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Panchkula News: 17 करोड़ की लागत से नगर निगम की इमारत का कार्य होगा पूरा

Sat, 10 May 2025 01:44 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 10 May 2025 01:44 AM IST
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The work of the Municipal Corporation building will be completed at a cost of 17 crores
पंचकूला। सेक्टर-3 में अधूरी पड़ी नगर निगम की इमारत का काम पूरा करवाने के लिए एक बार फिर से टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार चार कंपनियों ने निर्माण के लिए आवेदन किया है। इनमें मैसर्ज परमेश्वर दयाल एसपीजी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रालि, इकबाल कंस्ट्रक्शन कंपनी और एमएम एनव्रो इंजीनियर्स शामिल हैं। ये चारों कंपनियां अधूरी पड़ी निगम की इमारत का काम पूरा करने की इच्छुक हैं।
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पहले तीन बार टेंडर लगाने पर कोई भी कंपनी सामने नहीं आई थी। पिछली बार चार कंपनियों ने आवेदन किया था, लेकिन तकनीकी कमियों के चलते निगम अधिकारियों ने सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें इन्हीं चार कंपनियों ने फिर से आवेदन किया है।
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अधूरी इमारत बनी लोगों की परेशानी की वजह



पंचकूला नगर निगम की इमारत लंबे समय से अधूरी पड़ी हुई है। फिलहाल निगम के कार्यालय तीन अलग-अलग सेक्टरों - 4, 12ए और 14 में बंटे हुए हैं। आम लोगों को अपने काम करवाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। निगम की एकल इमारत का निर्माण सेक्टर-3 में किया जा रहा था, लेकिन यह काम भी अधर में लटक गया।
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कोर्ट केस के कारण रुका निर्माण कार्य



यह प्रोजेक्ट 2020 में शुरू हुआ था, जिसे अप्रैल 2021 तक पूरा किया जाना था। नगर निगम ने दिसंबर 2019 में इस इमारत का ठेका 29.49 करोड़ रुपये में दिया था। ठेकेदार कंपनी ने सबलेटिंग और देरी के चलते काम समय पर पूरा नहीं हो सका। निगम ने अनुबंध समाप्त कर कंपनी पर 2.94 करोड़ रुपये का हर्जाना लगाया और 1.47 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त कर ली। इसके बाद कंपनी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।



पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने निगम को निर्देश दिया कि अधूरी बिल्डिंग का कार्य ठेकेदार के जोखिम और लागत पर पूरा करवाया जाए। हालांकि, कंपनी ने दोबारा कोर्ट में जाकर टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए, जिसके बाद यह प्रक्रिया फिर से रोक दी गई। हाल ही में हाई कोर्ट की एकल पीठ ने मामले को मध्यस्थता न्यायालय को सौंपते हुए विवाद सुलझाने की सलाह दी है।




जोखिम और लागत की शर्त हटाकर नया टेंडर



स्थानीय निकाय विभाग ने अब जोखिम और लागत की शर्त हटाकर नगर निगम को नया टेंडर जारी करने की अनुमति दे दी है। निगम ने इस मंजूरी के बाद ई-टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधूरी इमारत का ढांचा खड़ा हो चुका है, अब टाइल्स, पेंटिंग, बिजली और फिनिशिंग का कार्य बाकी है। पूर्व ठेकेदार ने करीब 11 करोड़ रुपये का कार्य किया था, जबकि शेष 17 करोड़ रुपये का कार्य अब किया जाना है।
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