनी कार्रवाई की जाती है।
अपराध होने पर लेते हैं एक्शन
पुलिस का काम नागरिकों की सुरक्षा करना है। अगर किसी भी महिला के खिलाफ कोई अपराध होता है तो उस पर तुरंत एक्शन लिया जाता है। मगर कई बार जो विवाद होते हैं वो मामूली बातों पर हो जाते हैं। इसलिए परिवारों को टूटने से बचाने के लिए दोनों पक्षों की काउंसलिंग करके उनके विवाद को समाप्त करवा दिया जाता है।
- मोहित हांडा, पुलिस आयुक्त, पंचकूला
छोटी-छोटी बातों पर होते जाते हैं विवाद
जिले में कुल 10 पुलिस थाने हैं और 17 पुलिस चौकी हैं। यहां हर रोज इस प्रकार की कोई न कोई शिकायत आती ही रहती है। कई बार छोटी-छोटी बातों पर पति-पत्नी के बीच विवाद हो जाते हैं। इनमें पूरा खर्च नहीं मिलना, बच्चे की देखभाल में सहयोग नहीं मिलना, घर के काम को लेकर या फिर किसी भी चीज को लेकर पसंद नापसंद पर मतभेद होने के कारण भी विवाद हो जाते हैं। अगर संयम और गंभीरता से विचार किया जाए तो ऐसे मामले पुलिस तक पहुंचने की जरूरत ही नहीं होती।
-नेहा चौहान, महिला थाना प्रभारी
तीन साल में पुलिस के पास पहुंची शिकायतों का आंकड़ा
वर्ष शिकायतें सुलह कार्रवाई
2020 1179 871 308
2021 1128 952 176
2022 266 162 104
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दरअसल होता यह है कि कई बार परिवारों में आपस में हुई छोटी-छोटी बातें विवाद का रूप ले लेती हैं। वहीं, कई बार गलतफहमी के कारण भी पति-पत्नी में विवाद हो जाता है। ऐसे मामले यहीं नहीं रुकते और शिकायत पुलिस को कर दी जाती है। पुलिस के पास शिकायत आने के बाद पुलिस की ओर से इस बात की जांच की जाती है कि असल में मुद्दा क्या है। अगर महिला के साथ सच में कोई अपराध हुआ है या उसे प्रताड़ित किया गया है तो उसकी शिकायत के आधार पर आरोपी पर केस दर्ज कर दिया जाता है। अगर मामला वैचारिक मतभेद का हो तो फिर काउंसलिंग कर दोनों के बीच सुलह करवा दी जाती है।
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समय नहीं देने के आते हैं सबसे ज्यादा मामले
महिला थाना प्रभारी ने बताया कि पारिवारिक विवाद में सबसे ज्यादा मामले महिलाओं को पति की ओर से समय नहीं दिए जाने के आते हैं। जांच में पता चलता है कि पति कामकाज के सिलसिले में समय नहीं दे पाता है। ऐसे में फिर दोनों पक्षों को समझाया जाता है कि दोनों के बीच विवाद से बच्चों के भविष्य पर गलत असर पड़ेगा। दोनों की काउंसलिंग की जाती है और आपस में सुलह करवाई जाती है।
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यह है कार्रवाई की प्रक्रिया
सभी पुलिस थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाई गई है, जहां एएसआई स्तर की महिला अधिकारी को नियुक्त किया गया है। वहां दोनों पक्षों की काउंसलिंग की जाती है। अगर मामला अपराध का हो तो केस दर्ज किया जाता है और अगर सिर्फ पारिवारिक विवाद हो तो उन्हें समझाया जाता है। हेल्प डेस्क पर बात नहीं बनती है तो सेक्टर-1 स्थित डालसा केंद्र के मीडिएशन सेंटर में भी दोनों पक्षों की तीन बार काउंसलिंग की जाती है। अगर वहां भी दोनों पक्षों के बीच सुलह नहीं होती है तो फिर कानूनी कार्रवाई की जाती है।
अपराध होने पर लेते हैं एक्शन
पुलिस का काम नागरिकों की सुरक्षा करना है। अगर किसी भी महिला के खिलाफ कोई अपराध होता है तो उस पर तुरंत एक्शन लिया जाता है। मगर कई बार जो विवाद होते हैं वो मामूली बातों पर हो जाते हैं। इसलिए परिवारों को टूटने से बचाने के लिए दोनों पक्षों की काउंसलिंग करके उनके विवाद को समाप्त करवा दिया जाता है।
- मोहित हांडा, पुलिस आयुक्त, पंचकूला
छोटी-छोटी बातों पर होते जाते हैं विवाद
जिले में कुल 10 पुलिस थाने हैं और 17 पुलिस चौकी हैं। यहां हर रोज इस प्रकार की कोई न कोई शिकायत आती ही रहती है। कई बार छोटी-छोटी बातों पर पति-पत्नी के बीच विवाद हो जाते हैं। इनमें पूरा खर्च नहीं मिलना, बच्चे की देखभाल में सहयोग नहीं मिलना, घर के काम को लेकर या फिर किसी भी चीज को लेकर पसंद नापसंद पर मतभेद होने के कारण भी विवाद हो जाते हैं। अगर संयम और गंभीरता से विचार किया जाए तो ऐसे मामले पुलिस तक पहुंचने की जरूरत ही नहीं होती।
-नेहा चौहान, महिला थाना प्रभारी
तीन साल में पुलिस के पास पहुंची शिकायतों का आंकड़ा
वर्ष शिकायतें सुलह कार्रवाई
2020 1179 871 308
2021 1128 952 176
2022 266 162 104